केरल में मुख्य सचिव की नियुक्ति पर क्यों मच रहा बवाल?
रतन केलकर को मुख्यमंत्री सतीशन ने मुख्य सचिव नियुक्त किया है, जबकि इससे पहले की वामपंथी सरकार ने उन्हें मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया था

डॉ. रतन केलकर पहले केरल के मुख्य चुनाव अधिकारी थे. अब नई UDF सरकार ने उन्हें मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन का सचिव बना दिया है. केलकर को राज्य के काबिल और ईमानदार अधिकारियों में गिना जाता है.
2003 बैच के IAS अधिकारी होने के कारण पिछली वामपंथी सरकार के दौरान भी उन्हें कई महत्वपूर्ण पद मिले थे. हालांकि अब विपक्ष में होने के बाद वामपंथी दल उनके सचिव पद पर नियुक्ति को लेकर खूब बवाल मचा रहे हैं.
विपक्षी दलों का आरोप है कि केलकर ने मुख्य चुनाव अधिकारी के पद पर रहते हुए कांग्रेस नेतृत्व वाली UDF गठबंधन को चुनाव में बड़ी जीत दिलाने में मदद की. केलकर को दिसंबर 2024 में पिनाराई विजयन सरकार के कार्यकाल में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया था.
इस नियुक्ति से पहले किसी भी पार्टी ने उनके खिलाफ चुनावी निष्पक्षता को लेकर कोई आरोप नहीं लगाया था. यहां तक कि राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान भी उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं आई थी.
इससे पहले, केलकर मुख्य तौर पर स्वास्थ्य और IT विभाग में बड़ी जिम्मेदारी निभा रहे थे. उन्होंने केरल में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के निदेशक के रूप में काम किया जहां उन्होंने कोविड महामारी के दौरान रणनीतियां तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
इसके अलावा, केलकर ने राज्य आईटी मिशन में भी अपनी सेवाएं दीं. कन्नूर का प्रशासन संभालते हुए, उन्हें केरल का सर्वश्रेष्ठ जिला कलेक्टर चुना गया था. केरल के एक पूर्व मुख्य सचिव ने इंडिया टुडे से नाम न छापने की शर्त पर बात करते हुए कहा, “केलकर को केरल कैडर के सबसे होनहार IAS अधिकारियों में से एक माना जाता है. एक अच्छे पेशेवर होने के नाते, वे अपने कर्तव्य का पालन बेहतरीन तरीके से करते हैं और संकटों में समाधान निकालते हैं.”
केलकर ने 24 मई को सतीशन के कार्यालय में बतौर सचिव कार्यभार संभाला है. उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए, CPI (M) और BJP दोनों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस आलोचना का हवाला दिया है, जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल को BJP की नई सरकार के तहत राज्य का मुख्य सचिव बनाए जाने की बात कही थी.
सतीशन ने केलकर के उत्कृष्ट ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए, विपक्ष के आरोपों पर सवाल खड़ते हुए कहा कि क्या विजयन प्रशासन ने UDF को भारी जीत दिलाने के लिए केलकर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी बनाया था?
सतीशन ने कहा “मैं अपनी टीम में ऐसे अधिकारियों को चाहता हूं जो जनता के लिए काम कर सकें, न कि सिर्फ अपने लिए. मैंने उनके कार्य अनुभव की समीक्षा करके उनका चयन किया है.” साथ ही सतीशन ने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि चुनाव के तुरंत बाद राज्य के सर्वोच्च निर्वाचन अधिकारी को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त करने से चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं.