वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली के श्मशान घाटों में धुएं की सफाई और फ़िल्टरिंग की तैयारी!

दिल्ली में करीब 50 श्मशान घाट हैं, जहां से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का एक बड़ा स्रोत माना जाता है

निगम बोध घाट, दिल्ली

दिल्ली में श्मशान घाटों से निकलने वाले धुएं से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) एक नई योजना पर काम कर रहा है. इसके तहत राजधानी के श्मशान घाटों में अत्याधुनिक एमिशन कंट्रोल सिस्टम लगाए जाएंगे, ताकि धुएं को साफ कर वातावरण में छोड़ा जा सके.

दिल्ली में करीब 50 श्मशान घाट हैं, जहां से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का एक बड़ा स्रोत माना जाता है. अधिकारियों के अनुसार, इन श्मशान घाटों से PM2.5 और PM10, वोलाटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स (VOCs), कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन और सल्फर ऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन, भारी धातुएं तथा डाइऑक्सिन और फ्यूरान जैसे जहरीले तत्व वातावरण में फैलते हैं.

दिल्ली पर्यावरण विभाग, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और अन्य वैधानिक संस्थाओं के निर्देशों पर MCD ने उन श्मशान घाटों में धुआं खींचने और साफ करने वाली प्रणालियां लगाने की योजना बनाई है, जहां अभी ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है. इन प्रणालियों में वेट और ड्राई स्क्रबर, एक्टिवेटेड कार्बन फ़िल्ट्रेशन सिस्टम और HEPA आधारित स्मॉग यूनिट्स शामिल होंगी, जो धुएं को वातावरण में छोड़ने से पहले साफ करेंगी.

इन एयर क्लीनिंग सिस्टम्स में डक्ट, हुड और सक्शन मैकेनिज़्म लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से धुएं को उचित ऊंचाई वाली चिमनियों तक पहुंचाया जाएगा. वहां धुएं को फिल्टर करने के बाद ही बाहर छोड़ा जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि इन प्रणालियों से PM2.5 और PM10 में 70 से 90 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकेगी और प्रदूषण मानकों का पालन सुनिश्चित होगा.

MCD के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना के लिए आईआईटी खड़गपुर के साथ तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है. उन्होंने कहा, “दिल्ली में यह पहली बार किया जा रहा है. सबसे बड़ी चुनौती यह है कि दाह संस्कार के दौरान निकलने वाले धुएं को उसी स्थान पर नियंत्रित किया जाए, लेकिन वहां मौजूद लोगों को किसी तरह की असुविधा या घुटन महसूस न हो. आईआईटी खड़गपुर हमारे साथ मिलकर ऐसा सिस्टम डिजाइन कर रहा है, जो धुएं को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करे और वेंटिलेशन भी बना रहे.”

फिलहाल तकनीकी मानकों और लागत का आकलन किया जा रहा है. योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार, यह पहल दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने की व्यापक रणनीति का एक अहम हिस्सा होगी.

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