अब 'ई-नोज' और 'ई-टंग' से तय होगी तिरुपति के लड्डूओं की शुद्धता!

लड्डू विवाद से सबक लेते हुए तिरुपति मंदिर ट्रस्ट ने अब खाद्य सुरक्षा को लेकर जांच में वैज्ञानिक तरीकों को शामिल करने के लिए सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CFTRI) के साथ एक खास समझौता किया है

लड्डू प्रसाद विवाद के बाद तिरुपति मंदिर ट्रस्ट ने कड़े कदम उठाए
लड्डू प्रसाद विवाद के बाद तिरुपति मंदिर ट्रस्ट ने कड़े कदम उठाए

आंध्र प्रदेश के तिरुमला तिरुपति में स्थित भगवान वेंकटेश्वर का सदियों पुराना मंदिर पिछले दिनों लड्डू प्रसाद में घी की मिलावट के आरोपों को लेकर चर्चा में रहा था. इसे इस ऐतिहासिक मंदिर से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा विवाद माना जाता है.

सितंबर 2024 में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने यह सनसनीखेज आरोप लगाया था. उनका कहना था कि जगन मोहन रेड्डी सरकार के दौरान श्रद्धालुओं को दिए जाने वाले लड्डुओं को चर्बी की मिलावट वाले घी से तैयार किया जा रहा था. इस आरोप ने लाखों भक्तों को झकझोर दिया.

हालांकि जैसे ही इस मामले को लेकर जांच आगे बढ़ी, विशेष जांच दल (SIT) की जांच में घी की खरीद में बड़े घोटाले का पता चला, जिससे मंदिर ट्रस्ट को पांच वर्षों में 234 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. हालांकि जांच में मिलावटी घी में पशु वसा, जैसे मछली का तेल और सूअर की चर्बी मिलने के कोई प्रमाण नहीं मिले.

जांच करने वालों ने यह जरूर पाया कि ठेकेदारों के जरिए तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को सप्लाई किए गए घी में वनस्पति तेल और सिंथेटिक/रासायनिक पदार्थ मौजूद थे जबकि घी शुद्ध गाय के दूध से बना होना चाहिए था. इस घटना से सबक लेते हुए TTD ने लड्डू प्रसाद और मंदिर में चढ़ाए जाने वाले अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए कई व्यवस्थाएं लागू की हैं.

TTD ने जांच के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मानकों को अपनाया है. उसने पाया कि कुछ सप्लायर कमजोर गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था का फायदा उठाकर घी की आपूर्ति के लिए बहुत कम और बाजार से काफी कम दरें (320 से 411 रुपये प्रति किलोग्राम) बता रहे थे.

ट्रस्ट ने मंदिर के प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले घी को लेकर कड़े मानक तय किए, जिसके बाद अब पहले की तुलना में सप्लायर की संख्या 8 से बढ़कर 24 हो गई है. TTD अब लगभग 650 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से इंदापुर डेयरी, मदर डेयरी और नंदिनी जैसे आपूर्तिकर्ताओं से घी खरीद रहा है.

मार्च से TTD ने तिरुमला में 23.5 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की है, जो FSSAI मानकों के अनुरूप है. इसमें AI आधारित ई-नोज (e-nose) और ई-टंग (e-tongue) जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल हैं, जिन्होंने पहले मानव इंद्रियों के आधार पर होने वाले परीक्षणों की जगह ले ली है.

यह व्यवस्था मैसूर स्थित सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CFTRI) की सिफारिश पर लागू की गई है. अब ये प्रयोगशालाएं घी और अन्य खाद्य सामग्री में बीटा-सिटोस्टेरॉल (पौधों में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक स्टेरॉल है, जिसका मुख्य उपयोग 'खराब' कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करना है), फैटी एसिड, प्रिजर्वेटिव, कीटनाशक आदि की मौजूदगी का पता लगा सकती हैं.

खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए सुधारात्मक कदमों की श्रृंखला में सबसे नया कदम TTD और CFTRI के बीच हुआ समझौता ज्ञापन (MoU) है. इसके तहत TTD की खाद्य व्यवस्था में वैज्ञानिक तरीकों को शामिल किया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक, यह साझेदारी उत्पादन, भंडारण और परीक्षण की पूरी प्रक्रिया में वैज्ञानिक प्रोटोकॉल लागू करेगी, जिससे प्रसाद की सुरक्षा, पोषण गुणवत्ता और मानक बेहतर होंगे.

यह समझौता देश के किसी मंदिर के लिए अपनी तरह का पहला समझौता है. हाल ही में बेंगलुरु में आयोजित रिसर्च, इंडस्ट्री, स्टार्ट-अप एंड एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव के दौरान केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी की उपस्थिति में इस पर हस्ताक्षर किए गए.

समझौते की प्रमुख विशेषताएं-

सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत बनाना:
TTD और CFTRI की संयुक्त टीमें खरीद, तैयारी और वितरण की पूरी प्रक्रिया के लिए सख्त गुणवत्ता नियंत्रण मानक और निगरानी तंत्र विकसित एवं लागू करेंगी. इसके तहत निम्न कदम उठाए जाएंगे-

प्रणालियों का आधुनिकीकरण:
CFTRI भंडारण, परीक्षण और खरीद प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए सलाह देगा. साथ ही वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तकनीकों और सर्वोत्तम तरीकों की सिफारिश करेगा, ताकि संदूषण (कंटैमिनेशन) का जोखिम कम हो और गुणवत्ता में एकरूपता बनी रहे.

प्रसाद का बेहतर संरक्षण:
रिसर्च आधारित पैकेजिंग और शेल्फ-लाइफ बढ़ाने के उपाय विकसित किए जाएंगे, ताकि प्रसाद का स्वाद, बनावट और सांस्कृतिक महत्व प्रभावित किए बिना उसकी गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहे.

क्षमता निर्माण:
CFTRI, TTD के खाद्य विश्लेषकों और खाद्य सामग्री संभालने वाले कर्मचारियों को उन्नत परीक्षण तकनीकों, सैंपलिंग प्रक्रियाओं, मिलावट और दूषित पदार्थों की पहचान, घी की शुद्धता जांच तथा सुगंध विश्लेषण जैसे विशेष विषयों का प्रशिक्षण देगा.

विशेषज्ञों की भागीदारी:
CFTRI के वरिष्ठ वैज्ञानिक नियमित रूप से TTD की सुविधाओं का दौरा करेंगे. वे नई व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन, सत्यापन अध्ययन तथा भंडारण और खरीद योजना में सुधार के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे.
 

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