ग्रामीण सड़कों का निर्माण शुरू कर रोजगार मुहैया कराएगा पीडब्ल्यूडी: केशव प्रसाद मौर्य
केशव प्रसाद मौर्य कहते हैं कि ग्रामीण मार्ग पर ज्यादा कार्य शुरू किए जाएंगे, जिससे जो मजदूर जिस गांव के हैं, जहां पर रुके हुए हैँ उनको वहीं पर काम भी मिलेगा और ग्रामीण मार्गों का सुधार भी होगा.

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के पास लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की जिम्मेदारी भी है. लॉकडाउन में लखनऊ के कालीदास मार्ग पर बंगला नंबर सात स्थित सरकारी आवास में रहकर मौर्य वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए विभाग के अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं. केशव प्रसाद मौर्य, लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर रुके पड़े प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की निर्धारित गाइडलाइन को पूरा करते हुए शुरू कराने के लिए बनी कमेटी के अध्यक्ष भी हैं. सोमवार, 27 अप्रैल को सुबह नौ बजे केशव प्रसाद मौर्य ने फोन पर हुई बातचीत में पीडब्लयूडी और प्रदेश में निर्माण कार्य से जुड़े बिंदुओं पर जानकारी दी.
लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद भी कई सारे प्रोजेक्ट अभी तक नहीं शुरू हो पाए हैं?
लॉकडाउन के कारण से शुरुआती दौर पर से तो सारे काम बंद कर दिए गए थे. लॉकडाउन-२ में कुछ कार्य प्रारंभ किए जा सकते हैं. प्रदेश सरकार की ओर से एक कमेटी का गठन किया गया है. निर्माण समिति की बैठक के माध्यम से यह निर्णय हुआ कि जो भी निर्माण हैं चाहे वह सड़क के हों, भवन के हों और चाहे किसी अन्य प्रकार के निर्माण हों उसके प्रारंभ किया जाएगा. जहां पर भी यह कार्य प्रारंभ होंगे वहां पर शारीरिक दूरी बनाकर रखा जाएगा. हम लोगों ने जो लक्ष्य निर्धारित किया था उसके हिसाब से हर जगह कार्य प्रारंभ हो गए हैं. जो अभी नहीं शुरू हुए हैँ वह भी एक दो दिन में शुरू हो जाएंगे.
बड़ी संख्या में मजदूर निर्माण स्थल से दूर अपने गांव चले गए हैं?
जो कर्मचारी बड़ी संख्या में इन निर्माण कार्योँ में काम करते थे वे बड़ी संख्या में गांव में चले गए हैं उनको ग्रामीण क्षेत्रों के प्रोजेक्ट हैँ वहां पर लाने की व्यवस्था की जा रही है लेकिन जो काम पर आएंगे उनकी पूरी कोविड जांच होगी इसके बाद ही इन्हें निर्माण कार्य में लगाया जाएगा. इन मजदूरों को सोशल डिस्टेंसिंग की गाइडलाइन का पूरा पालन कराया जा रहा है.
सड़क निर्माण से जुड़े पीडब्ल्यूडी के कई सारे प्रोजेक्ट लाकडाउन के चलते रुक गए हैं? आने वाले विधानसभा चुनाव में सड़कें एक मुद्दा होंगी.
हमारी सरकार चुनाव को ध्यान में रखकर सड़कों का निर्माण नहीं कर रही है. अच्छी सड़कें विकास का मापदंड होते हैं. बीते तीन वर्षों में सड़कों का बड़े पैमाने पर निर्माण हुआ है. गांव की सड़के जिनकी पंद्रह- बीस वर्षों से कोई मरम्मत नहीं हुई थी उनका सुधार भी किया गया है. सड़कों में जो सुधार हुआ है उसका एहसास विपक्ष के विधायक, सांसद भी महसूस करते हैं और आम जनता तो महसूस कर रही है.
बड़ी संख्या में दूसरे प्रदेशों से मजदूर अपने गांव आए हैं. इनके रोजगार के लिए आपके विभाग की कोई योजना है?
काम की कमी नहीं है. लोक निर्माण विभाग ने यह रणनीति बनाई है कि छोटे स्तर के निर्माण कार्य ज्यादा शुरू किए जाएंगे. गांव में खासकर जो ग्रामीण मार्ग हैँ उनपर ज्यादा कार्य शुरू किए जाएंगे. इससे जो मजदूर जिस गांव के हैं जहां पर रुके हुए हैँ उनको वहीं पर काम भी मिलेगा और ग्रामीण मार्गों का सुधार भी होगा. ग्रामीण मार्ग के सुधरने से किसानों को आवागमन की सुविधा होगी. इससे कृषि कार्य गति पकड़ेंगे.
मेधावी छात्रों के घर तक सड़क बनाने जैसी कोई योजना कोरोना वारियर्स के लिए भी है क्या?
कोरोना योद्धाओं का लगातार सम्मान किया जा रहा है. हमारा विभाग ही नहीं, देश और प्रदेश की जनता इन योद्धाओं का सम्मान कर रही है. लोक निर्माण विभाग ने लाखों परिवारों को भोजन, राशन सामग्री, आवश्यकता की सामग्री पहुंचाने का काम चाहे वह नगर क्षेत्र हो या ग्रामीण क्षेत्र हो पूरे प्रदेश के अंदर एक अभियान के तौर पर इसे किया जा रहा है. विभाग के अभियंतागण के साथ सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता इसमें लगे हुए हैं.
लॉकडाउन के बाद बदलाव आपके विभाग की कार्यप्रणाली किस तरह बदलेगी?
शारीरिक दूरी, मुंह ढकने जैसी गाइडलाइन का अक्षरश: पालन तब तक करना पड़ेगा जबतक कोरोना वायरस का प्रभाव देश में दिखाई देगा. पीडब्लयूडी में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों से वार्ता करने का कार्य काफी पहले से चल रहा है. पंद्रह दिनों में प्रमुख सचिव स्तर पर ऐसी वार्ता होती है. एक महीने में मंत्री स्तर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वार्ता होती है.
पीडब्लयूडी में कई सारे पद रिक्त पड़े हैं?
पीडब्ल्यूडी के कुछ पदों को भरने की प्रक्रिया में उच्च न्यायालय की रोक लगी हुई है. आगे जैसे न्यायालय खुलेंगे विभाग अपने पक्ष से अवगत कराएगा और कोर्ट की अनुमति मिलते ही भर्ती प्रक्रिया तेजी से पूरी कराई जाएगी.