ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा क्यों खोल दिया है?
टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने इस मामले को ममता के ध्यान में लाया

ममता बनर्जी ने बीजेपी पर चुनाव आयोग की 'मदद' से पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में दूसरे राज्यों से 'फर्जी मतदाताओं' को शामिल करने का आरोप लगाया है. कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की बैठक में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी ने दिल्ली और महाराष्ट्र में मतदाता सूचियों में हेराफेरी की है और अगले साल बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए भी ऐसा ही करने की कोशिश कर रही है.
ममता ने दावा किया कि उनकी पार्टी 294 विधानसभा सीटों में से कम से कम दो तिहाई सीटें जीतेगी और ज़रूरत पड़ने पर चुनाव आयोग के खिलाफ़ आंदोलन भी करने से पीछे नहीं हटेगी. उन्होंने कहा, "अगर ज़रूरत पड़ी तो हम मतदाता सूची में सुधार के लिए चुनाव आयोग के दफ़्तर के बाहर अनिश्चितकालीन धरना दे सकते हैं."
ममता ने मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति की आलोचना की और आरोप लगाया कि दो एजेंसियां - एसोसिएशन ऑफ ब्रिलियंट माइंड्स और इंडिया 360 - गुजरात, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा से नाम दर्ज करके बंगाल की मतदाता सूचियों में हेरफेर कर रही हैं.
टीएमसी प्रमुख ने ऐसे उदाहरणों का हवाला देते हुए मतदाता सूची में कथित विसंगतियों को उजागर किया, जहां एक ही फोटो पहचान पत्र संख्या वाले नए मतदाताओं ने पुराने मतदाताओं की जगह ले ली. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की चुनावी रणनीति उन सीटों पर टिकी है जहां पार्टी 2021 में पिछले बंगाल विधानसभा चुनाव में कम अंतर से हारी थी.
उन्होंने कहा, "इस हेरफेर से बंगाल की संस्कृति और पहचान को खतरा है. हम मेहमानों का सम्मान करते हैं, लेकिन हम बाहरी लोगों को बंगाल पर कब्ज़ा करने की इजाजत नहीं देंगे." उन्होंने चेतावनी दी कि मतदाता सूची में बदलाव एक भयावह योजना हो सकती है, जो संभवतः नागरिकता (संशोधन) अधिनियम और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) से जुड़ी हो.
उन्होंने दावा किया कि दोनों एजेंसियों के लिए काम करने वाले लोगों ने फील्ड सर्वे नहीं किया था और वे सहायक रिटर्निंग अधिकारियों और डेटा ऑपरेटरों की मदद से मतदाता सूचियों में हेराफेरी कर रहे थे. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "ऑनलाइन का मतलब यह नहीं है कि हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के मतदाता यहां वोट डाल पाएंगे. अगर जरूरत पड़ी तो हम निर्वाचन भवन (नई दिल्ली में चुनाव आयोग मुख्यालय) के बाहर कई दिनों तक धरने पर बैठ सकते हैं."
टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने इस मामले को ममता के ध्यान में लाया. ममता ने कहा, "इसी तरह से उन्होंने (बीजेपी) महाराष्ट्र और दिल्ली में जीत हासिल की. वे (महाराष्ट्र में शिवसेना -यूबीटी और कांग्रेस और दिल्ली में आम आदमी पार्टी) इसे समझने में विफल रहे, लेकिन हमने उन्हें (मतदाता सूची में हेराफेरी करने वालों) पकड़ लिया है. ऐसा हर जिले में हुआ होगा. हम इसे बिना रोक-टोक नहीं छोड़ सकते."
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी संसद में महाराष्ट्र चुनाव में मतदाता सूची में हेराफेरी का आरोप लगाया था और चुनाव आयोग से जवाब मांगा था.
ममता ने टीएमसी बंगाल अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को एक समिति का नेतृत्व करने का निर्देश दिया है, जिसमें राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ ब्रायन, सुदीप बंद्योपाध्याय और कई अन्य सांसद, विधायक, राज्य मंत्री और पार्टी नेता शामिल हैं, जो बंगाल के प्रत्येक ब्लॉक में मतदाता सूचियों की समीक्षा करेंगे. उन्होंने कहा, "सांसदों का भविष्य भी इसी (मतदाता सूची संशोधन) पर निर्भर करता है. मुझे बीजेपी पर भरोसा नहीं है. एक राष्ट्र, एक चुनाव के तहत, वे विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ करा सकते हैं. सांसदों को सूची सुधारने पर भी काम करना होगा."
उन्होंने ब्लॉक स्तर पर पार्टी पदाधिकारियों को मतदाता सूचियों की जांच करने का निर्देश दिया है - यह काम अगले पखवाड़े में पूरा किया जाना है. समिति के कम से कम चार सदस्य कोलकाता में पार्टी मुख्यालय में मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों के बारे में ब्लॉक और जिलों से जानकारी लेने के लिए उपलब्ध रहेंगे.
टीएमसी प्रमुख ने केंद्रीय जांच एजेंसियों को कथित रूप से प्रभावित करने के लिए बीजेपी पर कटाक्ष किया. उन्होंने कहा, "उनके (बीजेपी) पास सत्ता, पैसा और मीडिया का समर्थन हो सकता है, लेकिन उनके पास हमारे जैसे समर्पित कार्यकर्ता नहीं हैं जो किसी भी कीमत पर बंगाल की रक्षा करेंगे."
ममता के सामने बोलते हुए अभिषेक ने बीजेपी से अपने कथित संबंधों की अटकलों को हंसी में उड़ा दिया और कहा, "भले ही कोई मेरा गला काट दे, मैं तब भी ‘ममता बनर्जी जिंदाबाद’ कहूंगा." उन्होंने मीडिया के एक वर्ग पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया, खासकर टीएमसी नेताओं के खिलाफ जांच के बारे में.
अभिषेक ने टीएमसी कार्यकर्ताओं को कम से कम 215 विधानसभा सीटें जीतने का लक्ष्य दिया. उन्होंने कहा, "हम बीजेपी, सीपीआई (एम) या कांग्रेस के लिए एक इंच भी जमीन नहीं छोड़ेंगे. तृणमूल कांग्रेस 215 से ज़्यादा सीटें जीतकर सत्ता में वापस आएगी."
टीएमसी के चुनावी माहौल में आने के बाद ममता ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे ध्यान केंद्रित रखें और जन-जन तक पहुंच सुनिश्चित कर कल्याणकारी कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित करें. उन्होंने पार्टी को एक और शानदार जीत दिलाने के लिए एकजुटता और कड़ी मेहनत पर जोर दिया.