पंजाब सरकार की सुन नहीं रहे किसान!
पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले इस साल ज्यादा मामले सामने आए हैं.

पंजाब सरकार लगातारदावा कर रही है कि इस बार उनके राज्य में पिछले साल के मुकाबले पराली जलाने कीघटनाएं कम हुईं हैं. लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं. पंजाब प्रदूषणनियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) के मुताबिक राज्य में पिछले साल पराली जलाने की 42,046घटनाएं सामने आईं थीं लेकिन इस बार 12 नवंबर तक 43,353 घटनाएं दर्ज की जा चुकीहैं.
दरअसल गेहूं की बुआई15 नवंबर से शुरू होनी है. ऐसे में किसान जल्द से जल्द खेतों से धान की फसल केअवशेष हटाने में लगें हैं. पंजाब के किसानों का कहना है कि पराली निस्तारण योजनासे हर किसान पर6,000 रु. से 8,000 रु. का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. भला ऐसे मेंकिसान क्या करें?
पंजाब में कृषि विभागमें सचिव और एंटी क्रॉप बर्निंग टीम प्रमुख के.एस.पन्नू ने 16 अक्टूबर को इंडियाटुडे से बातचीत के दौरान कहा था, '' ऐसा नहीं है कि किसान हमारी सुन नहीं रहे. क्योंकि पिछले साल इससमय तक क्राप बर्निंग के मामलों के मुकाबले इस बार अब तक आधे मामले सामने आए हैं.'' वे बताते हैं कि विभाग की तरफ सेस्थानीय अखबारों में इश्तिहार दिया गया है कि पराली न जलाने पर किसानों कोसरकार मदद कर रही है.
चार ऐसे किसानों केफोन नंबर भी दिए गए हैं जिन्होंने अपने खेत में पराली नहीं जलाई बल्कि मशीन से उसकानिस्तारण करवाया.'' आंकड़ेका हवाला देकरके.एस. पन्नू कहते हैं, पिछलेसाल 27 सितंबर से लेकर 17अक्तूबर तक 3141 मामले पराली जलाने के आए थे जबकि इस बार1212 मामले ही आए हैं. के.एस.पन्नू से दोबारा बात करने की कोशिश की गई लेकिन बातचीत नहीं हो पाई. इसलिए ये कहना कि किसान जिदपर अड़े हैं मान नहीं रहे, गलतहोगा. लेकिन आंकड़ों से साफ है कि किसान वाकई सरकार की सुन नहीं रहे.
दिल्ली की हवा हुई खतरनाक
दिल्ली में दीवाली केदूसरे दिन से हवा की गुणवत्ता का स्तर खतरनाक स्तर पहुंच गया. पिछले छह दिन सेदिल्लीवासी प्रदूषण के इसी खतरनाक स्तर में सांस लेने को मजबूर हैं. प्रदूषणकंट्रोल बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में बह रही है जहरीली हवा.
| तारीख | एअर क्वालिटी इंडेक्स |
| 13 नवंबर 2018 | 411 (रात नौ बजे) |
| 12 नवंबर 2018 | 409 |
| 11 नवंबर 2018 | 405 |
| 10 नवंबर 2018 | 401 |
| 09 नवंबर 2018 | 423 |
एअर क्वालिटी इंडेक्स 1-100 तक संतोषजनक होती है. 100-200 तकमॉडरेट, 200-300 खराब, 300-400 बहुत खराब और 400 से ज्यादा खतरनाक होती है.
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