यूपी की जेलों में बनेंगी पीपीई किट

यूपी की जेलों में कैदी पहले से ही मास्क और सेनेटाइजर बना रहे थे. डॉ. राजीव लोचन ने इनसे पीपीई किट भी कैदियों के जरिए तैयार करवाने का सुझाव दिया. आनंद कुमार को जानकारी हुई कि लखनऊ के आदर्श जेल में कुछ ऐसे कैदी हैं जिन्हें अगर ट्रेनिंग दी जाए तो वह पीपीई किट तैयार कर सकते हैं. फिर ऐसे कैदियों को चिन्हित कर उन्हें आनलाइन ट्रेनिंग दिलाई गई. पीपीई किट तैयार करने के लिए जरूरी सामान लखनऊ के आदर्श जेल में जुटाया गया. बस दो दिन में आदर्श जेल के कैदियों ने पीपीई किट तैयार कर दी.

फोटोः आशीष मिश्र
फोटोः आशीष मिश्र

एक हफ्ते पहले जैसे ही तब्लीगी जमात के कोरोना पाजिटिव मरीज लगातार लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में पहुंचने लगे, अस्पताल में जरूरी संसाधनों को जुटाना भी एक चुनौती बन गई थी. सबसे ज्यादा जरूरत पर्सनल प्रोटेक्टशन एक्विपमेंट (पीपीई) किट की थी जिसे डाक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मियों के उपयोग में आना था.

सरकार ने बड़ी संख्या में पीपीई किट अस्पताल भेजी थी लेकिन अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव लोचन रिजर्व में भी पीपीई किट की संख्या बढ़ाना चाहते थे. इसके लिए इन्होंने पुलिस महानिदेशक जेल आनंद कुमार से संपर्क किया.

यूपी की जेलों में कैदी पहले से ही मास्क और सेनेटाइजर बना रहे थे. डॉ. राजीव लोचन ने इनसे पीपीई किट भी कैदियों के जरिए तैयार करवाने का सुझाव दिया. आनंद कुमार को जानकारी हुई कि लखनऊ के आदर्श जेल में कुछ ऐसे कैदी हैं जिन्हें अगर ट्रेनिंग दी जाए तो वह पीपीई किट तैयार कर सकते हैं. फिर ऐसे कैदियों को चिन्हित कर उन्हें आनलाइन ट्रेनिंग दिलाई गई.

पीपीई किट तैयार करने के लिए जरूरी सामान लखनऊ के आदर्श जेल में जुटाया गया. बस दो दिन में आदर्श जेल के कैदियों ने पीपीई किट तैयार कर दी. बलरामपुर अस्पताल के डॉक्टरों ने खुद इस पीपीई किट को पहनकर उसका परीक्षण किया. इस पीपीई किट की गुणवत्ता से डॉक्टर इतने संतुष्ट हुए कि बलरामपुर अस्पताल ने फौरन लखनऊ की आदर्श जेल को 150 पीपीई किट तैयार करने का आर्डर थमा दिया.

डीजी जेल आनंद कुमार बताते हैं “बलरामपुर अस्पताल ने 150 पीपीई किट की मांग की थी जिसमें 50 किट तैयार करवाकर उन्हें सप्लाई भी कर दिया गया है. जल्द ही सारी पीपीई किट तैयार कर अस्पताल को सौँप दिया जाएगा. अन्य अस्पतालों से आर्डर मिलने पर दूसरी जेलों में भी पीपीई किट तैयार करानी शुरू कर दी जाएगी.”

इससे पहले कोरोना का प्रकोप बढ़ने पर यूपी की जेलों में बड़े पैमाने पर मास्क का निर्माण हो रहा है.

आनंद कुमार बताते हैं “प्रदेश की 71 में से 67 में मास्क बनाने का काम हो रहा है. औसतन 25 हजार मास्क रोज यूपी की जेलों में तैयार किए जा रहे हैं. अब तक यूपी की जेलों में साढ़े चार लाख से अधिक मास्क तैयार किए जा चुके हैं.” सबसे अधिक लखनऊ और गाजियाबाद की जेलों में मास्क का निर्माण हो रहा है. जेलों में बड़े पैमाने पर मास्क का निर्माण किए जाने से दूसरे विभागों में भी इनकी सप्लाई शुरू कर दी गई है.

अबतक पुलिस, चिकित्सा, परिवहन, पीएसी, जीआरपी जैसे विभागों में जेलों में बने मास्क सप्लाई किए जा रहे हैं. अबतक एक लाख से अधिक मास्क दूसरे विभागों में भेजे जा चुके हैं. आनंद कुमार बताते हैं “जेलों में जो मास्क तैयार किए जा रहे हैं, उन्हें डाक्टर की सलाह के बाद मानक के अनुरूप कपड़े से तैयार किया जा रहा है.” यह मास्क चार रुपए में बन जाते हैं. इनकी सप्लाई पांच रुपए में की जाती है. जेल में बंदी मास्क के अलावा सेनेटाइजर बनाने का काम भी कर रहे हैं जिनका उपयोग जेल में सेनेटाइजेशन के लिए हो रहा है.

***

Read more!