संसद में भी कायम रहेगा सोशल डिस्टेंसिंग

कोरोना संकट की वजह से जरूरी हुआ सोशल डिस्टेंसिंग से संसद की कार्यवाही भी बदली हुई दिखेगी. प्रधानमंत्री ने दो गज दूरी का मंत्र दिया है तथा मास्क को जीवन का हिस्सा बताया है जो आने वाले कई महीनों तक जारी रहने की संभावना है. ऐसे में जुलाई में शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में भी मास्क और दूरी की अनिवार्यता तय होगी.

फोटोः इंडिया टुडे
फोटोः इंडिया टुडे

कोरोना संकट की वजह से जरूरी हुआ सोशल डिस्टेंसिंग से संसद की कार्यवाही भी बदली हुई दिखेगी. प्रधानमंत्री ने दो गज दूरी का मंत्र दिया है तथा मास्क को जीवन का हिस्सा बताया है जो आने वाले कई महीनों तक जारी रहने की संभावना है. ऐसे में जुलाई में शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में भी मास्क और दूरी की अनिवार्यता तय होगी.

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि लोकसभा में 545 सांसदों और राज्यसभा के 243 सांसदों के बीच दूरी कैसे रखी जा सकेगी क्योंकि लोकसभा में और राज्यसभा में जितने सांसद हैं उतनी ही सीटें भी हैं. ऐसे में सांसद दूरी कैसे कायम रख सकेंगे.

लोकसभा सचिवालय के सूत्रों का कहना है कि इस दिशा में विचार कर एक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. यदि मानसून सत्र के दौरान तक सोशल डिस्टेंसिंग की अनिवार्यता रही तो ऐसे में लोकसभा की कार्यवाही सेंट्रल हॉल से संचालित किया जा सकता है जबकि राज्यसभा का कार्यवाही को स्थांतरित कर लोकसभा में लाया जा सकता है.

सेंट्रल हॉल में जो दैनिक कामकाज होता है उसे इस हालत में राज्यसभा में शिफ्ट किया जा सकता है.

हालाांकि, अभी तक इस बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है लेकिन संसद में जगह की वजह से विकल्प कम है. कुछ सुझाव ऐसे भी आ रहे हैं कि लोकसभा की कार्यवाही बालयोगी सभागार से संचालित किया जाए. संसद के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक विडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए भी कार्यवाही संचालन के विकल्प पर विचार किया जा रहा है.

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