शी जिनपिंग के एक 'सीक्रेट लेटर' से कैसे हुई भारत-चीन संबधों की नई शुरुआत?
मार्च 2025 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक गुप्त पत्र भेजा था, जिसमें दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने की इच्छा जाहिर की गई थ.

मार्च 2025 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक गुप्त पत्र भेजा था. इस पत्र को भारत-चीन के संबंध को बेहतर करने की दिशा में प्रमुख कदम बताया जा रहा है. यह पत्र लगभग उसी समय भेजा गया था, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ वॉर शुरू करने का संकेत दिया था.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू को लिखे अपने पत्र में जिनपिंग ने दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने की इच्छा जाहिर की थी. इस पत्र को बाद में राष्ट्रपति कार्यालय से पीएम नरेंद्र मोदी के दफ्तर भेज दिया गया था.
इस रिपोर्ट के मुताबिक, शी ने टैरिफ वॉर की शुरुआत से पहले ही मार्च में चीन के साथ अमेरिका के बढ़ते व्यापार तनाव के दौरान सीधे भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से संपर्क किया था. यह पत्र चीनी राष्ट्रपति की ओर से सतर्कतापूर्ण और सोच-समझकर भेजा गया, ऐसा बताया जा रहा है.
जून 2025 तक नई दिल्ली ने लंबे अंतराल के बाद बीजिंग के साथ फिर से बातचीत शुरू कर दी थी. बैकचैनल बातचीत के जरिए ही दोनों देशों के बीच कई बड़े मुद्दों पर सहमति बनी. पिछले सप्ताह, दोनों देशों ने 2020 के गलवान घाटी संघर्ष से जारी तनाव को कम करने और विवाद को सुलझाने पर सहमति व्यक्त की.
यह सबकुछ पीएम नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा के ठीक कुछ दिन पहले हुआ, जो एशिया के सामरिक संतुलन में संभावित रूप से महत्वपूर्ण बदलाव की ओर इशारा करता है. भारत का चीन की ओर झुकाव ऐसे महत्वपूर्ण समय पर हुआ है, जब अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभुत्व का मुकाबला करने के लिए भारत पर निर्भर रहा है. इन घटनाक्रमों के बावजूद, चीन के पाकिस्तान के साथ गठजोड़ और भारत की ताइवान के साथ बढ़ती नजदीकियों के कारण दोनों पक्षों में गहरा अविश्वास बना हुआ है.
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एशिया के दी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों चीन और जापान की यात्रा पर हैं. जापान की यात्रा के बाद पीएम मोदी शंघाई कोआपरेशन आर्गनाइजेशन (एससीओ) के सम्मेलन में हिस्सा लेने चीन जाएंगे. 7 साल बाद पीएम मोदी चीन की यात्रा पर जा रहे हैं. यहां उनकी मुलाकात शी जिनपिंग से होगी.