हालिया चुनाव नतीजों के बाद सक्रिय हुए नवीन पटनायक BJD को कैसे बदल रहे?

बीजू जनता दल (BJD) के मुखिया नवीन पटनायक ने 5 मई को जिला और राज्य स्तर पर पार्टी की नई टीम की घोषणा की है

Odisha Chief Minister Naveen Patnaik
नवीन पटनायक (फाइल फोटो)

हालिया विधानसभा चुनावों के परिणामों ने क्षेत्रीय दलों को अधिक सतर्क कर दिया है. बीजू जनता दल (BJD) भी इससे अलग नहीं है. सरकती जमीन की चिंता करते हुए पार्टी प्रमुख नवीन पटनायक ने अभी से कमर कसना शुरू कर दिया है. संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए उन्होंने बीते 5 मई को जिला और राज्य स्तर पर नेताओं की नई टीम की घोषणा की है.

राज्य स्तर पर मजबूत संगठन तैयार करने के लिए 89 और लोगों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. इनमें एक उपाध्यक्ष, 5 वरिष्ठ महासचिव, 27 महासचिव, 45 सचिव और 11 युवा संपर्क सचिव शामिल हैं. बीते 4 मई को चुनाव परिणाम आए और अगले ही दिन BJD की नई समिति की घोषणा हुई. हालांकि यह महज इत्तेफाक हो सकता है, लेकिन यह फेरबदल इस बात का संकेत है कि BJD जमीनी स्तर से अपनी ताकत को फिर से खड़ा करने पर ध्यान दे रही है.

ध्यान देने वाली बात यह है कि सभी फैसले नवीन पटनायक के नेतृत्व में लिए जा रहे हैं. जिला अध्यक्षों, कार्यकारी अध्यक्षों और राज्य स्तर के पदाधिकारियों की मजबूत टीम के नए ढांचे के साथ, BJD अपनी सबसे बड़ी ताकत यानी अपने जमीनी नेटवर्क की ओर वापस लौटती नजर आ रही है. तय कार्यक्रम के तहत नवीन पटनायक हर दिन किसी न किसी पंचायत के प्रतिनिधियों से अपने आवास पर मिल रहे हैं और उनके कामकाज की समीक्षा भी कर रहे हैं.

इसी कड़ी में 7 मई को जाजपुर जिले की समीक्षा बैठक के दौरान नवीन पटनायक ने कहा, "मैं हमेशा अनुशासन पर जोर देता रहा हूं. इसलिए पार्टी में अनुशासनहीनता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती. पंचायत और शहरी निकाय चुनाव नजदीक हैं और हमें मिलकर संगठन को मजबूत करना है तथा लोगों से जुड़े रहना है." इससे पहले 4 मई को उन्होंने रघुनाथपुर ब्लॉक की तिरतोल चुनाव समिति और आनंदपुर नगर निगम के पार्षदों से अलग-अलग समय पर मुलाकात की. वहीं केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में प्रकाशित 'पंचायत प्रगति सूचकांक 2023-24' की रिपोर्ट में ओडिशा के गंजाम जिले के हिंजिलीकाटु पोचिलिमा पंचायत और बेलगांव पंचायत को सर्वश्रेष्ठ पंचायत के रूप में चुना गया है. नवीन पटनायक ने दोनों पंचायतों के प्रतिनिधियों को घर बुलाकर सम्मानित किया.

जमीन पर खुद उतरे नवीन

पूर्व मुख्यमंत्री की उम्र करीब 80 साल है. इस हालत में भी वे आखिर जमीनी स्तर पर जाने की मशक्कत क्यों कर रहे हैं. राजनीतिक विश्लेषक रवि दास कहते हैं, "सीएम रहते हुए वे राज्य के सबसे बड़े नेता तो थे, लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों से मुलाकात की बात कोई सोच भी नहीं सकता था. वे अपने जमीनी कार्यकर्ताओं से कट गए थे. ऐसे में अब नहीं करेंगे तो कब करेंगे."

रवि दास आगे कहते हैं, "राज्य के सभी 30 जिला परिषद के अध्यक्ष BJD के हैं. पंचायतों में लगभग 80 से 90 प्रतिशत प्रतिनिधि BJD के हैं. जब उनका अपने टॉप लीडर से संपर्क नहीं रहा, तो लोग BJP की ओर जाने लगे. इसके अलावा माझी सरकार ने अपने एक फैसले से पंचायत प्रतिनिधियों के पैसे खर्च करने के अधिकार में भारी कटौती कर दी है. इसे लेकर काफी गुस्सा है और BJD इसी को भुनाना चाहती है." 

चुनौतियां और भी हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि संगठन विस्तार के साथ-साथ नवीन पटनायक बैठकों में अनुशासन पर सबसे अधिक जोर दे रहे हैं. राज्यसभा चुनाव के वक्त हुई अनुशासनहीनता के बाद बीते 5 मई को पार्टी के पूर्व विधायक प्रणव प्रकाश दास ने अपने ही दल के नेताओं को निशाने पर ले लिया. दास ने कहा कि पिछले 15 से 17 वर्षों में कई नेताओं को अवसर दिए गए, लेकिन राजनीतिक लाभ लेने के बाद वे कथित तौर पर क्षेत्र से दूर हो गए. इस तरह के रवैये से पार्टी के भीतर विभाजन पैदा हुआ है और अविश्वास का माहौल बना है. बॉबी दास ने यह भी खुले तौर पर स्वीकार किया कि BJD नेताओं के बीच मतभेद और नाराजगी मौजूद है.

जवाब में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक प्रीतिरंजन घदाई ने कहा, "BJD एक अनुशासित पार्टी है. जो भी ज्यादा चालाक बनने की कोशिश करेगा, उसे नुकसान उठाना पड़ेगा. नवीन बाबू का सख्त निर्देश है कि सभी पार्टी अनुशासन के दायरे में रहें." 

हालांकि इतनी मेहनत के बावजूद नवीन पटनायक के सामने असल खतरा अब भी बरकरार है. उन्होंने अब तक 'सेकेंड लाइन लीडरशिप' को तैयार नहीं किया है. रवि दास के मुताबिक, "यह उनकी अब तक की सबसे बड़ी कमजोरी है कि किसी ओड़िया नेता पर उन्हें भरोसा नहीं है. वे भरोसे लायक किसी को अब तक तैयार नहीं कर पाए हैं. अपनी उम्र को ध्यान में रखते हुए अगर उन्होंने यह काम समय पर नहीं किया, तो आने वाले दिनों में BJD का टूटना तय है." 

इस बीच BJD से लोगों का टूटना जारी है. 7 मई को रायगड़ा, काकटपुर, बोलगढ़ और बेगुनिया क्षेत्रों के सरपंच एवं समिति सदस्य, जो BJD और कांग्रेस में थे, BJP में शामिल हो गए. प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मनमोहन सामल ने सभी का स्वागत किया और दावा किया कि आने वाले दिनों में और भी पंचायतों के सदस्य पार्टी से जुड़ने जा रहे हैं.

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