नौ महीने तक स्पेस में फंसे रहने के बदले सुनीता विलियम्स को सिर्फ एक लाख रुपए तक मुआवजा मिलेगा!

करीब 9 महीने अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) में बिताने के बाद नासा के एस्ट्रोनॉट्स सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 19 मार्च तक धरती पर लौट सकते हैं

ISS में सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर/फाइल फोटो
ISS में सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर/फाइल फोटो

अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) में करीब 9 महीने तक फंसे रहने के बाद नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर धरती पर वापस लौटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. ये दोनों एस्ट्रोनॉट 19 मार्च तक स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान के जरिए वापस लौटेंगे. इससे पहले 16 मार्च को ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट का ISS से सफलतापूर्वक 'डॉकिंग' (आपस में जुड़ना) हुआ.

9 महीनों के एक लंबे अंतराल के बाद नए क्रू के आगमन पर सुनीता विलियम्स काफी खुश थीं. उन्होंने गर्मजोशी से 'क्रू-10' टीम का स्वागत किया, फोटो खिंचवाए, डांस किया और खूब जश्न मनाया. लेकिन इस बीच धरती पर कुछ खबरें ये तैर रही थीं कि क्या सुनीता को ISS पर 'मजबूरी' में बिताए गए समय के लिए मुआवजा मिलेगा! क्या नासा उन्हें ओवरटाइम वेतन देगा?

पिछले साल 5 जून को जब 58 साल की सुनीता विलियम्स और उनके 61 वर्षीय सहयोगी बुच विल्मोर एक परीक्षण मिशन पर अंतरिक्ष में गए थे तो वह मिशन सिर्फ 8 दिनों का ही था. इन दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को बोइंग स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट ने ISS तक पहुंचाया था.

यह एक टेस्ट मिशन था जिसका मकसद यह देखना था कि नया स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान नियमित रूप से इस्तेमाल किए जाने से पहले कैसा प्रदर्शन करता है? हालांकि यह जैसे-जैसे आगे बढ़ा इसमें कुछ समस्याएं सामने आने लगीं. इसके प्रोपल्शन सिस्टम में लीक हुआ और कुछ थ्रस्टर्स भी बंद होने लगे. इसके अलावा यान से हीलियम गैस के रिसाव होने की भी बात सामने आई. इन खामियों के कारण यान पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी के लिए उपयुक्त नहीं रहा.

इसके बाद नासा ने जोखिम से बचने के लिए बोइंग स्टारलाइनर को बिना क्रू के वापस भेजने का फैसला किया, जो 7 सितंबर 2024 में धरती पर लौटा. इस बीच, सुनीता और बुच को ISS पर ही रुकना पड़ा. हालांकि वापसी की यह प्रक्रिया लंबी हो गई, जिसके चलते वे लगभग 9 महीने तक अंतरिक्ष में ही फंसे रहे.

तब नासा के एडमिनिस्ट्रेटर बिल नेल्सन ने सुरक्षा के प्रति एजेंसी की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा था, "बुच और सुनी (सुनीता विलियम्स) को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर ही रखने और बोइंग के स्टारलाइनर को बिना चालक दल के वापस लाने का फैसला सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को बताता है."

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन दोनों एस्ट्रोनॉट को वापस लाने की जिम्मेदारी एलन मस्क को सौंपी. 15 मार्च को मस्क की कंपनी स्पेसएक्स और नासा ने सुनीता और विल्मोर को ISS से वापस लाने के लिए एक मिशन शुरू किया. 'स्पेसएक्स' ने इसके लिए ड्रैगन अंतरिक्ष यान का इंतजाम किया. 14 मार्च को भारतीय समयानुसार करीब 4:30 बजे सुबह क्रू-10 मिशन पर ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट लेकर फाल्कन 9 रॉकेट के साथ उड़ान भरी गई.

ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट स्पेस में पहुंच कर 16 मार्च को ISS से सफलतापूर्वक डॉक (जुड़) हो गया. अब 19 मार्च तक सुनीता और बुच की धरती पर वापसी हो सकती है. बहरहाल, वापस उसी सवाल पर आते हैं कि 9 महीने तक स्पेस में फंसे रहने पर क्या नासा सुनीता को ओवरटाइम वेतन देगा?

इसके जवाब में मिंट की एक रिपोर्ट बताती है कि नासा के अंतरिक्ष यात्रियों को कोई खास ओवरटाइम वेतन नहीं दिया जाता. एक अमेरिकी मैगजीन 'वाशिंगटनियन' में नासा के एस्ट्रोनॉट कैडी कोलमैन ने अपने इंटरव्यू में बताया कि सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को स्पेस में उनके लंबे समय तक रहने के लिए कोई अतिरिक्त राशि नहीं दी जा सकती है.

कोलमैन ने कहा, "एस्ट्रोनॉट्स को किसी भी बिजनेस ट्रिप पर जाने वाले संघीय कर्मचारी की तरह ही भुगतान किया जाता है. उन्हें नियमित वेतन मिलता है, कोई ओवरटाइम नहीं मिलता. इसके अलावा नासा ट्रांसपोर्ट, आवास और भोजन का ख्याल रखता है."

कोलमैन ने बताया कि सुनीता और विल्मोर को मिलने वाला एकमात्र अतिरिक्त मुआवजा आकस्मिक खर्चों के लिए एक छोटा सा दैनिक स्टाइपेंड (वजीफा) है, जो कथित तौर पर केवल 4 डॉलर यानी 347 रुपया रोजाना है.

यह पूछे जाने पर कि क्या सुनीता और विल्मोर को ओवरटाइम के पैसे नहीं मिलेंगे, क्योंकि उनका 8 दिनों का मिशन बढ़कर नौ महीनों का हो गया? इसके जवाब में कोलमैन ने कहा, "रोजाना आकस्मिक व्यय के लिए कुछ छोटी राशि ही होती है, जिसे ही भुगतान करना कानूनी रूप से उनका (नासा का) दायित्व है."

उदाहरण के लिए, 2010-11 में अपने 159-दिवसीय मिशन के दौरान कोलमैन को कुल मिलाकर लगभग $636 (55,000 रुपये से अधिक) अतिरिक्त वेतन मिला था. इसी गणना को अगर आधार बनाया जाए तो सुनीता और विल्मोर को अंतरिक्ष में उनके 287 दिनों के प्रवास के लिए प्रत्येक को $1,148 (लगभग ₹1 लाख) की अतिरिक्त राशि मिल सकती है.

आइए अब जान लेते हैं कि सुनीता विलियम्स का वेतन कितना है? मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को जीएस-15 वेतन ग्रेड के तहत वर्गीकृत किया गया है, जो सामान्य अनुसूची (जीएस) प्रणाली के तहत संघीय कर्मचारियों के लिए उच्चतम स्तर है. जीएस-15 सरकारी कर्मचारियों को लगभग 1.08 करोड़ से 1.41 करोड़ रुपये के बीच सालाना आधार पर वेतन मिलता है.

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