भारतीय टीम न सही, खिलाड़ी तो हैं
2026 के फीफा वर्ल्ड कप में शामिल 48 टीमों में भारत कहीं नहीं है. दुनिया के इस सबसे ज्यादा देखे जाने वाले खेल आयोजन में भारतीय मूल के चार खिलाड़ी अलग-अलग टीमों के साथ जरूर उतर रहे हैं.

सैमुअल मुतुसामी (डीआर कांगो)
पेरिस में जन्मे सैमुअल कांगो का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां की उनकी मां हैं. उनके पिता तमिल मूल के इंडो-ग्वाडेलूपियन (एक कैरीबियन द्वीप ग्वाडेलूप में रहने वाले भारतीय मूल के व्यक्ति) हैं.
डिफेंसिव मिडफील्डर सैमुअल सात साल तक फ्रांस की लीग1 टीम एफसी नांतेस का हिस्सा रहे, लेकिन फिलहाल ग्रीक क्लब एट्रोमिटोस एफसी के लिए खेलते हैं. कांगो विश्व कप में ग्रुप के में है और उसकी राह आसान बिल्कुल न होगी क्योंकि उसका मुकाबला इस ग्रुप की अन्य टीमों पुर्तगाल, कोलंबिया और उज्बेकिस्तान से है.
निशान वेलुपिल्लै (ऑस्ट्रेलिया)
आस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल टीम (सॉकरूज) के लिए अपने डेब्यू मैच में विंगर निशान ने अक्तूबर 2024 में वर्ल्ड कप क्वालिफायर में चीन के खिलाफ गोल किया था.
वह मैच, इंडोनेशिया के खिलाफ एक और मुकाबला तथा मेलबर्न विक्ट्री क्लब के साथ उनका प्रदर्शन 25 साल के इस फुटबॉलर को टीम में जगह दिलाने के लिए काफी रहा. निशान के पिता शशिनाथ श्रीलंकाई तमिल विरासत वाले मलेशियाई हैं, जबकि मां गिलियन एंग्लो-इंडियन हैं. जरूरत पड़ने पर अटैक और गोल करने की निशान की क्षमता उनके काम आ सकती है.
तहसीन मोहम्मद जमशीद (कतर)
सिर्फ 19 साल के तहसीन को फुटबॉल का जुनून अपने पिता जमशीद तचकंदी से मिला है. केरल में रहते हुए फुटबॉल में पिता का करिअर चोट की वजह से परवान नहीं चढ़ पाया था.
अपने आदर्श क्रिस्टियानो रोनाल्डो की तरह तहसीन फॉरवर्ड खेलते हैं, हालांकि वे लेफ्ट और राइट विंग पर भी खेल सकते हैं. कतर की वर्ल्ड कप टीम के सबसे युवा खिलाड़ी तहसीन को स्विट्जरलैंड, कनाडा और बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ कुछ मिनट मैदान पर उतरने की उम्मीद रहेगी.
सरप्रीत सिंह (न्यूजीलैंड)
इस वर्ल्ड कप में पंजाब के लोगों के लिए भी चीयर करने, हौसला बढ़ाने के वास्ते एक नाम होगा. ऑकलैंड में जन्मे सरप्रीत भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने बुंडेसलीगा की दिग्गज टीम बायर्न म्यूनिख का प्रतिनिधित्व किया.
लेकिन न्यूजीलैंड की ए-लीग टीम वेलिंगटन फीनिक्स में रहते हुए, जहां वे फिलहाल खेलते हैं उन्होंने जो रंग जमाया, उसी के बूते इस मिडफील्डर को आखिरकार ऑल व्हाइट्स (न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल टीम) की जर्सी पहनने का मौका हासिल हुआ.