TMC की राज्यसभा कैंडिडेट लिस्ट ममता के 'गेम प्लान' के बारे में क्या बताती है?

पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपने भारी बहुमत के दम पर, TMC के 5 में से 4 राज्यसभा सीटें जीतने की उम्मीद है. बाकी बची एक सीट शायद BJP के खाते में जाएगी

ममता बनर्जी
ममता बनर्जी

16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कई बड़े और अलग-अलग बैकग्राउंड वाले चेहरों को मैदान में उतारा है. पार्टी ने राज्य के मंत्री बाबुल सुप्रियो, पश्चिम बंगाल के पूर्व DGP राजीव कुमार, सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी और मशहूर फिल्म एक्टर कोयल मल्लिक को अपना कैंडिडेट बनाया है.

सोशल मीडिया पर लिस्ट जारी करते हुए TMC ने उम्मीद जताई कि ये सभी चेहरे "तृणमूल की मजबूत विरासत को आगे बढ़ाएंगे और हर भारतीय के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के वादे पर खरे उतरेंगे." TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने इस राज्यसभा कैंडिडेट लिस्ट को बेहद 'प्रोग्रेसिव' बताया.

उन्होंने कहा कि यह लिस्ट उन सफल प्रोफेशनल्स से भरी है, जिनके पास ज्ञान और अनुभव की गहराई है. BJP नेताओं ने सवाल उठाया कि इनमें से दो कैंडिडेट बंगाल के लिए "बाहरी" क्यों हैं. लेकिन घोष ने इस दावे को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, "CPI(M) की वृंदा करात से लेकर मनमोहन सिंह तक, कई नेता ऐसे राज्यों से राज्यसभा गए हैं जो उनका होम स्टेट नहीं था." राजीव कुमार के बारे में घोष ने कहा, "उन्होंने अपनी पूरी वर्क-लाइफ बंगाल में बिताई है. हर चीज़ को विवाद के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए."

इस लिस्ट में मेनका गुरुस्वामी के नाम ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है, क्योंकि अगर वह चुनी जाती हैं तो वह भारत की पहली खुले तौर पर 'LGBTQ' सांसद बन जाएंगी. TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि यह नॉमिनेशन भारत में LGBTQ+ मूवमेंट के लिए एक बहुत बड़ा कदम है, क्योंकि लीक से हटकर काम करने वाली मेनका गुरुस्वामी भारत की संसद में पहली 'क्वीर वुमन' बनने जा रही हैं.

गुरुस्वामी सुप्रीम कोर्ट की एक सीनियर वकील हैं. उन्हें कई अहम संवैधानिक मुकदमों में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है, जिनमें वह ऐतिहासिक मामला भी शामिल है जिसने IPC के 'सेक्शन 377' को अपराध की श्रेणी से बाहर किया था. कानून से जुड़े कई अहम मामलों में उनका काम शानदार रहा है.

वहीं बाबुल सुप्रियो एक जाने-माने सिंगर से नेता बने चेहरे हैं. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत BJP से की थी और वह केंद्रीय मंत्री भी रहे. 2021 में TMC में शामिल होने के बाद उन्होंने बालीगंज विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी.

राजीव कुमार इसी साल की शुरुआत में राज्य के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी के पद से रिटायर हुए हैं. वह DGP और कोलकाता पुलिस कमिश्नर दोनों पदों पर रह चुके हैं. अतीत में वह केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ हुए बड़े टकरावों के केंद्र में भी रहे हैं.

बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर एक्टर और दिग्गज अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी कोयल मल्लिक, इस नॉमिनेशन के जरिए चुनावी राजनीति में अपनी पहली पारी खेलने जा रही हैं.

कानूनी, प्रशासनिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों से जुड़े चेहरों को मैदान में उतारने का TMC लीडरशिप का यह फैसला राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत 'सोशल कोलिशन' बनाने की रणनीति को दिखाता है. 294 सदस्यों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपने भारी बहुमत के दम पर, पार्टी के 5 में से 4 राज्यसभा सीटें जीतने की उम्मीद है. बाकी बची एक सीट शायद BJP के खाते में जाएगी.

हालांकि, लेफ्ट पार्टियों ने TMC पर BJP-RSS का एजेंडा आगे बढ़ाने का आरोप लगाया है. उनका दावा है कि गुरुस्वामी के पिता मोहन गुरुस्वामी भगवा खेमे के करीब रहे हैं और सुप्रियो खुद केंद्र में BJP के मंत्री रह चुके हैं.

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