त्विषा शर्मा केस : ‘मौत का सीन’ रिक्रिएट करने के साथ CBI की पड़ताल कहां तक पहुंची?
फिलहाल CBI दूसरे पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और मामले की आगे की दिशा काफी हद तक उसी पर निर्भर करेगी

भोपाल की एक विशेष CBI अदालत ने 2 जून को त्विषा शर्मा मौत मामले में सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके वकील बेटे समर्थ सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
CBI के वकील ने अदालत को बताया कि फिलहाल जांच एजेंसी गिरिबाला (त्विषा की सास) और समर्थ (त्विषा के पति) से पूछताछ पूरी कर चुकी है. हालांकि, यदि दोनों आरोपियों से दोबारा पूछताछ करने या उन्हें साक्ष्यों के सामने बैठाकर सवाल करने की जरूरत पड़ी तो फिर से रिमांड मांगी जा सकती है.
33 वर्षीय त्विषा, जो पूर्व मिस पुणे रह चुकी थीं, 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं. आरोप है कि यह दहेज प्रताड़ना और घरेलू यातना का मामला है. सिंह परिवार की कथित दबंगई और राज्य पुलिस की जांच को लेकर उठे विवाद के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने यह मामला CBI को सौंप दिया था.
पिछले दो हफ्तों में CBI की जांच किस तरह आगे बढ़ी, इसकी जानकारी इस प्रकार है. सूत्रों के अनुसार, पिछले 10 दिनों में जब गिरिबाला और समर्थ CBI हिरासत में थे, तब उन्हें उनके घर ले जाया गया और घटनाक्रम को क्रमवार बताने के लिए कहा गया. CBI ने घर की संरचना की 3D तस्वीर तैयार करने के लिए 3D स्कैनर का इस्तेमाल किया.
सूत्रों के मुताबिक, CBI 1 जून को 80 किलोग्राम वजन वाला त्विषा का एक मॉडल लेकर आई. यह वजन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दर्ज किया गया था. मॉडल को उस जिम में लटकाया गया जहां त्विषा का शव मिला था. गिरिबाला और समर्थ से गर्दन के चारों ओर बंधी पट्टी हटाने, शव को नीचे उतारने और उसे लिटाने की प्रक्रिया दोहराने को कहा गया.
सूत्रों के अनुसार, इस रीक्रिएशन के दौरान समर्थ को कुछ बातों पर नाराजगी जताते हुए दूर से देखा गया. वह बाद में वहां से चला गया लेकिन फिर लौट आया. इस प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर यह स्पष्ट हुआ कि त्विषा की गर्दन पर बंधी गांठ गिरिबाला ने खोली थी जबकि समर्थ ने गांठ ढीली करने के लिए शव को ऊपर उठाया था.
2 जून को मां-बेटे को विशेष CBI अदालत में पेश किया गया और उन्हें 14 दिनों के लिए भोपाल की सेंट्रल जेल भेज दिया गया. गिरिबाला ने अदालत में अपना पक्ष खुद रखा. बताया जाता है कि उन्होंने जज से मीडिया को हर जगह उनका पीछा करने से रोकने की मांग भी की.
सूत्रों का कहना है कि CBI दूसरे पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और मामले की आगे की दिशा काफी हद तक उसी पर निर्भर करेगी. दूसरा पोस्टमॉर्टम 24 मई को किया गया था और उसकी रिपोर्ट नई दिल्ली से सीलबंद लिफाफे में भेजी जाएगी.
गिरिबाला के वकीलों ने कहा है कि उन्हें CBI की जांच पर कोई आपत्ति नहीं है.
त्विषा के परिवार ने सिंह परिवार पर प्रताड़ना और यहां तक कि हत्या का आरोप लगाया है, जिसे आरोपियों ने खारिज किया है. पुलिस ने दहेज जुड़ी मौत का मामला दर्ज किया है. गिरिबाला को पहले अग्रिम जमानत मिल गई थी लेकिन समर्थ को राहत नहीं मिली. वह कई दिनों तक फरार रहा और 22 मई को गिरफ्तार किया गया. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 27 मई को गिरिबाला की जमानत रद्द कर दी थी जिसके बाद अगले दिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.