क्या नेमोम सीट BJP के लिए केरल विधानसभा का रास्ता खोलेगी?
पिछले साल तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनावों में नेमोम की जीत और राजीव चंद्रशेखर की उम्मीदवारी ने BJP के आत्मविश्वास को और बढ़ाया है

केरल विधानसभा चुनाव में इस बार दो पहलुओं को लेकर काफी उत्सुकता रहेगी. पहली यह कि क्या मुख्यमंत्री पिनारई विजयन वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) को लगातार तीसरी बार सत्ता में ला पाएंगे और दूसरा यह कि राज्य की द्विध्रुवीय राजनीति में तीसरी दावेदार BJP कुछ सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब होगी.
2016 में BJP के दिग्गज नेता ओ. राजगोपाल ने तिरुवनंतपुरम संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली नेमोम सीट जीतकर अपनी पार्टी का खाता खोला था. लेकिन, BJP 2021 के विधानसभा चुनाव में इस उपलब्धि को दोहरा नहीं सकी. अब 2026 का चुनाव आ गया है.
2024 में केरल से लोकसभा में BJP को पहली बड़ी जीत त्रिशूर सीट पर मिली. हालांकि, विधानसभा चुनाव की बात करें तो 4 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तिरुवनंतपुरम यात्रा के बावजूद, BJP के लिए दोबारा विधानसभा में इस सीट को जीत पाना बेहद मुश्किल है. इसके लिए BJP को बेहद कठिन लड़ाई लड़नी होगी.
सभी अनुमानों के मुताबिक, नेमोम अभी भी BJP की पहली पसंद हैं क्योंकि इस निर्वाचन क्षेत्र में उनका मजबूत वोट बैंक है. BJP के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर इसी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, उनका मुकाबला CPI (M) के उम्मीदवार और शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी से है. मैदान में कांग्रेस के पूर्व विधायक के.एस. सबरीनाथन भी हैं.
2024 में चंद्रशेखर तिरुवनंतपुरम लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के शशि थरूर से लगभग 16,000 वोटों से हार गए थे. इस बार नेमोम के लिए हुए चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में चंद्रशेखर और शिवनकुट्टी के बीच कड़ी टक्कर का अनुमान लगाया गया है.
RSS के नेतृत्व में BJP का चुनाव प्रचार नेमोम में हिंदू वोटों को एकजुट करने पर केंद्रित है. RSS कार्यकर्ता युवाओं और महिलाओं को भी लामबंद कर रहे हैं. 4 अप्रैल को नेमोम में मोदी के रोड शो के बाद BJP चुनाव प्रचार अभियान को हर परिवार तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है.
केरल में BJP के महासचिव एस. सुरेश ने इंडिया टुडे को बताया, “हम नेमोम में लगातार इस सीट को लेकर समीक्षा कर रहे हैं और जीत का अंतर बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं. मोदी गारंटी के भरोसे, हमें विश्वास है कि हम यह सीट 6,000 से अधिक वोटों से जीतेंगे.”
पिछले साल तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनावों में नेमोम की जीत और हिंदू बहुल वार्डों में मतदान के रुझान ने BJP के आत्मविश्वास को बढ़ाया है. वहीं दूसरी ओर, स्थानीय BJP नेता पार्टी के खिलाफ मुस्लिम एकजुटता को लेकर चिंतित हैं. उनके लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की राजनीतिक शाखा, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया ने CPI (M) को समर्थन देने की पेशकश की है.
BJP की चुनावी सूची में एक और महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र उत्तरी केरल का मंजेश्वर है. यहां BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन चौथी बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. 2021 में सुरेंद्रन इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के एकेएम अशरफ से मामूली अंतर से हार गए थे. 2016 में वे 89 वोटों से हार गए थे और 2011 में IUML नेता पीबी अब्दुल रजाक से पराजित हुए थे.
सुरेंद्रन ने कहते हैं, “इस बार मेरी स्थिति काफी मजबूत है. मुझे उम्मीद है कि मैं यह सीट जीत लूंगा. मैं यहां के लोगों, इलाके और यहां की समस्याओं से अच्छी तरह वाकिफ हूं. CPI (M) हमेशा IUML उम्मीदवारों के सामने कमजोर साबित होती है, लेकिन हम क्रॉस-वोटिंग का मुकाबला करेंगे.”
BJP उम्मीदवारों के तिरुवनंतपुरम जिले के वट्टियूरकावु और कज़ाकूटम में अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है. कोल्लम में चथन्नूर; पथनमथिट्टा में तिरुवल्ला; कोट्टायम में कंजिरापल्ली; एर्नाकुलम में थ्रिपुनिथुरा; त्रिशूर में कोडुंगल्लूर, त्रिशूर और मनालूर; और पलक्कड़ जिले में पलक्कड़ और मालमपुझा सीटों पर भी BJP मजबूत दावेदारी पेश कर रही है.
BJP के लिए चुनाव का नतीजा क्या होगा, इस पर अभी कुछ कहना मुश्किल है. लेकिन पार्टी के एक नेता ने कुछ जमीनी आकलन पेश करते हुए कहा, “कई सीटों पर उम्मीदवारों के चयन या आंतरिक कलह के कारण हमें जीत से हाथ धोना पड़ सकता है. वहीं दूसरी ओर, मलम्पूझा, मनलूर और त्रिशूर में BJP अप्रत्याशित जीत दर्ज कर सकती है.”