उत्तर प्रदेश: गूगल मैप का सर्वे करने पहुंची टीम, ग्रामीणों ने चोर समझकर कर दी पिटाई

उत्तर प्रदेश में ग्रामीणों ने गूगल मैप सर्वे करने पहुंची टीम को चोर समझकर घेर लिया और जमकर पिटाई कर दी

यूपी पुलिस ने बचाई गूगल मैप सर्वे टीम की जान
यूपी पुलिस ने बचाई गूगल मैप सर्वे टीम की जान

28 अगस्त को उत्तर प्रदेश के कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. दरअसल, यहां गूगल मैप का सर्वे करने पहुंची टीम को ग्रामीणों ने चोर समझ लिया.

ग्रामीणों ने चोर-चोर चिल्लाते हुए सर्वे टीम को घेरकर उनकी पिटाई कर दी. इसके बाद मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. यह घटना उस समय हुई, जब टीम रात में गाड़ी पर लगे मूविंग कैमरा के जरिए स्थानीय सड़कों का मैपिंग कर रही थी.

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, हाल के हफ्तों में इस इलाके में कई चोरियां हुई हैं. गाड़ी सवार लोग यहां आते हैं और चोरी की घटना को अंजाम देते हैं. इसी के कारण ग्रामीणों में सतर्कता बढ़ गई है और वे अब इलाके में आने वाले अनजान वाहनों पर नजर रख रहे हैं.

28 अगस्त को, गूगल मैप की टीम स्थानीय पुलिस या ग्राम प्रशासन को बिना किसी पूर्व सूचना के सड़क-स्तरीय सर्वेक्षण कर रही थी. छत पर लगे कैमरे से लैस वाहन को देखकर स्थानीय लोगों को संदेह हुआ कि टीम संभावित चोरी की आशंका में इलाके की तलाश कर रही है. उन्होंने वाहन को रोककर पूछताछ शुरू कर दिया. पुलिस के मौके पर आकर हस्तक्षेप करने से पहले स्थिति बहस और हाथापाई तक पहुंच गई.

पुलिस ग्रामीणों और सर्वे टीम दोनों को साथ लेकर पूछताछ के लिए स्थानीय थाने ले गई. गूगल मैप्स टीम के प्रमुख संदीप ने कहा कि यह घटना एक गलतफहमी के कारण हुई.

उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम केंद्र और राज्य दोनों प्राधिकरणों द्वारा जारी वैध परमिट के साथ काम कर रही थी. संदीप ने कहा, "गांव वालों ने हमें संदिग्ध समझकर घेर लिया. अगर उन्होंने हमारे दस्तावेज़ों की जाँच की होती, तो उन्हें हमारा मकसद समझ आ जाता."

सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) कृष्णकांत यादव ने पुष्टि की कि टीम ने सर्वेक्षण करने से पहले स्थानीय अधिकारियों को सूचित नहीं किया था. एसीपी ने कहा, "टीम को सलाह दी गई है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के सर्वेक्षण करते समय स्थानीय पुलिस या ग्राम प्रधान को पहले से सूचित करें."

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