'कंबल कांड' से चर्चा में आए BJP नेता जौनापुरिया का पहले भी रहा है विवादों से नाता
राजस्थान के BJP नेता और पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया कंबल बांटने के एक कार्यक्रम में मुस्लिम महिलाओं से कंबल वापस लेने के कारण इस वक्त चर्चा में हैं

उतरती हुई सर्दी ने राजस्थान की सियासत को गरमा दिया है. विवाद के केंद्र में हैं टोंक-सवाई माधोपुर से दो बार सांसद रह चुके सुखबीर सिंह जौनापुरिया. उनके इस 'कंबल कांड' की न केवल राजस्थान, बल्कि देशभर में चर्चा है.
दरअसल, पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया 22 फरवरी को टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र के निवाई उपखंड स्थित करेड़ा बुजुर्ग गांव में कंबल बांटने आए थे. उन्होंने कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव के बुजुर्गों को आमंत्रित किया था. इस दौरान वहां छह मुस्लिम महिलाएं भी पहुंची थीं.
पूर्व सांसद ने कंबल बांटना शुरू किया और तीन महिलाओं को कंबल दे भी दिए. इसी बीच उन्होंने एक महिला से उसका नाम पूछा. महिला ने अपना नाम सुकरान बानो बताया, तो पूर्व सांसद नाराज हो गए और उनके हाथ से कंबल छीन लिया. उन्होंने कार्यकर्ताओं को झिड़कते हुए कहा: "इन्हें यहां क्यों बुलाया है? जो मोदी को गाली देते हैं, मैं उन्हें कंबल नहीं दूंगा."
इसके बाद मुस्लिम महिलाओं से कंबल छीनकर उन्हें अलग बैठा दिया गया. जब वहां मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं ने उनके व्यवहार पर आपत्ति जताई, तो उन्होंने दो टूक कहा, "यह मेरा व्यक्तिगत कार्यक्रम है, मेरी मर्जी होगी उसे ही कंबल दूंगा."
ग्रामीणों का विरोध और आक्रोश
जल्द ही इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. दूसरी ओर, सांसद ने भी अपने पेज पर कार्यक्रम का वीडियो डाला, जिसमें वे प्रधानमंत्री मोदी के नाम का जिक्र करते सुनाई दे रहे हैं.
गांव के एक दुकानदार गिरिराज बताते हैं, "सांसद करीब 20 मिनट रुके. मुस्लिम महिलाओं से कंबल छीनने के बाद वे लगातार गुस्से में थे. जब हमने टोका कि हमारे गांव में सब मिलजुल कर रहते हैं, आप यह भेदभाव क्यों कर रहे हैं, तो वे हम पर ही बरसने लगे."
इस अपमानजनक व्यवहार के खिलाफ 23 फरवरी को ग्रामीणों ने सुखबीर सिंह जौनापुरिया का पुतला दहन किया. विरोध स्वरूप कुछ लोगों ने बांटे गए कंबलों की होली भी जलाई.
विवादों से पुराना नाता
हालांकि, जौनापुरिया के लिए विवाद कोई नई बात नहीं है. उनका इतिहास ऐसे कई वाकयों से भरा है:
• सांप्रदायिक तनाव (2020): 21 अगस्त 2020 को टोंक के मालपुरा में तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसा भड़की थी. जौनापुरिया सहित 13 लोगों पर दंगा भड़काने और कोरोना नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ था.
• अजीबोगरीब दावे: कोरोना काल में उनके 'मिट्टी स्नान', 'अग्नि स्नान' और 'शंख बजाओ-कोरोना भगाओ' जैसे वीडियो वायरल हुए थे. विडंबना यह रही कि इसके कुछ दिनों बाद वे खुद कोरोना पॉजिटिव हो गए थे.
• पीड़िता की पहचान उजागर करना (2023): भीलवाड़ा के चर्चित भट्टी कांड में उन्होंने एक नाबालिग रेप पीड़िता का वीडियो जारी कर उसकी पहचान उजागर कर दी थी, जिसका कड़ा विरोध हुआ था.
• बयानबाजी: पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने प्रतिद्वंद्वी हरीश मीणा के लिए कहा था, "जब सियार की मौत आती है तो वह गांव की तरफ दौड़ता है." इसके अलावा, उन्होंने वकीलों को वोट के बदले 10 लाख रुपये देने का लालच भी दिया था.
राजनीतिक सफर
सुखबीर सिंह जौनापुरिया मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं और वहां के रियल एस्टेट कारोबारी हैं.
• 2004-2009: हरियाणा के सोहना से विधायक रहे.
• 2014: राजस्थान आकर टोंक-सवाई माधोपुर से चुनाव लड़ा और मोहम्मद अजहरुद्दीन को हराया.
• 2019: दोबारा सांसद चुने गए.
• 2024: बीजेपी ने तीसरी बार भरोसा जताया, लेकिन कांग्रेस के हरीश चंद्र मीणा से हार गए.
चुनावी हलफनामे के अनुसार, जौनापुरिया 142 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं.