मुलायम सिंह का ड्रीम प्रोजेक्ट जेपीएनआईसी कैसे हुआ बदहाल?

जिस जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) का गेट फांदकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भीतर घुसे थे, 2016 में उसका उद्घाटन बतौर मुख्यमंत्री उन्होंने ही किया था

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की महत्वाकांक्षी परियोजना थी जेपीएनआईसी
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की महत्वाकांक्षी परियोजना थी जेपीएनआईसी

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव 11 अक्टूबर को लखनऊ में गोमती नदी के किनारे बने जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) की दीवार फांद कर अंदर घुसे थे और सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हुआ था. उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि उन्हें स्वतंत्रता सेनानी और आपातकाल के विरोधी नेता जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उनकी मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई थी. पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ, सपा प्रमुख दोपहर के आसपास गोमती नगर क्षेत्र में आंबेडकर पार्क के सामने मौजूद जेपीएनआईसी गेट पर पहुंचे. यहां लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) का एक नोटिस चस्पा मिला जिसमें जेपीएनआईसी में किसी के प्रवेश की अनुमति नहीं थी.

गेट बंद रहने के कारण अखिलेश यादव नारेबाजी के बीच अन्य सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जेपीएनआईसी की चहारदीवारी फांद गए. पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को परिसर में घुसने से रोकने की कोशिश की और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया. इसके बाद अखि‍लेश की जेपीएनआईसी का गेट फांदते हुए फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल होने लगे. इसी के साथ जेपीएनआईसी का नाम भी अचानक चर्चा में आ गया.

जयप्रकाश नारायण की जयंती पर जेपीएनआईसी का गेट फांदकर पहुंचे थे अखिलेश यादव

लखनऊ के गोमती नगर में 18 एकड़ के भूखंड में फैला जेपीएनआईसी, पूर्व मुख्यमंत्री और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की एक महत्वाकांक्षी परियोजना थी. इस मल्टी-फंक्शनल सेंटर का निर्माण वर्ष 2013 में 865 करोड़ रुपए के बजट के साथ शुरू किया गया था. इसका उद्घाटन वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया था. फिलहाल यह सेंटर एलडीए की देखरेख में है. सपा सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को लखनऊ शहर की शान बनाया जाना था लेकिन यह महत्वाकांक्षी परियोजना सफेद हाथी बनकर रह गई है.

2017 तक जेपीएनआईसी का निर्माण तेजी से हुआ लेकिन उसके बाद बजट न मिलने से कार्य ठप हो गया. इसके बाद लखनऊ की बड़ी परियोजना उपेक्षा का शिकार होकर पूरी तरह बदहाल हो गई है. इसका सिर्फ खर्च बढ़ रहा है. 2015 में इस प्रोजेक्ट के लिए स्वीकृत 865 करोड़ रुपए की लागत अब 1015 करोड़ रुपए पहुंच गई है. इससे पहले 2019 में लखनऊ विकास प्राधिकरण ने संशोधित डीपीआर भेजते वक्त 995 करोड़ रुपए मांगे थे. हालांकि तब शासन ने 40 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था लेकिन यह जरूरी 150 करोड़ रुपए से काफी कम था.

एलडीए के अधिकारी बताते हैं कि बीते आठ सालों में बिल्डिंग मैटेरियल साथ मशीनों के खर्च भी काफी बढ़ गए हैं. इसलिए अब जेपीएनआईसी को शुरू करने के लिए अधिक पैसों की जरूरत है. एलडीए अधिकारियों के मुताबिक अगर पूर्व में स्वीकृत डीपीआर पर काम किया जाता है तो भी इसके महज 15 फीसदी काम ही कराए जा सकते हैं. सपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश महासचिव जय शंकर पांडेय बताते हैं, "जेपीएनआईसी को लेकर भाजपा सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से काम कर रही है. अगर यह अंतरराष्ट्रीय केंद्र शुरू हो जाता तो दुनिया भर में लखनऊ का ही नाम रोशन होता."

जेपीएनआईसी की 18 मंजिला बिल्डिंग को सिग्नेचर बिल्ड‍िंग बताते हुए अब तक 812 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं. वहीं एलडीए करीब 850 करोड़ रुपए का काम इस प्रोजेक्ट में करा चुका है. ऐसे में ठेकेदार कंपनियों की भी एलडीए से ठनी हुई है. बीते छह वर्षों में एलडीए जेपीएनआईसी में एक भी काम नहीं करा पाया है. इस वजह से जेपीएनआईसी प्रोजेक्ट अभी तक अनुपयोगी बना हुआ है.

एलडीए अफसरों ने जेपीएनआईसी परिसर में संचालित म्यूजियम ब्लॉक को पूरी तरह से शुरु करने के लिए 10 करोड़ रुपए की मांग की है. इस म्यूजियम को 2016 में तत्कालीन सपा सरकार ने शुरू करा दिया था लेकिन बीते पांच वर्षों से यह बंद है. इसे दोबारा खोलने के लिए बड़े बजट की दरकार है. एलडीए के एक बड़े अधिकारी के मुताबिक जेपीएनआईसी के लिए अधिक धनराशि देने का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास लंबित है. अधिक धनराशि के प्रस्ताव को आर्थिक वित्त समिति द्वारा अनुमोदित किया गया है. यह अब राज्य सरकार के पास है, एलडीए ने जेपीएनआईसी के लिए अतिरिक्त 91 करोड़ रुपए की मांग की है.

अनोखा है जेपीएनआईसी प्रोजेक्ट

  • 18.64 एकड़ क्षेत्रफल में फैला है
  • 200 कमरों वाला सेवेन स्टार गेस्ट हाउस
  • 1000 क्षमता वाला कॉन्फ्रेंस हॉल
  • एक ओलंपिक साइज डाइविंग पूल, एक किड्स पूल
  • एक लॉन टेनिस लॉन, एक जिमनेजियम
  • एक स्पा एंड योगा सेंटर
  • ओपेन एयर रेस्टोरेंट का भी प्रावधान 
  • बेसमेंट में लाइब्रेरी एंड रीडिंग रूम 
  • छत पर हेलीपैड
  • 600 से अधिक कारों की पार्किंग की व्यवस्था

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