राजस्थान चुनाव में जीत दर्ज करने वाले भाजपा की 'भगवा ब्रिगेड' के चार नेता कौन हैं?

राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इस बार चार महंतों को टिकट दिया था और चारों ने जीत दर्ज की है

भाजपा के बाबा
भाजपा की टिकट पर तिजारा से जीत हासिल करने वाले महंत बालकनाथ

इस बार राजस्थान में भाजपा का 'भगवा ब्रिगेड' पूरी तरह सफल हुई लगती है. पार्टी ने इस चुनाव में जिन चार विधानसभा सीटों पर भगवाधारी बाबाओं को टिकट दिया था, उन सबको जीत हासिल हुई है.

अलवर जिले की तिजारा सीट से बाबा बालकनाथ, सिरोही सीट से ओटाराम देवासी, पोकरण से महंत प्रतापपुरी और जयपुर जिले के हवामहल विधानसभा क्षेत्र से महंत बाल मुकुंद आचार्य विजयी हुए हैं.   

आइये, भाजपा के इन चारों बाबा-नेताओं के बारे में जानते हैं : 

बाबा बालकनाथ (सीट : तिजारा, अलवर) 

अलवर सांसद बाबा बालकनाथ को इस बार भाजपा ने वोटों के ध्रुवीकरण वाली सीट तिजारा से चुनाव मैदान में उतारा जिस पर वो खरे साबित हुए. उन्होंने कांग्रेस के इमरान खान को 6173 वोटों से चुनाव हराया है. बाबा बालकनाथ को राजस्थान में मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर भी देखा जा रहा है. 39 साल के बालकनाथ नाथ संप्रदाय की सबसे बड़ी पीठ मानी जाने वाली बोहर पीठ के महंत हैं.

अलवर जिले के कोहराना गांव में जन्मे बालकनाथ को बचपन में ही नाथ संप्रदाय के महंत खेतानाथ के पास भेज दिया गया था. खेतानाथ से शिक्षा लेकर वे महंत चांदनाथ के पास आ गए. चांदनाथ ने उन्हें वर्ष 2016 में अपना उत्तराधिकारी घोषित किया. कांग्रेस के कद्दावर नेता भंवर जितेंद्र सिंह को करीब तीन लाख वोटों से हराकर 2019 में बालकनाथ सांसद बने. 

बाल मुकुंद आचार्य (सीट : हवामहल, जयपुर) 

जयपुर की हवामहल सीट से भाजपा ने इस बार बाल मुकुंद आचार्य को अपना प्रत्याशी घोषित किया था. कांग्रेस ने मंत्री महेश जोशी का टिकट काटकर आरआर तिवाड़ी को महंत के सामने चुनाव मैदान में उतारा था. 19 राउंड की मतगणना के बाद भाजपा के बाल मुकुंद आचार्य 957 वोट से विजयी हुए. आचार्य ने पिछले दिनों जयपुर में एक समुदाय विशेष के खिलाफ हुई रैली की अगुवाई की थी. जयपुर जिले के हाथोज धाम के महंत बाल मुकुंदचार्य का यह पहला चुनाव था. 

महंत प्रतापपुरी (सीट : पोकरण, जैसलमेर)

पाक सीमा से सटे राजस्थान के पोकरण विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने लगातार दूसरी बार महंत प्रतापपुरी को अपना उम्मीदवार बनाया. पिछली बार कांग्रेस के सालेह मोहम्मद के सामने 972 वोटों के मामूली अंतर से हार का सामना करने वाले महंत प्रतापपुरी ने इस बार 35 हजार 427 वोट से जीत हासिल कर अपनी पिछली हार का बदला लिया. प्रतापपुरी बाड़मेर जिले की तारातरा मठ के महंत हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े प्रतापपुरी बचपन में ही संन्यासी बन गए थे. वे दो बार गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष रह चुके हैं.  

ओटाराम देवासी (सीट : सिरोही)

2013 में सिरोही से विधायक चुने गए ओटाराम देवासी पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खास माने जाते हैं. ओटाराम 2018 में कांग्रेस के संयम लोढ़ा के सामने 10 हजार से ज्यादा वोटों से चुनाव हार गए थे. भाजपा ने इस बार फिर उन पर भरोसा जताया और जिस पर खरा उतरते हुए ओटाराम ने संयम लोढ़ा को 35 हजार 805 वोटों के अंतर से चुनाव हराया. 2013 में ओटाराम को देश के पहले गौ पालन मंत्री रहने का भी अवसर मिला था. 

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