ओडिशा में हर दिन 8 रेप, 4 हत्याएं! मोहन माझी सरकार का श्वेत-पत्र विपक्ष को चुप करा पाएगा?
ओडिशा सरकार ने कानून-व्यवस्था की हालत पर 25 मार्च को एक श्वेत-पत्र जारी किया है

मार्च की 21 तारीख को गंजाम जिले के जरड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव में हत्या के कथित प्रयास की चौंकाने वाली घटना से इलाके में दहशत फैल गई. उस दिन शाम को एक 22 वर्षीय युवती पर उसके घर के अंदर अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया. यह घटना शाम करीब 5 बजे की है, जब युवती घर पर अकेली थी. उसके पिता बकरियां चराने गए थे और मां भी बाहर थी
घटना से कुछ देर पहले ही युवती महामायी पूजा से लौटी थी. उसके अकेले होने का फायदा उठाकर चेहरे ढके हुए दो अज्ञात युवक घर में घुस आए और उस पर हमला कर दिया. हमले के बाद वह लहूलुहान हालत में बेहोश मिली. चीख-पुकार सुनकर पहुंचे स्थानीय लोगों ने उसे बचाया और इलाज की व्यवस्था की. हमले का कारण अभी स्पष्ट नहीं है और अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.
देखते ही देखते यह घटना पूरे ओडिशा में चर्चा का मुद्दा बन गई और विपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य की कानून व्यवस्था BJP सरकार में तेजी से बिगड़ रही है. वहीं इससे पहले विधानसभा के चालू सत्र में विपक्षी विधायकों ने श्वेत पत्र की मांग की थी, जिसके बाद गृह विभाग ने 25 मार्च को सदन में इसे जारी किया. इसमें सामने आए आंकड़े महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से डरावने और चौंकाने वाले हैं.
ओडिशा में वर्ष 2025 के दौरान कुल 2,29,881 संज्ञेय अपराध दर्ज किए गए. इनमें प्रतिदिन औसतन आठ से अधिक रेप और चार हत्याएं हुईं. रिपोर्ट के अनुसार, पूरे वर्ष में 1,304 हत्या, 353 डकैती, 1,802 लूट और 6,282 सेंधमारी के मामले दर्ज हुए. इसके अलावा 6,053 धोखाधड़ी और 1,095 दंगे के मामले भी सामने आए.
महिलाओं के खिलाफ अपराध एक बड़ी चिंता बनकर उभरा है. इस दौरान बलात्कार के 2,994 मामले सामने आए. हालांकि, साल 2024 (3,054 मामले) के मुकाबले इसमें 1.96 प्रतिशत की मामूली कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद हर तीन घंटे में एक बलात्कार हुआ है. प्रतिदिन औसतन 8.20 महिलाएं और बच्चे इसका शिकार हुए. पुलिस ने इन मामलों में 64.46 प्रतिशत चार्जशीट दाखिल की है.
वहीं हत्या के मामलों में 3.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह संख्या 1,304 तक पहुंच गई. इसका अर्थ है कि हर 6.7 घंटे में एक व्यक्ति की हत्या हुई, यानी प्रतिदिन औसतन 3.57 लोगों की जान गई. हत्या के केवल 46 प्रतिशत मामलों में ही चार्जशीट दाखिल हो पाई है. इसके अलावा मानव तस्करी के 164 और दहेज हत्या के 145 मामलों का भी उल्लेख किया गया है.
पूरी स्थिति पर सीएम मोहन माझी ने सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि बलात्कार के मामलों में 3.5 प्रतिशत, छेड़छाड़ में 2.2 प्रतिशत, एसिड अटैक में 73.3 प्रतिशत और दहेज हत्या में 26.1 प्रतिशत की कमी आई है.
माझी ने सजा दर (conviction rate) के बारे में कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में इसमें उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. साल 2023 में जो सजा दर 6.7 प्रतिशत थी, वह 2025 की शुरुआत में 41 प्रतिशत और जून 2025 तक 62 प्रतिशत पहुंच गई. उन्होंने कहा, "यह सजा दर संभवतः देश में सबसे अधिक है. यह अपराधियों के खिलाफ हमारी सरकार के सख्त रुख को दर्शाता है."
साइबर अपराध भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा, जिसमें राज्य भर में 2,803 मामले दर्ज किए गए. मुख्यमंत्री ने इसे बड़ी चिंता बताया है. उन्होंने 'ऑपरेशन साइबर कवच' की सफलता साझा करते हुए बताया कि 13 फरवरी से 12 मार्च के बीच पुलिस ने 39,700 से अधिक संदिग्ध बैंक खातों का सत्यापन किया, 1,422 मामले दर्ज किए और 379 आरोपियों को गिरफ्तार किया. इसके अलावा 7,500 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए गए. साइबर अपराध के 56 प्रतिशत मामले आर्थिक धोखाधड़ी से जुड़े थे.
इसके अलावा, ड्रग्स से जुड़े 1,538 मामले दर्ज किए गए, जो ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को दर्शाते हैं. सड़क सुरक्षा भी चुनौती रही, जहां 2025 में 12,782 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं.
पुलिस ने कुल मिलाकर 67.52 प्रतिशत चार्जशीट दर हासिल की है. श्वेत पत्र में माओवादी गतिविधियों में कमी का दावा भी किया गया है. अब घटनाएं केवल नौ जिलों तक सीमित रह गई हैं. सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ों में 8 माओवादियों को मार गिराया, जबकि सीमावर्ती अभियानों में 17 अन्य मारे गए. राज्य सरकार ने गृह विभाग के लिए वित्त वर्ष 2026-27 हेतु 10,786.69 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है.
बेहद खराब है ओडिशा की स्थितिः विपक्ष
मुख्यमंत्री भले ही स्थिति नियंत्रण में बता रहे हों, लेकिन विपक्ष कानून व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बना रहा है. बीजू जनता दल (BJD) की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने कहा, "9 मार्च को गंजाम जिले के शेरगढ़ ब्लॉक के BJD अध्यक्ष कृष्ण चंद्र नायक पर उनके कार्यालय में बदमाशों ने हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए."
BJD विधायक शारदा प्रसन्न जेना ने आरोप लगाया कि नायक पर हमले के पीछे BJP से जुड़े लोग थे. उन्होंने कहा कि BJP शासन में कोई भी सुरक्षित नहीं है और जनप्रतिनिधियों को भी निशाना बनाया जा रहा है.
वहीं विधायक ध्रुव चरण साहू ने आरोप लगाया कि केंद्रपाड़ा के राजनगर में एक ओएएस (OAS) महिला अधिकारी पर BJP के गुंडों ने हमला किया. उन्होंने कहा, "आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय सरकार ने अधिकारी का ही तबादला कर दिया, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं."