अद्वैत वेदांत और AI : आदि शंकर के दर्शन से सुलझेंगे आधुनिक जीवन के सवाल

अद्वैत वेदांत के प्रवर्तक आदि शंकर का जयंती समारोह मनाने के लिए मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में अलग-अलग क्षेत्रों के 1000 विशेषज्ञ जुटने वाले हैं

एकात्म धाम में होगा यह कार्यक्रम

आठवीं शताब्दी के संन्यासी, दार्शनिक और अद्वैत वेदांत के गुरू आदि शंकर के जयंती समारोह के लिए मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में 17 से 22 अप्रैल तक धार्मिक विद्वान, वैज्ञानिक, आध्यात्मिक गुरू और सांस्कृतिक विशेषज्ञ एकत्रित होंगे. उनकी जयंती हर साल वैशाख शुक्ल पंचमी को मनाई जाती है.

आदि शंकर को अद्वैत या गैर-द्वैतवाद की अवधारणा का श्रेय दिया जाता है. यह अवधारणा बताती है कि आत्मन् (स्वयं की आत्मा) और ब्रह्म (परम वास्तविकता) एक ही हैं. आदि शंकर ने ही द्वारका, जोशीमठ, श्रृंगेरी और पुरी में प्रमुख मठों की स्थापना भी की थी.

नर्मदा के तट पर स्थित मंदिर नगरी ओंकारेश्वर को पांच दिवसीय समागम के स्थल के रूप में चुना गया है. यह न केवल 12 ज्योतिर्लिंगों (भगवान शिव को समर्पित पवित्र स्थल) में से एक है, बल्कि यहीं आदि शंकर ने बचपन में अपने गुरुओं के संरक्षण में शिक्षा प्राप्त की थी.

ओंकारेश्वर को वर्तमान में एक आध्यात्मिक धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसका आधार आदि शंकर का इस मंदिर नगरी से जुड़ाव और उनका दर्शन अद्वैत वेदांत है. साल 2023 में मध्य प्रदेश सरकार ने ओंकारेश्वर में आदि शंकर की 108 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की थी. इसे 'स्टेच्यू ऑफ वननेस' (एकात्मता की प्रतिमा) के रूप में जाना जाता है.

यह समागम, 'आचार्य शंकर प्रकटोत्सव: एकात्म पर्व', मांधाता पहाड़ियों पर स्थित एकात्म धाम में आयोजित किया जाएगा. इसमें आधुनिक अवधारणाओं के साथ अद्वैत के जुड़ाव और आधुनिक जीवन पर इसके प्रभाव पर चर्चा होगी. पहले दिन 'जेन जेड (Gen Z) के लिए अद्वैत' विषय पर पैनल चर्चा होगी. इसके बाद अगले दिन 'पर्यावरण के लिए अद्वैत' और एक अन्य सत्र 'एक भारत: शंकर के पदचिन्हों के माध्यम से' आयोजित किया जाएगा.

इसके बाद अद्वैत और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के साथ-साथ अद्वैत और विश्व शांति पर पैनल चर्चा होगी. इन आयोजनों के माध्यम से आयोजकों का लक्ष्य इस बात पर ध्यान आकर्षित करना है कि कैसे अद्वैत का AI जैसे आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों पर प्रभाव है. साथ ही यह कैसे विश्व शांति को बढ़ावा दे सकता है, विशेष रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में. हर शाम अद्वैत और शंकर के लेखन पर आधारित सांस्कृतिक प्रदर्शनों की योजना बनाई गई है.

इसमें भारत और विदेशों से लगभग 1,000 प्रतिनिधि भाग लेंगे. उनमें विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के कुछ शीर्ष नाम शामिल हैं, जैसे सर्वम AI के सह-संस्थापक डॉ. प्रत्युश कुमार; IIT दिल्ली के प्रो. राहुल गर्ग; पर्यावरणविद चेतन सिंह सोलंकी और टेक फर्म हाइपरक्वेस्ट के विशाल चौरसिया, इनके अलावा अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन. वेंकटरमन भी शामिल होंगे.

आध्यात्मिक पक्ष की बात करें तो, इस कार्यक्रम में आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास की मां पूर्णप्रज्ञा, निर्मल अखाड़े के स्वामी दर्शन सिंह, चिन्मय मिशन और दक्षिणमूर्ति मठ के संन्यासियों और हरिद्वार के स्वामी अवधेशानंद गिरि के अद्वैत पर प्रवचन और चर्चा सुनने-देखने को मिलेगी. 

समागम का उद्घाटन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती और मध्य प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी की उपस्थिति में होगा. समापन समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव मौजूद रहेंगे. इस अवसर पर 'शंकरदूतों' या अद्वैत वेदांत के उद्देश्य की सेवा करने वालों को सम्मानित किया जाएगा.

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