यूपी में गांव, शहर और मल्टीस्टोरी बिल्डिंग की कंटेनमेंट जोन गाइडलाइन बदली
यूपी सरकार ने कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए किये जा रहे रोकथाम के प्रयासों के तहत एक बार फिर कंटेनमेंट जोन की गाइडलाइन में बदलाव किया है.

यूपी सरकार ने कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए किये जा रहे रोकथाम के प्रयासों के तहत एक बार फिर कंटेनमेंट जोन की गाइडलाइन में बदलाव किया है. शहरी, ग्रामीण और मल्टीस्टोरी बिल्डिंग के लिए अब अलग-अलग गाइडलाइन तैयार की गई है. मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने इसके लिए सभी जिलों को आदेश जारी कर दिए हैं.
नई गाइडलाइन के मुताबिक किसी क्षेत्र में एक या एक ही घर में कई कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने पर उस घर को केंद्र मानकर 250 मीटर के दायरे पर कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा. किसी क्षेत्र में एक से अधिक केस होने पर 500 मीटर का दायरा कंटेनमेंट जोन बनेगा. इस कंटेनमेंट जोन में ही केंद्र से 250 मीटर के दायरे को बफर जोन में तब्दील कर निरोधक कार्रवाई की जाएगी.
बहुमंजिला भवन में एक फ्लोर पर कोरोना पॉजिटिव केस मिलने पर उसी तल को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा और यहां नए मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी. यही एक से अधिक तल पर कोरोना पाजिटिव मरीज मिले तो पूरी बिल्डिंग को कंटेनमेंट जोन में तब्दील कर दिया जाएगा.
वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में किसी इलाके में कोरोना पॉजिटिव केस सामने आने पर राजस्व ग्राम के संबंधित मजरे को ही कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा. गांव के अगल बगल पड़ने वाले दूसरे राजस्व ग्राम के मजरे बफर जोन में आएंगे. औसत जनसंख्या के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में 250 मीटर के दायरे में करीब तीन सौ घर आएंगे और पांच सौ मीटर के दायरे में करीब 12 सौ घर आएंगे. ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद संबंधित मजरे में की आबादी के अनुसार टीमें इस प्रकार लगाइ जाएंगी कि एक दिन में पूरे कंटेनमेंट जोन में लोगों की जांच और सैनेटाइजेशन पूरा हो जाए.
इसी प्रकार नगरीय क्षेत्र में कंटेनमेंट जोन के 300 घरों को एक दिन में आच्छादित करने के लिए कम से कम उस क्षेत्र में तीन टीमें लगाई जाएंगी. शहरी क्षेत्र में एक से अधिक संक्रमण के मामले वाले कंटेनमेंट जोन में 500 मीटर के दायरे के 1,200 घरों को कवर करने के लिए 12 टीमें लगाई जाएंगी जिससे की एक टीम करीब सौ घरों का भ्रमण कर सके.
प्रदेश में कोरोना संक्रमण से प्रभावित मरीजों के उपचार, महामारी के प्रसार के रोकथाम आदि के लिए शासन ने प्रदेश के 18 मंडलायुक्तों के अधीन सभी 75 जिलों के लिए एक-एक नोडल अफसर नामित कर दिया है. यह नोडल अफसर संबंधित मंडलायुक्त के अधीन जिलों में कोरोना संक्रमण के उपचार और रोकथाम के कार्यो की निगरानी करेंगे. नामित किए गए नोडल अफसरों में दो तिहाई आइएएस और बाकी पीसीएस अधिकारी हैं. नियुक्ति विभाग की ओर से इस बारे में शुक्रवार को शासनादेश जारी कर दिया गया है.
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