शर्तों के साथ 3 मई को खत्म हो सकता है लॉकडाउन

लॉकडाउन खोलने की जिम्मेदारी राज्यों पर, अंतरराज्जीय परिवहन खुलने के आसार नहीं, मई तक ट्रेन, बस और हवाई यात्रा पर पाबंदी के आसार

फोटोः एएनआइ
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सुजीत ठाकुर, नई दिल्ली.

शर्तों के साथ लॉक डाउन खोलने की घोषणा 3 मई को केंद्र सरकार की तरफ से की जा सकती है लेकिन राज्यों को यह अधिकार होगा कि वह अपने यहां लॉक डाउन की अवधि बढ़ा सकते हैं. महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और दिल्ली को लॉक डाउन समाप्त करने से पहले केंद्र से सलाह लेना पड़ेगा.

राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आज हुई बातचीत के बाद यह तस्वीर सामने आई है. सूत्रों का कहना है कि, लॉक डाउन खत्म करने की औपचारिक घोषणा 3 मई को केंद्र सरकार कुछ शर्तों के साथ कर सकती है. हालांकि, यदि राज्य सरकारे चाहे तो वह अपने राज्यों में लॉक डाउन को जारी रख सकती है. जहां तक बात सार्वजनिक और अंतरराज्यीय परिवहन की बात है तो सार्वजनिक परिवहन चलाने या नहीं चलाने को लेकर राज्य सरकारें फैसला लेगी.रेलवे, हवाई सेवा और अंतरराज्यीय बसों की सेवा शुरू होने की उम्मीद नहीं है. इसके लिए मई महीने तक इंतजार करना पड़ सकता है.

केंद्र सरकार के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिन राज्यों में हालात ज्यादा खऱाब है उन राज्य सरकारों को अपने यहां लॉक डाउन खोलने से पहले केंद्र सरकार से सलाह लेनी होगी. महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और दिल्ली बिना केंद्र सरकार के सलाह के अपने राज्यों में लॉक डाउन समाप्ति की घोषणा नहीं कर सकेंगे.

सूत्रों का कहना है कि जिन राज्यों में प्रवासी मजदूर फंसे हुए हैं उन्हें अपने राज्यों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी इसके लिए अगले चार दिनों में कार्ययोजना तैयार की जाएगी. अपने घरों से 1000 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले प्रवासी मजदूरों को बसों के दावारा भेजने का विचार चल रहा है. इससे अधिक की दूरी वाले मजदूरों को ट्रेनों के जरिए भेजने का प्रबंध किया जाएगा. रेलवे के

एक अधिकारी का कहना है कि मजदूरों को जब ट्रेन से भेजा जाएगा तो उन्हे किसी एक ही स्टेशन से ट्रेनों में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा. महानगरों के विभिन्न स्टेशनों से लॉकल ट्रेन के जरिए उन्हे उस महानगर के मुख्य स्टेशन तक सिक्रिनिंग और सेनेटाइज करने के बाद लोकल ट्रेन से लाया जाएगा. फिर विशेष ट्रेनों से उन्हे गंतव्य स्टेशन तक भेजा जाएगा. यह राज्य सरकारों की जिम्मेदारी होगी कि जो मजदूर पहुंच रहे हैं उन्हे जांच के बाद 14 दिनों तक कोरंटाइन किया जाए.

मॉल, सिनेमाघर, पूजा स्थल, विवाह समारोह पर प्रतिबंध मई महीने तक जारी रहेगा. जो राज्य कोरोना फ्री हो गए हैं वहां राज्य स्तर पर सार्वजनिक परिवहन को चालू किया जाएगा. जिन राज्यों में कुछ ही जिले प्रभावित हैं उन्हे छोड़कर अन्य जिलों में सार्वजनिक परिवहन की सेवा शुरू की जा सकती है. प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया है कि वह अपने राज्यों में रेड जोन को ऑरेंज और ऑरेंज जोन को ग्रीन जोन में परिवर्तित करने की कोशिश करें. अर्थात जो जिले अभी रेड या ऑरेंज जोन में हैं वहां लॉक डाउन जारी रहेगा.

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