तो मज़ा लीजिए आइपीएल के ग्लैडिएटर्स की लड़ाई का
आइपीएल का सीजन ग्यारह शुरू हो रहा है. पहले ही मैच में खिताब बचाने उतर रही टीम मुंबई इंडियन्स का सामना तूफानी टीम चेन्नै सुपरकिंग्स से है, जो दो साल के बैन के बाद वापसी कर रही है और खुद को साबित करने की पुरजोर कोशिश करेगी

आइपीएल क्या है ?समझिए हमने अपने क्रिकेटरों को ग्लेडिएटरों में बदल दिया है. पहले भारतीय टीम के क्रिकेटरों की छवि भी कैसी थी? बैंक प्रबंधकों जैसे भलेमानस. टाई कोर्ट वाले. स्लिप में खड़े होकर नाखून कुतरने वाले बेचैन हो रहे खिलाड़ी, जो अपने हाथों से टेस्ट मैच फिसलते देख रहे हों.
वक्त बदल गया. कुछ साहसी खिलाड़ियों ने और बाद में बाजार ने, भारत में इस खेल के तेवर को ही बदल दिया. विकेट पाटा होते गए और गेंदबाजों के लिए सीधी लाइन में गेंदबाज़ी करके गेंद को सफेद लकीर की तरह सीमा रेखा के पार जाते देखने के अलावा कोई चारा नहीं बचा. कुट-पिसने के लिए सारे गेंदबाज तैयार हो गए. पैसा अहम रहा इसमें.
बहरहाल, आइपीएल के ग्यारहवें सीज़न की शुरुआत धमाकेदार हो रही है. चिर प्रतिद्वंद्वी चेन्नै सुपर किंग्स और मुंबई इंडियन्स की टीमें भिड़ने को तैयार हैं. साल 2008 में, जब से आइपीएल की शुरुआत हुई है चेन्नै ने कुल 132 मुकाबले खेले हैं और इनमें से 60.6 फीसदी मुकाबलों में जीत के साथ कुल 79 मैच जीत लिए हैं. (याद रखिए वह दो सीजन में बैन था)
दूसरी तरफ मुंबई इंडियन्स ने 157मैचों में 58.3 फीसद मुकाबले जीतते हुए 91 मैच अपने नाम किए हैं.
इन दस सालों में आइपीएल भी बालिग हुआ है और ऐसे ही चेन्नै और मुंबई के बीचप्रतिस्पर्धा और प्रतिद्वंद्विदता भी.
दो साल के प्रतिबंध के बाद सीएसके की वापसी हुई है. अब महेंद्र सिंह धोनी को भी साबित करना है कि उनमें अब भी क्रिकेट बचा हुआ है.
मुंबई इंडियन्स की टीम इस बार खिताब बचाने उतरेगी. वैसे, दो साल के बैन से पहले सीएसके के खेल का जलवा सबने देखा ही था.
इस साल आइपीएल में बहुत कुछ नया है. नया ब्रॉडकास्टर, नए रंग रूप में टीमें, और नए टीम सदस्यों के साथ आइपीएल एक तरह से ओवरहॉल होकर पेश हो रहा है.
वैसे आप इस खेल को टी-20 के दो सबसे कुशाग्र बुद्धियों, रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी (उनकी तो खैर तारीफ ही क्या की जाए) के बीच भिडंत का मौका भी है.
आइपीएल की शुरुआत में लगातार दो खिताब जीतने वाली सीएसके की टीम का खेल हमेशा ऊंचाईयों पर रहा. लेकिन रोहित शर्मा ने मुंबई की कप्तानी संभालने के बाद उसको आइपीएल की सबसे कामयाबी टीमों में तब्दील कर दिया. मुंबई ने पिछले पांच आइपीएल में से तीन के खिताब जीते हैं.
वैसे सीएसके की बैटिंग योजना के केंद्र में सुरेश रैना होंगे तो मुंबई की तरफ से यह भूमिका खुद रोहित निभाएंगे. यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर रोहित किस नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरते हैं. दूसरी तरफ, दस साल तक मुंबई की ओर से खेल चुके हरभजन सिंह अब चेन्नै की तरफ से गेंद घुमाएंगे जबकि मुंबई की बल्लेबाज़ी के स्तंभ रहे अंबाती रायुडू अब उसके खिलाफ बल्ला चलाएंगे.
एक और मुकाबला किरॉन पोलार्ड और ड्वेन ब्रावो के बीच भी दिखेगा. सीएसके इस दफा मुंबई के लिए कठिन चुनौती पेश करने की पूरी कोशिश करेगा. हालांकि आंकड़ों में दोनों टीमें तो संतुलित दिखती हैं. रैना,फाफ डु प्लेसिस, रायुडू, केदार जाधव और खुद धोनी बैटिंग क्रम को मजबूत करेंगे, तो गेंदबाजी के लिए भज्जी, रवींद्र जाडेजा, इमरान ताहिर और करन शर्मा की फिरकी मौजूद है.
बहरहाल, शाम को इस मुकाबले का मजा लेने से पहले कुछ रिकॉर्ड्स की तरफ नजर डालिए, जिसका अपना खास रिकॉल वैल्यू है.
आइपीएल में सबसे बढ़िया पारी रॉयल चैलेंज बेंगलुरू की रही है जिसने पुणे वॉरियर्स के खिलाफ 5 विकेट पर 263 रन बनाए थे. दूसरी सर्वश्रेष्ठ पारी 248 की रही, जो फिर से बेंगलुरू के ही नाम है और यह उसने गुजरात लायन्स के खिलाफ जोड़ा था. तीसरी पारी 246 रन की थी, जो चेन्नैसुपरकिंग्स ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ बनाए थे.
सबसे खराब प्रदर्शनों में से पहला भी बेंगलुरू के ही नाम है. जब कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ पूरी टीम 10 ओवर भी नहीं खेल पाई थी और सिर्फ 49 रन बना पाई थी. दूसरी बदतरीन पारी 58 रन की थी राजस्थान रॉयल्स की, जो उसने बेंगलुरू के खिलाफ बनाए थे.
वैसे देखना होगा कि क्रिस गेल के 66 गेंदों में 175 के तूफानी पारी के रिकॉर्ड को कोई आइपीएल के इस संस्करण में तोड़ पाता है या नहीं.
फिलहाल, दर्शक अब स्टेडियम में आ ही चुके हैं, मैदान सज चुका है. ग्लेडिटरों ने भी रंग-बिरंगी पोशाकों में अपने मुकुट धारण कर लिए हैं, हाथों में गेंद और कटारनुमा बल्ले लिए इन ग्लैडिएटरों के बवंडर से देखना है कि मनोरंजन कितना होता है और खेल कितना बचता है.
***