सूचकांकः कांपती तेल की धार
कच्ले तेल की कीमतों का बढ़ना हिंदुस्तान के लिए अच्छी खबर नहीं है.

सूचकांक
कांपतीतेल की धार
कच्चेतेल की कीमतों का बढऩा हिंदुस्तान के लिए अच्छी खबर नहीं है. सऊदी अरब में सियासीउथल-पुथल और ओपेक की स्वैच्छिक उत्पादन कटौतियों के बाद ये कीमतें प्रति बैरल 64डॉलर (बेंट क्रूड के लिए) के आसपास मंडरा रही हैं. हिंदुस्तान अपना ज्यादातर कच्चातेल आयात करता है और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का सर्वाधिक फायदा इसी ने उठायाहै. मगर अब जब तेल की कीमतें फिर बढऩे लगी हैं, सरकार के लिए पैंतरेबाजी की गुंजाइश भीसिमट रही है.