पटरी दुकानदारों के लिए बनेंगे 'मल्टीपर्पज बाजार'
यूपी सरकार छोटे और पटरी दुकानदारों के पुनर्वास के लिए नई गाइडलाइंस तैयार कर रही है. नगर विकास विभाग के सुझाव के मुताबिक, शहरी क्षेत्र के पटरी और छोटे दुकानदारों के लिए ‘मल्टीपर्पज बाजार' बनाए जाएंगे.

कोरोना संक्रमण के चलते सबसे ज्यादा नुकसान शहरों के छोटे और पटरी दुकानदारों को हुआ है. लॉकडाउन लागू होने के बाद इनका धंधा पूरी तरह से चौपट हो गया. केंद्र सरकार से राहत पैकेज घोषित होने के बाद प्रदेश की योगी सरकार इन छोटे और पटरी दुकानदारों के पुनर्वास के लिए नई गाइडलाइंस तैयार कर रही है. इसके लिए नगर विकास विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है. प्रदेश के कुल 17 नगर निगम और अन्य स्थानीय निकायों में 6 लाख से अधिक पटरी दुकानदार पंजीकृत हैं.
नगर विकास विभाग ने अपना सुझाव सरकार को भेज दिया है. इसके मुताबिक, शहरी क्षेत्र के पटरी और छोटे दुकानदारों के लिए ‘मल्टीपर्पज बाजार' बनाए जाएंगे. निजी सहभागिता यानी पीपीपी मॉडल पर इसका निर्माण कराया जाएगा और इसके लिए निकाय जमीन की व्यवस्था करेंगे. प्रस्ताव के मुताबिक, मल्टीपर्पज बाजार खासकर मलिन बस्तियों या झुग्गी-झोपड़ी वाले स्थानों पर बनवाया जाएगा. इसके लिए पीपीपी मॉडल पर काम करने वालों को टेंडर के माध्यम से आमंत्रित किया जाएगा. मल्टीपर्पज बाजार बनाने वाले बिल्डर को इस स्थान पर कुछ जमीन पर अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी.
शहरों में बनने वाले इस बाजार में वह सभी जरूरी सुविधाएं देने के साथ आसपास जरूरत के आधार पर छोटे-छोटे पार्क भी बनने का सुझाव है. शहरी मजदूरों का इस्तेमाल मनरेगा की तर्ज पर निर्माण कार्यों में भी करने की योजना नगर विकास विभाग बना रहा है. इसके लिए श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों को रोजगार दिया जा सकता है. विभाग ने सुझाव दिया है कि इसके आधार पर काफी संख्या में प्रवासी श्रमिकों और मजदूरों को रोजगार मिलने का रास्ता साफ होगा. नगर विकास विभाग ने सभी जिलों को पटरी दुकानों को दुकान लगाने की गाइडलाइन तैयार करने का भी निर्देश दिया है.
इसी क्रम में लखनऊ के नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी की एक विस्तृत गाइडलाइन को सरकारी मंजूरी के लिए भेजा गया है. इसके मुताबिक, शहर में जिस सड़क पर वेंडरों की संख्या 30 या उससे कम होगी वहीं पर दुकानें लगाने की अनुमति होगी. इसमें भी हर दिन 15-15 दुकानों को ही खोलने की इजाजत होगी, लेकिन खाने-पीने और पान की दुकानों को अनुमति नहीं दी जाएगी. हर वेंडर के बीच एक मीटर की दूरी होगी. साथ ही प्रत्येक दुकान पर डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा. दुकानदारों को मास्क और सैनिटाइजर रखना भी अनिवार्य होगा. दुकान पर आने वाले लोगों का नाम और नंबर भी रखना होगा. दुकान खोलने का समय सुबह 7 से शाम 7 बजे तक होगा.
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