क्या हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे भारतीय छात्रों को भी छोड़ना होगा अमेरिका?

डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों के एडमिशन पर रोक लगा दी है. उनके इस फैसले से हजारों भारतीय छात्रों के सपनों पर पानी फिर सकता है

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में बंद हुआ इंटरनेशनल प्रोग्राम
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में बंद हुआ इंटरनेशनल प्रोग्राम

अमेरिका के प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक बेहद बुरी खबर सामने आई है. दरअसल, ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों के एडमिशन पर रोक लगा दी है.

अमेरिका के यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम (एसईवीपी) के तहत अंतरराष्ट्रीय छात्रों को दाखिला देने की हार्वर्ड की कानूनी मान्यता को रद्द कर दिया है.

इसका मतलब है कि जो विदेशी छात्र पहले से ही वहां पढ़ रहे हैं, उन्हें या तो दूसरे स्कूल में जाना होगा या फिर अमेरिका में उन्हें अपनी डिग्री को लेकर कानूनी स्थिति खोने का जोखिम उठाना होगा.

होमलैंड सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने प्रेस कांफ्रेंस कर स्टूडेंट्स और एक्सचेंज विजिटर्स प्रोग्राम (एसईवीपी) को रद्द करने की घोषणा की है.

हार्वर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, हर साल लगभग 500 से 800 भारतीय रिसर्चर और छात्र इस प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में दाखिला लेते हैं. वर्तमान में 788 भारतीय छात्र यहां पढ़ाई कर रहे हैं. हार्वर्ड में लगभग 6,800 विदेशी छात्र हैं, जो कुल छात्रों का लगभग 27 फीसद है, उनमें से अधिकांश स्नातक छात्र हैं.

ट्रंप प्रशास के नए फैसले के मुताबिक, अगर हार्वर्ड में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्र अमेरिका में रहना चाहते हैं तो उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए अमेरिका के ही किसी अन्य यूनिवर्सिटी की तलाश कर वहां एडमिशन के लिए हार्वर्ड प्रशासन से अपना नाम ट्रांसफर करवाना होगा.

हार्वर्ड में स्नातक की पढ़ाई कर रहे विदेशी छात्रों का क्या होगा?

इस सेमेस्टर में पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को स्नातक डिग्री दी जाएगी. ट्रंप प्रशासन के इस आदेश में कहा गया है कि यह फैसला केवल 2025 स्कूल वर्ष के बाद के छात्रों पर प्रभाव डालेगा.

इसका मतलब है कि 2025 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. इसकी वजह यह है कि हार्वर्ड में 2025 शैक्षणिक सत्र के लिए कक्षाएं अगले सप्ताह समाप्त होने वाली है. ऐसे में इन छात्रों को यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री मिल जाएगी.

हालांकि, जिन अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की पढ़ाई अभी भी बाकी है, उन्हें देश में कानूनी रूप से रहने के लिए किसी अन्य संस्थान में स्थानांतरित होना होगा.

2025 सत्र में एडमिशन लेने की इच्छा रखने वाले छात्रों का क्या होगा?

अमेरिकी सरकार के इस फैसले के बाद 2025 शैक्षणिक सत्र में विदेशी छात्रों को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिला नहीं दिया जाएगा. जिन छात्रों ने एडमिशन फॉर्म भरे थे या भरने की सोच रहे थे, उन्हें अब ऐसा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

विदेशी छात्रों को अब तभी एडमिशन दिया जाएगा, जब सरकार अपना निर्णय वापस ले लेती है या फिर अदालत दखल देकर विदेशी छात्रों के पक्ष में कोई फैसला सुनाती है.

अगर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी विदेशी छात्रों को दाखिला देने की अपनी कानूनी मान्यता को दोबारा प्राप्त करना चाहता है, तो इसके लिए उसे सरकार की ओर से मांगों की एक सूची सौंपी गई है. सचिव नोएम ने इन मांगों पर विचार कर 72 घंटे के भीतर सरकार को सूचित करने के लिए कहा है.  
जानकारी के मुताबिक सरकार ने यूनिवर्सिटी परिसर में होने वाले विरोध प्रदर्शन गतिविधियों की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी है.

साथ ही अंतर्राष्ट्रीय छात्रों पर निगरानी रखने के लिए उनसे जुड़े सभी रिकॉर्ड सौंपने के लिए कहा है. हालांकि, सरकार के इस मांग पर हार्वर्ड ने पहले ही अपने यहां पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों से जुड़ी जानकारी सौंपने से इनकार कर दिया था.

सरकार के इस फैसले पर हार्वर्ड ने कहा है कि वह प्रभावित छात्रों के करिअर को लेकर चिंतित है और इस समस्या का सामाधान कर आगे उन्हें मार्गदर्शन देने के लिए काम कर रहा है.

विदेशी छात्रों को एडमिशन देने के लिए अमेरिकी सरकार ने कौन सी 6 मांगें रखी हैं?

ट्रंप प्रशासन ने कैंपस में यहूदियों के खिलाफ होने वाले विरोध को लेकर हार्वर्ड को पहले भी चेतावनी दी थी. हालांकि, सरकार के सुझाव को मानने से हार्वर्ड ने इनकार कर दिया था, जिससे यूनिवर्सिटी और सरकार के बीच विवाद बढ़ता चला गया.

अब हालात यहां पहुंच गया है कि सरकार ने विदेशी छात्रों को इस यूनिवर्सिटी में एडमिशन देने के लिए शैक्षनिक संस्थान के सामने 6 मांगें रखी है. सरकार की ये मांगें कुछ इस तरह से है-

1. अमेरिकी सरकार ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से कहा है कि पिछले 5 साल में विदेशी छात्रों द्वारा यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर और बाहर की गई हर अवैध गतिविधियों और यहां तक की प्रोटेस्ट आदि से जुड़ी जानकारी चाहिए. यह जानकारी यूनिवर्सिटी रिकॉर्ड में चाहे आधिकारिक हों या अनौपचारिक हो. इनमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और ऑडियो या वीडियो फुटेज भी शामिल हैं.

2. बीते 5 साल में हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विदेशी छात्र जिन्होंने कैंपस के अंदर या बाहर किसी तरह की खतरनाक या हिंसक कामों में शामिल रहा है, उन छात्रों की सभी जानकारी, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और ऑडियो-वीडियो फुटेज सरकार ने मांगी है.

3. पिछले 5 साल में हार्वर्ड विश्वविद्यालय के किसी विदेशी छात्र ने परिसर के अंदर या बाहर अन्य छात्रों या विश्वविद्यालय कर्मियों को धमकियां दी है, तो उन छात्रों से संबंधित हर जानकारी भी ट्रंप प्रशासन ने यूनिवर्सिटी से मांगी है.

4. हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले किसी विदेशी छात्र ने परिसर में या बाहर अन्य सहपाठियों या विश्वविद्यालय कर्मियों के अधिकारों का किसी भी तरह से हनन किया है या करने की कोशिश की है, तो उससे जुड़ी जानकारी भी 72 घंटे के भीतर सरकार को सौंपनी होगी.

5. पिछले पांच साल में विदेशी छात्रों के खिलाफ यूनिवर्सिटी ने किसी भी तरह से कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की है, तो उससे जुड़ी हर जानकारी ट्रंप सरकार ने मांगी है.

6. पिछले पांच वर्षों में हार्वर्ड विश्वविद्यालय परिसर में पढ़ने वाले किसी छात्र ने किसी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया है तो उसकी पूरी जानकारी सरकार ने वीडियो और ऑडियो फॉर्मेट में सरकार से मांगी है. 

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