यूपी में रात दस से सुबह चार बजे तक सवारी वाहनों के चलने पर रोक

उत्तर प्रदेश में अब रात 10 बजे से सुबह चार बजे तक कोई भी सवारी वाहन नहीं चलेंगे. सिर्फ मालवाहक ट्रकों और गाड़ियों को इस दौरान सड़कों पर चलने की अनुमति होगी.

प्रतीकात्मक फोटो
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उत्तर प्रदेश में अब रात 10 बजे से सुबह चार बजे तक कोई भी सवारी वाहन नहीं चलेंगे. सिर्फ मालवाहक ट्रकों और गाड़ियों को इस दौरान सड़कों पर चलने की अनुमति होगी. औरैया सड़क हादसे के बाद डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को इसके निर्देश जारी किए हैं. डीजीपी ने बताया कि औरैया हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने हादसों को लेकर समीक्षा की. उस बैठक में ही ये निर्देश दिए गए हैं. बैठक में यूपी-112 की पीआरवी टीमों और थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे रात में पट्रोलिंग करेंगे. यूपी-112 की गाड़ियां हाई-वे पर मौजूद रहेंगी और ओवर स्पीडिंग पर नजर रखेंगी.

डीजीपी ने बताया कि सामान लदे वाहनों में किसी सवारी को जाने नहीं दिया जाएगा. ऐसे लोगों को उतारकर शेल्टर होम में भेजने के बाद जिला प्रशासन की मदद से गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा. इसके लिए सभी डीएम को 200-200 वाहन रिजर्व रखने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री योगी आत्यिनाथ ने प्रवासी मजदूरों के लिए के लिए क्वारंटीन सेंटर तथा कम्युनिटी किचन की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने का आदेश दिया है. इनमें साफ-सफाई तथा सुरक्षा के समुचित प्रबन्ध करने का आदेश है. उन्होंने कहा है कि कम्युनिटी किचन के माध्यम से शुद्ध एवं पर्याप्त भोजन की व्यवस्था की जाए.

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि आशा वर्कर घर-घर जाकर रिपोर्ट तैयार कर रही है. बाहरी राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिक अगर लक्षण रहित हैं तो उनके 21 दिन के होम क्वारंटीन की व्यवस्था की गई है. अगर कोई लक्षण पाए जाते हैं, तो उनकी जांच की जाती है. संक्रमित होने पर उनका इलाज किया जा रहा है. इसके लिए हर गांव में आशा वर्कर कार्य कर रही हैं. उन्होंने कहा कि 21 दिन के होम क्वारंटीन को कड़ाई से पालन किया जा रहा है. इसके लिए मोहल्ला और ग्राम निगरानी समितियां मजबूती के साथ काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना से लोग बिल्कुल न घबराएं. अधिकतर लोग इस बीमारी को हराकर अस्पताल से स्वस्थ्य होकर घर पहुंच रहे हैं.

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि हॉटस्पाट के कंटेनमेंट जोन में अगर 21 दिनों में कोई भी पॉजीटिव केस नहीं आता है तो हॉटस्पाट के साथ कंटेनमेंट जोन को भी बंद कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि जिनके घर बड़े हैं, जिनके यहां एक से अधिक शौचालय हैं. वहां कुछ प्रोटोकाल का पालन कर बाहरी राज्यों से आए प्रवासी श्रमिकों को उनके घर में ही होम क्वारंटीन किया जा सकता है.

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