आगरा के जरिए योगी सरकार को घेरने में जुटीं प्रियंका गांधी
यूपी में कोरोना रोकथाम के आगरा मॉडल पर सवाल खड़े करके चर्चा में आईं प्रियंका गांधी ताजनगरी से जुड़ी हर समस्या को सोशल मीडिया पर उठा रही हैं.

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी यूपी की योगी आदित्यनाथ की सरकार को घेरने की हर कोशिश कर रही हैं. यूपी में कोरोना रोकथाम के आगरा मॉडल पर सवाल खड़े करके चर्चा में आईं प्रियंका गांधी ताजनगरी से जुड़ी हर समस्या को सोशल मीडिया पर उठा रही हैं. शनिवार, 27 जून की सुबह कांग्रेस महासचिव ने फेसबुक पर पिनाहट के जोधपुरा के सुनील की पत्नी शिप्पी को बीहड़ में शौच को जाने पर प्रसव होने और जंगली जानवरों द्वारा उसके बच्चे को ले जाने की घटना पर पोस्ट की.
प्रियंका गांधी ने लिखा कि यह घटना झकझोर कर रख देने वाली है. आगरा के जोधापुरा गांव में रहने वाली महिला के ससुर के अनुसार शौचालय न होने के चलते महिला जंगल में शौच करने गई थी, जबकि ग्राम पंचायत को पहले ही ओडीएफ मुक्त घोषित कर दिया गया है. पीड़ित परिवार शौचालय बनवाने की मांग कर रहा था, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी. जोधपुरा के ग्रामीणों ने क्षेत्र में गर्भवतियों के लिए उचित सुविधाएं न होने का भी गंभीर आरोप लगाया है. इस दुखद घटना ने उत्तर प्रदेश की बदतर चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ स्वच्छ भारत मिशन के दावों की भी पोल खोल दी है.
प्रियंका गांधी का ट्वीट आते ही आगरा जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया. प्रशासन ने नवजात के अवशेषों की बरामदगी के लिए पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम गठित की. थाना प्रभारी पिनाहट कुंवर पाल सिंह और वन दारोगा ओमकार सिंह ने बीहड़ में कई घंटे खोजबीन की लेकिन कोई भी अवशेष नहीं मिला. पिछले दिनों प्रियंका गांधी ने आगरा में 48 घंटे के अंदर कोरोना संक्रमित 28 लोगों की मौत होने का ट्वीट किया था. इसके बाद से प्रियंका गांधी और आगरा जिला प्रशासन आमने-सामने आ गए थे. मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश मिलने के बाद आगरा के जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने प्रियंका गांधी को नोटिस भेजा था, जिसके बाद प्रियंका ने दूसरा ट्वीट किया. इस ट्वीट में प्रियंका ने आगरा में कोरोना संक्रमितों की मृत्युदर दिल्ली और मुंबई से अधिक होने का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से 48 घंटे में जवाब देने की मांग की थी.
आगरा प्रशासन ने इस ट्वीट को ही खंडन मानते हुए कोई कार्रवाई न करने का निर्णय लिया था. राजनीतिक विश्लेषक और कानपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. एस. एन. राय बताते हैं, “चूंकि यूपी में आगरा की विश्व प्रसिद्ध पहचान है. आगरा के बारे में विश्व भर के लोग जानना चाहते हैं. इसीलिए प्रियंका गांधी आगरा से जुड़े मुद्दों को उठाकर योगी सरकार के खिलाफ महौल बनाना चाहती हैं.”
कांग्रेस बेहद आक्रामक ढंग से योगी सरकार के खिलाफ मुद्दों को उठाकर माहौल बनाना चाहती है. इसके लिए चेहरे के रूप में प्रियंका गांधी ने खुद को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुकाबिल खड़ा किया है. योगी सरकार के कामकाज के खिलाफ प्रियंका गांधी लगातार सोशल मीडिया के जरिए हल्ला बोल रही हैं. प्रियंका गांधी ने यूपी के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पार्टी के शीर्ष दो दर्जन पदाधिकारियों को लेकर एक व्हाट्सऐप ग्रुप भी बनाया है जिसके जरिए उन तक सभी सूचनाएं पहुंच रही हैं. इन पदाधिकारियों ने भी अलग-अलग जोनवार अपने व्हाट्सऐप ग्रुप बना रखे हैं. इनपर आने वाली महत्वपूर्ण सूचनाओं को यह प्रियंका गांधी के ग्रुप में डाल देते हैं और प्रियंका गांधी का कार्यालय इसे क्रॉसचेक कर उसे ट्वीट करता है.
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