इस बार की साइकिल यात्रा से कितनी सियासी दूरी तय कर पाएगी सपा?
उत्तर प्रदेश के 75 जिलों और 403 विधानसभा क्षेत्रों में सपा 25 हजार किलोमीटर लंबी साइकिल यात्रा निकाल रही है. लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इसे पार्टी की अब तक की सबसे बड़ी कवायद के रूप में देखा जा रहा है

वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आता जा रहा है उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की हर संभव कोशिश शुरू कर दी है. समाजवादी पार्टी के फ्रंटल संगठन, समाजवादी लोहिया वाहिनी के नेताओं और पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों और 403 विधानसभा क्षेत्रों में लोगों तक पहुंचने के लिए अब तक की सबसे लंबी साइकिल यात्रा शुरू की है.
'देश बचाओ, समाजवादी साइकिल यात्रा' नाम से दो चरणों में होने वाली इस साइकिल यात्रा का नेतृत्व समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक यादव कर रहे हैं. यादव की सरपरस्ती में 9 अगस्त को प्रयागराज से शुरू हुई साइकिल यात्रा अब तक बुन्देलखंड और पूर्वी यूपी के 10 से ज्यादा जिलों से गुजरते हुए लगभग 2500 किलोमीटर की यात्रा कर चुकी है. लगातार चल रही यात्रा के 28वें दिन समाजवादी साइकिल यात्रा अयोध्या जिले के गोसाईगंज विधानसभा पहुंची.
साइकिल सवार 100 से अधिक सपा कार्यकर्ताओं का स्वागत स्थानीय सपा विधायक अभय सिंह ने किया. इसके बाद 500 से अधिक साइकिल सवारों के काफिले में अभिषेक यादव के साथ अभय सिंह भी साइकिल पर सवार हो जाते हैं. रास्ते में पड़ने वाले गांवों में साइकिल सवार सपा कार्यकताओं का हुजूम छोटी सभा में तब्दील हो जाता है. अभिषेक यादव हाथ में माइक थामते हैं और केंद्र में भाजपा सरकार द्वारा 'भारत' नाम को लेकर की जा रही राजनीति, किसानों की समस्याओं, प्रदेश सरकार की बिगड़ी कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाने के साथ पूर्ववर्ती सपा सरकार में जनता के लिए शुरू की गई लाभकारी योजनाओं की याद भी दिलाते हैं. एक गांव में करीब आधे घंटे रुक कर जनता से संवाद करने के बाद साइकिल यात्रा का काफिला आगे चल पड़ता है. रास्ते में पड़ने वाली महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करते हैं. और यह सिलसिला चलता रहता है.
'देश बचाओ, समाजवादी साइकिल यात्रा' का पहला चरण 22 नवंबर को सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की जयंती पर समाप्त होगा. इसके बाद दूसरा चरण 6 दिसंबर को डॉ. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर लखनऊ से शुरू होगा और 26 जनवरी को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर समाप्त होगा. साइकिल यात्रा की जरूरत क्यों पड़ी? इस सवाल के जवाब में अभिषेक यादव, जिन्हें अभी हाल में ही लोहिया वाहिनी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है, कहते हैं, “साइकिल ही सपा की ताकत है. साइकिल ही एक ऐसा वाहन है जो समाज के सभी तबकों को जोड़ता है. हमारे नेता अखिलेश यादव के निर्देश पर यह यात्रा शुरू हुई है.” अभिषेक के नेतृत्व में प्रयागराज से शुरू हुई साइकिल यात्रा कौशांबी, चित्रकूट, बांदा, फतेहपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, अमेठी, सुल्तानपुर होते हुए अयोध्या पहुंच गई है. यहां से साइकिल यात्रा पूर्वी यूपी के बस्ती, संत कबीर नगर, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और अन्य जिलों में जाएगी. “इसके बाद हम पूर्व से मध्य यूपी की ओर बढ़ेंगे और बाराबंकी और फिर लखनऊ पहुंचेंगे, जहां हमारी यात्रा का पहला चरण माननीय मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर समाप्त होगा.” अभिषेक यादव ने आगे बताया.
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले शुरू हुई साइकिल यात्रा पार्टी की पिछली साइकिल यात्राओं से किस प्रकार भिन्न है? अभिषेक यादव बताते हैं, “यह यूपी और देश में किसी द्वारा निकाली गई सबसे लंबी साइकिल यात्रा है. अब तक हम 2500 किलोमीटर चल चुके हैं. आने वाले दिनों में हम पहले चरण में करीब 10,000 किमी की दूरी तय करेंगे. कुल मिलाकर, हमारा लक्ष्य लगभग 25,000 किलोमीटर की दूरी तय करना है. हम साइकिल से दूरी तय कर रहे हैं जो चुनौतीपूर्ण है.” “हम लगभग 100 लोग हैं, जो साइकिल चला रहे हैं, जबकि अन्य पार्टी कार्यकर्ता अपने-अपने जिलों में हमारे साथ शामिल होते हैं और यात्रा में भाग लेते हैं.” उन्होंने कहा.
अभिषेक बताते हैं “हम प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जा रहे हैं, और अपने पार्टी कैडर की मदद से, हम चयनित स्थानों पर छोटे कार्यक्रम आयोजित करते हैं. हम राज्य और देश के लोगों के सामने आने वाले मुख्य मुद्दों के बारे में बात करते हैं. हम महंगाई, बेरोजगारी, हमारे देश के संविधान पर हमले और शिक्षा, रेलवे, हवाई अड्डों जैसे सरकारी क्षेत्रों के निजीकरण के बारे में बात करते हैं.” शांतिपूर्ण ढंग से निकल रही सपा की साइकिल यात्रा को जनता के बीच काफी समर्थन मिल रहा है. राजनीतिक विश्लेषक इस यात्रा को लोकसभा चुनाव से पहले सपा की महत्वपूर्ण रणनीति के तौर पर देख रहे हैं. लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजीव कुमार बताते हैं, “पिछले कुछ समय से सपा से जुड़े युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं की छवि एक हुड़दंग मचाने वाले की जैसी बनती जा रही है. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ा था. क्योंकि सपा नेताओं के जोश और हुडदंग को देखकर कई विधानसभा में भाजपा से विरक्ति दिखाने वाला मतदाता भी बाद में भगवा दल के साथ चिपक गया था. इसका असर सपा को उस विधानसभा चुनाव में हार के रूप में देखना पड़ा था.”
'देश बचाओ, समाजवादी साइकिल यात्रा' के जरिए प्रदेश के सभी 75 जिलों और 403 विधानसभा सीट से गुजरकर साइकिल सवार युवा सपा नेता व कार्यकर्ता उन मतदाताओं के बीच पार्टी की छवि सुधारेंगे जो अभी तक सपा को हुड़दंग मचाने वाले युवाओं का समूह मानते रहे हैं. इस तरह यात्रा सपा के विरोधी मतदाताओं के बीच सकारात्मक छवि निर्माण के लक्ष्य को लेकर भी आगे बढ़ रही है. अभिषेक यादव के नेतृत्व में निकल रही साइकिल यात्रा अपने इस उद्देश्य में कामयाब भी हो रही है.