रोमांच की तलाश और जिंदगी की जंग के बीच अधूरी रह गई प्रतीक यादव की कहानी

मुलायम परिवार के गैर-राजनीतिक चेहरे प्रतीक यादव के निधन से हर कोई हैरान, निजी संघर्षों और लग्जरी लाइफस्टाइल को लेकर अक्सर चर्चा में रहते थे

Prateek Yadav Death
प्रतीक यादव में फिटनेस को लेकर दीवानगी थी

उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे प्रभावशाली परिवारों में गिने जाने वाले यादव परिवार पर 13 मई की  सुबह दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखि‍लेश यादव के सौतेले भाई और BJP नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का 38 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. 

13 मई को तड़के तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इतनी कम उम्र में अचानक हुई इस मौत ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हर किसी को स्तब्ध कर दिया है. प्रतीक यादव उन चेहरों में थे जो राजनीति के सबसे बड़े परिवार का हिस्सा होने के बावजूद सक्रिय सत्ता और चुनावी राजनीति से दूर रहे. 

उनकी पहचान एक बिजनेसमैन, फिटनेस प्रेमी, लग्जरी लाइफस्टाइल जीने वाले युवा उद्यमी और पशु प्रेमी के तौर पर अधिक रही. लेकिन निजी जीवन के उतार-चढ़ाव, सोशल मीडिया पोस्ट्स और पारिवारिक विवादों ने उन्हें समय-समय पर चर्चा के केंद्र में बनाए रखा.

मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी के बेटे

प्रतीक यादव का जन्म 7 जुलाई 1987 को लखनऊ में हुआ था. वे मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे. साधना गुप्ता लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहीं, लेकिन मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक और निजी जीवन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती थी. 2022 में लंबी बीमारी के बाद साधना गुप्ता का निधन हो गया था. उस दौरान प्रतीक यादव अपनी मां के बेहद करीब दिखाई दिए थे और उन्होंने परिवार की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया था. 

साधना गुप्ता, मुलायम सिंह यादव और प्रतीक

यादव परिवार में समय-समय पर राजनीतिक और पारिवारिक मतभेदों की खबरें आती रहीं, खासकर 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले जब समाजवादी पार्टी के भीतर अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच संघर्ष खुलकर सामने आया था. हालांकि इन सबके बीच प्रतीक ने सार्वजनिक रूप से अपने बड़े भाई अखिलेश यादव के प्रति सम्मान जताया था. उन्होंने एक बयान में कहा था कि उत्तर प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने का काम ‘भैया’ अखिलेश यादव से बेहतर कोई नहीं कर सकता.

ब्रिटेन से पढ़ाई, फिर बिजनेस की दुनिया

लखनऊ में शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतीक यादव उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन गए. उन्होंने यूनाइटेड किंगडम की लीड्स यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट की पढ़ाई की. राजनीतिक परिवार से आने वाले अधिकांश युवाओं की तरह उनके सामने भी राजनीति में उतरने का रास्ता खुला था, लेकिन उन्होंने अलग राह चुनी. भारत लौटने के बाद प्रतीक ने फिटनेस और रियल एस्टेट के क्षेत्र में अपना करियर बनाया. 

प्रतीक ने लखनऊ के पॉश गोमतीनगर इलाके में हाई-एंड जिम और फिटनेस सेंटर शुरू किए. ‘आयरन कोर फिट’ और बाद में ‘द फिटनेस प्लैनेट’ जैसे उनके फिटनेस वेंचर्स ने शहर के युवाओं और प्रीमियम वर्ग के बीच अच्छी पहचान बनाई. सोशल मीडिया पर उनके वर्कआउट वीडियो और फिटनेस पोस्ट काफी लोकप्रिय होते थे. उनका व्यक्तित्व एक ऐसे फिटनेस आइकन का बन चुका था जो राजनीति से अलग अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने की कोशिश कर रहा था.

फिटनेस, लग्जरी और सोशल मीडिया की दुनिया

प्रतीक यादव फिटनेस को लेकर बेहद सजग माने जाते थे. सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें अक्सर चर्चा में रहती थीं. कभी जिम में हैवी वर्कआउट करते हुए, कभी एडवेंचर स्पोर्ट्स करते हुए और कभी लग्जरी कारों के साथ. उन्हें महंगी गाड़ियों का खास शौक था. कुछ वर्ष पहले उन्होंने करीब पांच करोड़ रुपए की लैंबोर्गिनी खरीदी थी, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं. 

प्रतीक को महंगी कारों का बड़ा शौक था

2017 में जब समाजवादी पार्टी के भीतर राजनीतिक संघर्ष चरम पर था, तब उनकी महंगी कार के साथ पोस्ट की गई तस्वीरों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी हुई थीं. विपक्षी दलों ने इसे मुद्दा बनाया और कहा गया कि इससे आम कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश गया. हालांकि प्रतीक ने हमेशा यह स्पष्ट किया कि उनकी रुचि राजनीति में नहीं है. उनका कहना था कि अगर उन्हें राजनीति में आना होता तो वह बहुत पहले ही सक्रिय हो चुके होते. वह खुद को एक बिजनेसमैन और फिटनेस प्रोफेशनल के तौर पर स्थापित करना चाहते थे.

जानवरों के प्रति गहरा लगाव

प्रतीक यादव की सार्वजनिक छवि का एक बड़ा हिस्सा उनका पशु प्रेम भी था. इंस्टाग्राम पर उनकी कई पोस्ट जानवरों के प्रति संवेदनशीलता को दिखाती थीं. उनकी एक पिन की हुई पोस्ट में लिखा था, “आप जानवरों के साथ जैसा व्यवहार करते हैं, जिंदगी भी आपके साथ वैसा ही व्यवहार करे.” वे ‘जीव आश्रय’ नाम की संस्था से जुड़े थे, जो आवारा और घायल जानवरों की देखभाल का काम करती है. खासतौर पर कुत्तों के संरक्षण और इलाज को लेकर उनकी संस्था सक्रिय रही. 

उन्होंने अपनी पालतू कुतिया ‘दुलारी’ को लेकर भी बेहद भावुक पोस्ट लिखी थी. उन्होंने दुलारी को अपनी ‘सबसे बड़ी बेटी’ बताया था और कहा था कि उसी ने उन्हें जीवों की भाषा समझना सिखाया. यह पहलू उन्हें पारंपरिक राजनीतिक परिवारों के युवाओं से अलग बनाता था. जहां ज्यादातर राजनीतिक उत्तराधिकारी मंचों और चुनावी सभाओं में दिखाई देते हैं, वहीं प्रतीक अक्सर जानवरों, फिटनेस और निजी जीवन से जुड़ी पोस्टों के जरिए अपनी दुनिया सामने रखते थे.

अपर्णा यादव से प्रेम और शादी

प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की कहानी भी लंबे समय तक चर्चा में रही. दोनों की मुलाकात साल 2001 में एक बर्थडे पार्टी में हुई थी. धीरे-धीरे दोस्ती गहरी हुई और करीब दस साल तक रिश्ते में रहने के बाद दोनों ने दिसंबर 2011 में सैफई में शादी की. यह शादी उस समय उत्तर प्रदेश की सबसे चर्चित हाई-प्रोफाइल शादियों में गिनी गई थी. समारोह में राजनीति, उद्योग और फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं.

अपर्णा के साथ प्रतीक

महानायक अमिताभ बच्चन भी इस समारोह में पहुंचे थे. अपर्णा यादव ने बाद में राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई. 2017 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा, हालांकि वे चुनाव हार गईं. बाद में 2022 में अपर्णा BJP में शामिल हो गईं. इसके बावजूद लंबे समय तक दोनों की जोड़ी राजनीतिक मतभेदों के बीच भी निजी तौर पर मजबूत मानी जाती रही. दोनों की दो बेटियां हैं.

तलाक की खबरों ने बढ़ाई हलचल

इस साल जनवरी में प्रतीक यादव अचानक तब सुर्खियों में आ गए जब उन्होंने इंस्टाग्राम पर लंबी पोस्ट लिखकर अपने वैवाहिक जीवन को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि वह मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं और अपर्णा यादव पर परिवारिक रिश्तों को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप लगाए. उन्होंने तलाक लेने तक की बात कही थी. 

उनकी पोस्ट वायरल होते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था. अपर्णा यादव BJP से जुड़ी थीं और यादव परिवार पहले ही राजनीतिक रूप से कई धड़ों में बंटा दिखाई देता रहा है, इसलिए इस विवाद को राजनीतिक नजरिए से भी देखा गया. हालांकि बाद में अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट ने दावा किया कि प्रतीक का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक हो गया था और जो पोस्ट सामने आईं वे फर्जी थीं. कुछ दिनों बाद प्रतीक ने अपर्णा के साथ ‘All is Good’ लिखकर तस्वीर साझा की, जिसके बाद लगा कि रिश्तों में सुधार हो गया है.

कारोबारी विवाद और मानसिक दबाव

हाल के वर्षों में प्रतीक यादव एक कारोबारी विवाद को लेकर भी चर्चा में आए थे. उन्होंने अपने एक पुराने कारोबारी साझेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. आरोप था कि उनसे करोड़ों रुपए की रंगदारी मांगी जा रही है, जान से मारने की धमकी दी जा रही है और आर्थिक धोखाधड़ी की गई है. अपनी शिकायत में प्रतीक ने कहा था कि लगातार बीमारी, मां साधना गुप्ता की मौत, पिता मुलायम सिंह यादव के निधन और मामा के गुजर जाने के बाद वे भावनात्मक रूप से काफी कमजोर हो गए थे. 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि इसी कमजोरी का फायदा उठाकर उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया गया. उनके करीबियों का कहना था कि पिछले कुछ वर्षों में निजी और कारोबारी दबावों ने उन्हें भीतर से प्रभावित किया था. हालांकि सार्वजनिक रूप से वह हमेशा खुद को फिट, मजबूत और सकारात्मक दिखाने की कोशिश करते रहे.

प्रतीक की आखिरी पोस्ट

प्रतीक यादव की आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. यह पोस्ट 3 अप्रैल को की गई थी, जिसमें वह Extra EA-300 एरोबैटिक विमान उड़ाते दिखाई दे रहे थे. वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा था, “The engine roared, the sky opened up, and I took control.” उन्होंने इस अनुभव को ‘Top Gun’ फिल्म जैसा बताते हुए बेहद रोमांचक बताया था. पोस्ट में उनका उत्साह और रोमांच साफ दिखाई देता था. अब वही पोस्ट उनके प्रशंसकों और परिचितों के लिए आखिरी याद बन गई है. और पीछे रह गई हैं उनकी सोशल मीडिया पोस्ट्स, फिटनेस की दुनिया में बनाई गई पहचान, परिवार की यादें और कई अनुत्तरित सवाल.

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