सीएम चेहरे को लेकर असमंजस में भाजपा
केरल में श्रीधरन का नाम घोषित कर प्रदेश इकाई ने उनका नाम लिया वापस. पश्चिम बंगाल में सौरभ गांगुली को साधने की कोशिश.

केरल विधानसभा चुनाव में भाजपा का सीएम चेहरा मेट्रोमैन श्रीधरन होंगे या नहीं, इसको लेकर पार्टी की राज्य इकाई में भ्रम की स्थिति है. पश्चिम बंगाल का चुनाव भाजपा सीएम उम्मीदवार घोषित कर लड़ेगी या नहीं, यह भी अभी तक स्पष्ट नहीं है. असम में मौजूदा सीएम सर्वानंद सोनेवाल को ही सीएम प्रोजेक्ट करते हुए भाजपा चुनाव लड़ रही है या नहीं, इसको लेकर भी कुछ कहा नहीं गया है. 2014 के बाद से लेकर जितने भी विधानसभा चुनाव हुए हैं उसमें (कुछ को छोड़कर) सीएम के चेहरे को लेकर भाजपा हमेशा ही असहज स्थिति में रही है.
2015 में बिहार के विधानसभा चुनाव में भाजपा, बिना जद (यू) के चुनाव मैदान में थी लेकिन किसी को सीएम घोषित नहीं किया गया. 2016 में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी और केरल के चुनाव में भी पार्टी ने किसी को सीएम घोषित नहीं किया था. 2017 में उत्तर प्रदेश, गुजरात, गोवा, उत्तराखंड जैसे राज्यों के चुनाव में भी पार्टी बिना सीएम घोषित किए चुनाव मैदान में उतरी. अलबत्ता 2018 में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, रमन सिंह और वसुंधरा राजे सिंधिया को प्रोजेक्ट कर चुनाव में गई, लेकिन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा. 2019 में ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भी चुनाव हुए लेकिन पार्टी ने सीएम उम्मीदावर घोषित नहीं किए.
इस साल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है और 2 मई को चुनाव नतीजे आएंगे, लेकिन भाजपा सीएम चेहरे के मुद्दे पर असहज स्थिति में है. भाजपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी के अंदर यह राय बन रही है कि केरल जैसे राज्य में संगठन के लिहाज से पार्टी, विपक्ष को टक्कर देने की स्थित में नहीं है इसलिए श्रीधरण को चेहरा घोषित कर पार्टी को लाभ हो सकता है. इसी को देखते हुए प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने बीते बृहस्पतिवार (4 मार्च) को श्रीधरण को सीएम उम्मीदवार घोषित कर दिया. कुछ देर बाद ही केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने भी इसकी पुष्टि की. लेकिन शाम होते ही दोनों को अपने बयान से पीछे हटते हुए यह कहना पड़ा कि अभी सीएम उम्मीदवार को लेकर फैसला नहीं हुआ है.
पश्चिम बंगाल में भाजपा चाह रही है कि किसी को सीएम उम्मीदवार के रूप में भले घोषित नहीं किया जाए लेकिन कोई ऐसा चेहरा पीएम की रैली में उपस्थित रहे, जिसको लेकर यह संदेश जाए कि अमुक व्यक्ति सीएम का चेहरा है. इसके लिए भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली के नाम की कयासबाजी हो रही है. सूत्रों का कहना है कि रविवार (7 मार्च) को पीएम की कोलकाता रैली के मंच पर सौरभ गांगुली को लाने की कोशिश चल रही है. पड़ोसी राज्य असम में भी सीएम चेहरे को लेकर असमंजस की स्थिति है. यहां निवर्तमान सीएम सर्वानंद सोनेवाल के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की जगह भाजपा सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की बात कर रही है. यानी यदि पार्टी जीतती है तो सोनेवाल सीएम बनेंगे या नहीं यह अभी तय नहीं है.
***