वसुंधरा राजे की पीएम मोदी से मुलाकात के बाद क्या अटकलें लग रहीं?

वसुंधरा राजे 9 मार्च को अपने बेटे-बहू और पोते सहित पूरे परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मिली थीं

Vasundhar raje with PM Modi
वसुंधरा राजे अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री मोदी के साथ

राजस्थान की राजधानी में महिला दिवस से पहले शक्ति प्रदर्शन और दिल्ली में प्रधानमंत्री से सपरिवार मुलाकात के बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की राजनीतिक सक्रियता इन दिनों अचानक बढ़ती दिखाई दे रही है.

महिला दिवस व अपने जन्मदिन से एक दिन पहले जयपुर में हुए बड़े कार्यक्रम में उनका शक्ति प्रदर्शन और इसके ठीक बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सपरिवार मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयासों को हवा दे दी है.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लंबे समय से अपेक्षाकृत शांत दिख रही वसुंधरा राजे की यह सक्रियता महज संयोग नहीं है. माना जा रहा है कि BJP के भीतर उनके लिए किसी नई भूमिका को लेकर मंथन चल रहा है और इन गतिविधियों में उसी के संकेत दिखाई दे रहे हैं.

राजनीतिक विश्लेषक अजय पुरोहित कहते हैं, "लंबे समय बाद जिस तरह वे लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों और दिल्ली की मुलाकातों में नजर आ रही हैं, उससे साफ संकेत मिलता है कि पार्टी के भीतर उनके लिए किसी नई भूमिका की तैयारी चल रही है."
 
मार्च की 7 तारीख को जयपुर में हुए 'सशक्त युवा-सशक्त राष्ट्र' कार्यक्रम में हजारों युवाओं के बीच वसुंधरा राजे अकेली राजनीतिक शख्सियत थीं. उन्होंने "हम भी दरिया हैं, हमें अपना हुनर मालूम है, जिस तरफ भी चल पड़ेंगे, रास्ते हो जाएंगे," शायरी के माध्यम से यह संदेश दिया कि उनका राजनीतिक अनुभव और जनाधार अभी-भी मजबूत है. उनकी सियासी यात्रा खत्म नहीं हुई है और वे किसी भी नई भूमिका के लिए तैयार हैं. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि पद के पीछे मत भागो, अगर आपमें काबिलियत है तो पद खुद आपके पास आएगा.
 
जन्मदिन के अगले दिन दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से वसुंधरा राजे की सपरिवार मुलाकात ने भी सियासत में खास संदेश दिया है. मुलाकात के दौरान जिस तरह प्रधानमंत्री ने अपने ठीक बगल में एक जैसी कुर्सी लगवाकर राजे को बैठाया, उसे भी बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. तस्वीरें सामने आने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि पार्टी नेतृत्व अब भी उन्हें सम्मानजनक और अहम भूमिका में देखता है.
 
वसुंधरा राजे 9 मार्च की शाम अपने पूरे परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मिली थीं. इस दौरान उनके बेटे और झालावाड़-बारां से सांसद दुष्यंत सिंह, बहू निहारिका राजे, पोते विनायक प्रताप सिंह और पोती भी मौजूद थे. करीब आधे घंटे चली इस मुलाकात को राजे परिवार जन्मदिन की औपचारिक भेंट बता रहा है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे सिर्फ शिष्टाचार मानने को लेकर संदेह है.
 
दिलचस्प बात यह भी है कि वसुंधरा राजे राजस्थान की दो बार मुख्यमंत्री रही हैं, लेकिन शायद ही कभी उनका पूरा परिवार इस तरह किसी राजनीतिक मुलाकात में एक साथ दिखाई दिया हो. यही वजह है कि इस मुलाकात को सिर्फ पारिवारिक नहीं बल्कि राजनीतिक संदेशों से लबरेज माना जा रहा है.
 
पहला कयास यह है कि BJP संगठन में उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहले से भी अधिक सक्रिय भूमिका दी जा सकती है. हालांकि, राजे खुद संगठनात्मक जिम्मेदारियों में ज्यादा रुचि नहीं दिखाती रही हैं.
 
दूसरी और सबसे खास चर्चा यह है कि उन्हें केंद्र सरकार में कोई अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है. आगामी तीन माह में राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटें खाली होनी हैं. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि उन्हें राज्यसभा भेजकर केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है. पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्रियों को BJP इस तरह की जिम्मेदारी दे चुकी है. इनमें मध्य प्रदेश के शिवराज सिंह चौहान, हरियाणा के मनोहर लाल खट्टर, असम के सर्बानंद सोनोवाल, झारखंड के अर्जुन मुंडा और महाराष्ट्र के नारायण राणे जैसे नाम शामिल हैं.
 
तीसरा अनुमान यह है कि पार्टी उन्हें किसी बड़े राज्य का राज्यपाल बनाकर नई जिम्मेदारी दे सकती है. हालांकि सूत्र बताते हैं कि उन्हें पहले भी राज्यपाल पद का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उस समय उन्होंने इस पर सहमति नहीं जताई थी.
 
इसके अलावा एक और दिलचस्प संकेत इस मुलाकात से जुड़ा है और वह है राजे परिवार की तीसरी पीढ़ी की संभावित सियासी एंट्री. प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की वायरल तस्वीरों में वसुंधरा राजे के पोते विनायक प्रताप सिंह भी नजर आ रहे हैं. इस तस्वीर के बाद विनायक की सक्रिय राजनीति में आने की चर्चाएं तेज हो गई हैं. जानकार इसे राजे परिवार की अगली पीढ़ी को सियासत में स्थापित करने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं. गौरतलब है कि कानून की पढ़ाई करने वाले विनायक प्रताप सिंह ने 2023 के विधानसभा चुनाव में पहली बार वोट डाला था. वे यूट्यूब चैनल के जरिए लोगों को फिटनेस की सलाह भी देते हैं.
 
राजनीतिक जानकार गजेंद्र सिंह कहते हैं, "वसुंधरा राजे का नाम BJP के उन गिनेचुने नेताओं में शुमार है जिनका राजस्थान की राजनीति में अभी भी मजबूत जनाधार है. प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात की एक दिलचस्प बात यह भी है कि इसमें राजे परिवार की तीसरी पीढ़ी नजर आ रही है. कई बार ऐसी मुलाकातें सिर्फ शिष्टाचार नहीं होतीं, बल्कि राजनीतिक उत्तराधिकार और भविष्य की रणनीति का संकेत भी देती हैं."
 
इधर, कुछ दिन पहले गृह मंत्री अमित शाह से वसुंधरा राजे की कथित ‘गुप्त मुलाकात’ की खबरें भी सामने आई थीं. इसके बाद प्रधानमंत्री से सपरिवार मुलाकात से इस दावे को और दम मिल रहा है कि  पार्टी नेतृत्व वसुंधरा राजे को मुख्यधारा में लाने की तैयारी कर रहा है.

 

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