राजस्थान चुनाव : भाजपा की तीसरी सूची में वसुंधरा राजे को कितनी तवज्जो मिली?

भाजपा ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए 2 नवंबर को तीसरी सूची जारी की है

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे

भाजपा ने गुरुवार को घोषित 58 उम्मीदवारों की सूची में नए चेहरों पर दांव खेला है. पिछली बार चुनाव लड़ने वाले 24 नेताओं को इस बार टिकट नहीं मिला. भाजपा के अब तक घोषित 182 उम्मीदवारों में 70 नए चेहरों को मौका दिया गया है. इसके अलावा कांग्रेस, बसपा और रालोपा छोड़कर आने वाले 8 नेताओं को भी पार्टी ने विधानसभा चुनाव लड़ाने का फैसला किया है. भाजपा की तीसरी सूची में 7 महिलाओं को टिकट मिला है. अब तक घोषित किए गए 182 उम्मीदवारों में भाजपा ने 20 महिलाओं को मौका दिया है. भाजपा ने अपनी दूसरी और तीसरी सूची में एक भी सांसद को टिकट नहीं दिया है. जबकि पहली सूची में 7 सांसदों को विधानसभा चुनाव मैदान में उतारा था. इनमें से ज्यादातर जगहों पर सांसदों का विरोध होने लगा जिसके मद्देनजर भाजपा को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी.  

58 सीटों में से 25 चेहरे बदले 

भाजपा ने 2018 में उम्मीदवार रहे 24 नेताओं को इस बार मौका नहीं दिया है. इसके अलावा एक उम्मीदवार की सीट बदली है और एक उम्मीदवार के पिता को टिकट दिया गया है. पिछली बार बारां जिले के अंता से उम्मीदवार बनाए गए पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी को इस बार कांग्रेस के युवा नेता अशोक चांदना के खिलाफ मैदान में उतारा गया है. इसी तरह अलवर जिले की बहरोड़ सीट पर पिछली बार उम्मीदवार रहे मोहित यादव के पिता व पूर्व मंत्री जसवंत सिंह को टिकट मिला है.

जोधपुर जिले की सरदारपुरा सीट पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने भाजपा ने डॉ. महेंद्र सिंह राठौड़ को टिकट दिया है. पिछली बार यहां शंभूसिंह खेतासर को मौका मिला था. भीलवाड़ा जिले की शाहपुरा सीट से हाल ही में भाजपा से निलंबित किए गए विधायक कैलाश मेघवाल का टिकट काटकर उनकी जगह लालाराम बैरवा को उम्मीदवार बनाया गया है. पहले घोषित हुई 124 उम्मीदवारों की सूची में भाजपा ने 2018 में विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले 45 चेहरे बदल दिए थे. 

एक दिन पहले कांग्रेस छोड़ने वालों को भी मौका  

कांग्रेस में टिकट बंटवारे से नाराज होकर पार्टी छोड़ने वाले खंडेला से पूर्व प्रत्याशी सुभाष मील, करौली से पूर्व प्रत्याशी दर्शन सिंह गुर्जर और सुमित्रा पूनिया को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है. सुमित्रा पूनिया को चूरू से पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां की जगह सार्दुलपुर से टिकट दिया गया है. चूरू से रामसिंह कस्वां के पुत्र राहुल कस्वां सांसद हैं. 

इसी तरह बसपा से भाजपा में आए सुखराम कोली को बसेड़ी, कुंवर नटवर सिंह के पुत्र जगत सिंह को नदबई और बन्नाराम मीणा को राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ से उम्मीदवार बनाया गया है. 2018 में टिकट नहीं मिलने पर जगत सिंह भाजपा छोड़कर बसपा में शामिल हो गए थे. जनवरी 2019 में बसपा ने उन्हें रामगढ़ से अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वो चुनाव हार गए. 2021 में जगत सिंह वापस भाजपा के साथ आ गए थे. हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले रेवत राम डांगा को हनुमान बेनीवाल के सामने खींवसर और उदयलाल डांगी को वल्लभनगर से भाजपा उम्मीदवार घोषित किया गया है.

पिछली बार निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले कुलदीप धनखड़ को विराटनगर, रमेश खींची को कठूमर और धनसिंह रावत को बांसवाड़ा से उम्मीदवार बनाया गया है. 

नारी शक्ति का 11 फीसदी वंदन 

लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं की 33 फीसदी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संसद में नारी शक्ति वंदन विधेयक पारित करने वाली भाजपा ने राजस्थान विधानसभा चुनाव में अब तक 10 फीसदी महिलाओं को टिकट दिया है. पहले घोषित हुए 124 उम्मीदवारों में 13 और गुरुवार को घोषित हुई 58 उम्मीदवारों की सूची में 7 महिला प्रत्याशियों को मौका दिया गया है. इनमें बारां अटरू से सारिका चौधरी, कामां से नौक्षम चौधरी, कोलायत से पूनम कंवर भाटी, सार्दुलपुर से सुमित्रा पूनियां, भोपालगढ़ से कमसा मेघवाल, लाडपुरा से कल्पना देवी और केशवरायपाटन से चंद्रकांता मेघवाल शामिल हैं. 

बाप की टिकट बेटे को, चाचा की टिकट भतीजे को 

भाजपा ने इस बार नेताओं के पारिवारिक सदस्यों को भी जमकर टिकट दिए हैं. बीकानेर जिले की कोलायत से हाल ही में भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी की पुत्रवधू पूनम कंवर, अलवर जिले की रामगढ़ से पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहुजा के भतीजे जय आहुजा, गंगानगर जिले के सार्दुलशहर से पूर्व विधायक गुरजंट सिंह के पौत्र गुरवीर सिंह, चूरू जिले की सार्दुलपुर से पूर्व विधायक नंदलाल पूनिया की पुत्रवधु सुमित्रा पूनिया और दौसा जिले के महुआ से राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के भतीजे राजेंद्र मीणा को उम्मीदवार बनाया गया है. 

महंत बालमुकुंदाचार्य हवामहल से भाजपा उम्मीदवार

वसुंधरा के 30 से ज्यादा समर्थको को टिकट, 12 के कटे  

58 उम्मीदवारों की सूची में वसुंधरा राजे के 10 समर्थकों के टिकट काटे गए हैं वहीं 30 से ज्यादा समर्थकों को उम्मीदवार बनाया गया है. वसुंधरा के जिन समर्थकों के टिकट काटे गए हैं उनमें चूरू से पूर्व सांसद व सार्दुलपुर से पूर्व विधायक रामसिंह कस्वां, हाल ही में पार्टी से निकाले गए पूर्व विधानसभाध्यक्ष कैलाश मेघवाल, 2018 में टोंक से उम्मीदवार बनाए गए युनूस खान, 2018 में बारां-अटरू से उम्मीदवार रहे बाबूलाल वर्मा, हवामहल से पूर्व विधायक सुरेंद्र पारीक, खंडेला से पूर्व विधायक बंशीधर बाजिया, नदबई से पूर्व विधायक कृष्णेंद्र कौर दीपा, 2018 में अशोक गहलोत के सामने सरदारपुरा से उम्मीदवार रहे शंभू सिंह खेतासर, रामगढ़ से उम्मीदवार रहे सुखवंत सिंह, विराटनगर से पूर्व विधायक फूलचंद भिंडा और 2018 में हिंडौली से उम्मीदवार रहे ओमेंद्र सिंह हाड़ा प्रमुख हैं. जयपुर की हवामहल से सीट से भाजपा ने हाथोज धाम के महंत बालमुकुंदाचार्य को उम्मीदवार बनाया है. 

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