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Homeनेशनलफोटो गैलरीपैंगोंग झील के पास बफर जोन में नई इमारतें बना रहा चीन! सैटेलाइट इमेज से और क्या पता चला?

पैंगोंग झील के पास बफर जोन में नई इमारतें बना रहा चीन! सैटेलाइट इमेज से और क्या पता चला?

सैटेलाइट से ली गई हाई रिजॉल्यूशन की तस्वीरों में पैंगोंग त्सो बफर जोन के करीब नई चीनी इमारतें बनते दिख रही हैं

सैटेलाइट इमेज में वह विवादित क्षेत्र जहां चीन नए निर्माण कार्य कर रहा है. इंडिया टुडे ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT)
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सैटेलाइट इमेज में वह विवादित क्षेत्र जहां चीन नए निर्माण कार्य कर रहा है. इंडिया टुडे ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT)

इंडिया टुडे को कई हाई रिजॉल्यूशन सैटेलाइ इमेज प्राप्त हुई है, जिसमें पैंगोंग झील के पास बफर जोन में नई इमारतें बनते दिख रही हैं. ये सभी इमारतें देखने से स्थायी लगती हैं.

 

इसके अलावा, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन विवादित पूर्वी लद्दाख क्षेत्र के पैंगोंग त्सो में अपनी स्थायी सैन्य उपस्थिति को लगातार बढ़ा रहा है. 1962 की जंग के बाद से इस इलाके पर चीन का कब्जा है.

 

इस जगह एक सिरिजाप चौकी है, जहां कभी भारतीय सेना की तैनाती होती थी. अब यहां चीनी सेना तैनात रहती है. हालांकि, भारत इसे अपना क्षेत्र मानता है.

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पैंगोंग झील के पास चीन की नई इमारत का निर्माण कर रहा है. सैटेलाइट इमेज 2026 वैंटोर. इंडिया टुडे ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT)

तस्वीरों में साफ-साफ देखा जा सकता है कि नदी से कुछ ही मीटर की दूरी पर एक नया कैंपस बन रहा है और यहां कई स्थायी संरचनाओं का निर्माण हो रहा है.

 

यह इसलिए भी काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के लिए मौजूदा बफर जोन के करीब ज्यादा से ज्यादा सेना की तैनाती करना आसान हो जाएगा.

 

चीन ने 2013 में इस क्षेत्र में एक सड़क नेटवर्क स्थापित किया था, जिसका उपयोग शुरू में दोनों पक्षों द्वारा गश्त के लिए किया जाता था, हालांकि, मई 2020 के गतिरोध के बाद से भारतीय गश्ती दल को यहां परिचालन करने की अनुमति नहीं दी गई है.

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सैटेलाइट इमेज में पैंगोंग झील के पास चीन की पुरानी अस्थायी संरचनाएं और निर्माणाधीन नई सुविधा दिखाई दे रही है. सैटेलाइट इमेज 2026 वैंटोर. इंडिया टुडे ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT)

2020 से सैनिकों के ठहरने के लिए अस्थायी ढांचों का इस्तेमाल किया जा रहा है. साथ ही झील के पार आवागमन में सहायता के लिए नौकाएं और एक घाट भी बनाया गया है. अंतरिक्ष खुफिया फर्म वैंटोर के जरिए 28 दिसंबर 2025 को क्लिक की गई तस्वीरों में अस्थायी आवास और नए निर्माण स्थल दोनों दिखाई दे रहे हैं.

 

पिछले साल 2 जून को ली गई तस्वीरों में घाट के पास दिख रही नौकाएं अब ढकी हुई हैं और पानी से दूर खड़ी हैं. संभवतः सर्दियों में झील के जमने की आशंका के कारण ऐसा किया गया है. ऐसा लगता है कि 2025 के अंत में इस जगह पर निर्माण की गति तेजी से बढ़ी है. दिसंबर की तस्वीरों में भवन संरचनाएं स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं.

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पैंगोंग झील के पास निर्माणाधीन नई चीनी इमारत की सैटेलाइट तस्वीरें (पहले और बाद की). सैटेलाइट इमेज 2026 वैंटोर, इंडिया टुडे ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT)

इंटेल लैब के भू-स्थानिक शोधकर्ता डेमियन साइमन ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा, “विवादित पैंगोंग झील पर चीन की नई इमारत संरचना ये दिखाता है कि चीन इस क्षेत्र में स्थायी रूप से नियंत्रण चाहता है. संभवतः सैन्य उद्देश्यों से जुड़ा यह प्रोजेक्ट 2020 में हुए टकराव वाले क्षेत्र से थोड़ा दूर है. यह जगह प्रतिकूल मौसम की स्थिति में भी पूरे साल ऑपरेशनल होगा, जहां से सैन्य गतिविधियों को जारी रखने की चीन की क्षमता में इजाफा होगा.”

 

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