समाचार सारः टैगोर का सहारा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लंबी दाढ़ी आजकल पश्चिम बंगाल में जहां इसे कविवर रवींद्र नाथ टैगोर की चिरपरिचित लंबी दाढ़ी से समानता के रूप में देखा जा रहा है टैगोर के बहाने कहीं पश्चिम बंगाल में अगले साल के शुरू में होने वाले विधानसभा चुनाव पर तो नहीं है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लंबी दाढ़ी आजकल देश भर में लोगों की जिज्ञासा का विषय बन चुकी है, खासकर पश्चिम बंगाल में जहां इसे कविवर रवींद्र नाथ टैगोर की चिरपरिचित लंबी दाढ़ी से समानता के रूप में देखा जा रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी जिस तरह टैगोर का उल्लेख करते रहते हैं, उसे देखते हुए यह तुलना पूरी तरह निराधार भी नहीं है.
जनवरी में नागरिकता कानून पर बोलते हुए उन्होंने 1903 के एक लेख में टैगोर की इस बात का उल्लेख किया था कि इतिहास वह नहीं है जो विद्यार्थी परीक्षा के लिए पढ़ते हैं.
7 अगस्त को मोदी ने कहा था कि भारत की नई शिक्षा नीति में शिक्षा पर टैगोर के विचारों को आधार बनाया गया है.
हाल में मन की बात में मोदी ने खिलौना उद्योग के मामले में आत्मनिर्भरता की सलाह देते हुए फिर टैगोर का जिक्र किया था जिसमें उन्होंने बताया था कि टैगोर बचपन में अपने खिलौने खुद बनाया करते थे.
टैगोर के बहाने उनकी निगाह कहीं पश्चिम बंगाल में अगले साल के शुरू में होने वाले विधानसभा चुनाव पर तो नहीं है.