सियासत के चलते अपने ही परिवार में अलग-थलग पड़ते जा रहे अजित पवार
अजित ने पवार परिवार में मतभेदों को नजरअंदाज करने की कोशिश करते हुए कहा, "यह चुनाव इस देश के 140 करोड़ लोगों का भविष्य तय करेगा. इसे उसी नजरिए से देखना चाहिए"

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अजित पवार पारिवारिक गढ़ बारामती में न केवल सियासी बल्कि शायद निजी लड़ाई भी लड़ रहे हैं. अपनी कजिन और तीन बार की लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले के खिलाफ अजित का इरादा अपनी पत्नी सुनेत्रा को उतारने का है. इससे वे विस्तृत पवार परिवार में अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं. उनके छोटे भाई श्रीनिवास उर्फ बापू ने चाचा शरद पवार का साथ छोड़ने के लिए उनके खिलाफ तीखा हमला बोला.
बारामती में गांववासियों को संबोधित करते हुए श्रीनिवास ने कहा, "मेरे कुछ दोस्त कह रहे हैं कि आने वाले साल दादा (अजित) के होंगे, न कि साहेब (पवार) के. इस विचार से मुझे बहुत तकलीफ हुई क्योंकि हम एक बुजुर्ग को इसलिए महत्व नहीं दे रहे हैं क्योंकि हमें दूसरे व्यक्ति से अगले 10 साल फायदे लेने हैं. ऐसा सोचने वाले बिल्कुल नालायक हैं."
उन्होंने यह भी गिनाया कि चाचा पवार ने सभी के लिए कितना कुछ किया है. वैसे, श्रीनिवास के बेटे युगेंद्र ने कहा कि उनके पिता के शब्दों को तोड़ा-मरोड़ा गया है और आखिरकार वे दोनों हैं तो भाई ही और निजी जीवन में एक दूसरे की मदद करते रहे हैं, वे भी अपनी ताई के लिए प्रचार कर रहे हैं.
सीनियर पवार का समर्थन उनके बड़े भाई दिनकरराव उर्फ अप्पासाहेब के पोते और अहमदनगर जिले में करजत-जामखेड़ से विधायक रोहित पवार भी कर रहे हैं. पीजेंट ऐंड वर्कर्स पार्टी (पीडब्ल्यूपी) के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री दिवंगत एन.डी. पाटील की पत्नी सरोज पाटील भी भतीजी सुप्रिया के समर्थन में आई हैं. खुद अजित के परिवार सहित कुनबे के अन्य सदस्यों के भी पूरी ताकत से सीनियर पवार और उनकी बेटी के समर्थन में उतरने की उम्मीद है.
अजित को सहयोगी दलों से भी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं. एकनाथ शिंदे की अगुआई वाली शिवसेना के नेता और पूर्व मंत्री विजय शिवरात्रे ने पवार परिवार के खिलाफ हमला बोलते हुए चुनाव में उतरने का ऐलान किया. पड़ोसी इंदापुर जिले से आने वाले पूर्व मंत्री और भाजपा नेता हर्षवर्धन पाटील ने भी अजित से असंतोष जाहिर किया है.
सीनियर पवार क्या कर रहे हैं? अस्सी से ऊपर के वयोवृद्ध नेता के आम चुनाव लड़ने की अफवाहों का खंडन करते हुए उनके एक वफादार ने कहा कि वे पूरी ताकत सुप्रिया को संसद भेजने में लगा रहे हैं. वे पुराने दुश्मनों से भी रिश्ते सुधारने में जुटे हैं, जिनमें पूर्व मंत्री अनंतराव थोप्टे भी हैं, जिनके बेटे संग्राम बारामती लोकसभा क्षेत्र में आने वाली भोर विधानसभा सीट से तीन बार के विधायक हैं.
अजित ने पवार परिवार में मतभेदों को नजरअंदाज करने की कोशिश करते हुए कहा कि यह उनके विस्तृत परिवार या गांव का नहीं बल्कि लोकसभा का चुनाव है. उन्होंने कहा, "यह चुनाव इस देश के 140 करोड़ लोगों का भविष्य तय करेगा. इसे उसी कोण से देखना चाहिए."
—धवल एस. कुलकर्णी