अमेरिकी सत्ता के आगे सच बोलना
''इस क्षेत्र के सभी देशों को साथ मिलकर यह पक्का करना चाहिए कि हम अपने इलाके को सुरक्षित रखें. मेरा मानना है कि बड़ी ताकत होने के नाते भारत की इसमें बड़ी भूमिका है.’’

नमल राजपक्षे, संसद सदस्य, श्रीलंका
ईरानी नौसेना के जहाज आइआरआइएस देना को डुबो दिया जाना 'हिंद महासागर की पहचान का सवाल है’ क्योंकि इस समुद्री क्षेत्र को सुरक्षित माना जाता है, यह बात श्रीलंका के सांसद नमल राजपक्षे ने कही. इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में राजपक्षे ने कहा, ''अगर आप इसकी वैधता को देखें तो इसे अवैध करार दिया जा सकता है. और सवाल यह है कि आज के संदर्भ में कोई अंतरराष्ट्रीय कानून है या नहीं.’’
उन्होंने सवाल किया, ''नीतिशास्त्र और नैतिक मूल्यों को तोड़ा गया. क्या हम भविष्य में ऐसा होने देंगे?’’ उन्होंने यह भी कहा, ''इस क्षेत्र के सभी देशों को साथ मिलकर यह पक्का करना चाहिए कि हम अपने इलाके को सुरक्षित रखें. मेरा मानना है कि बड़ी ताकत होने के नाते भारत की इसमें बड़ी भूमिका है.’’
राजपक्षे का यह भी मानना है कि गुटनिरपेक्ष देश होने के नाते श्रीलंका को इस घटना के बारे में अमेरिका से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए और ईरानी नाविकों को उनके देश वापस भेजने के खिलाफ किसी भी अमेरिकी फरमान का प्रतिरोध करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि ईरान संघर्ष की वजह से उनके देश को ईंधन संकट झेलना पड़ रहा है. पश्चिम एशिया से भेजे जाने वाले धन और पर्यटन पर इसका असर पड़ सकता है. दूसरे मुद्दों पर उन्होंने कहा कि श्रीलंका को तमिलनाडु के साथ नए सिरे से बातचीत करनी चाहिए और जोर देकर कहा कि कच्चातिवु द्वीप श्रीलंका का क्षेत्र है. उन्होंने राजपक्षे घराने पर अतीत में लगे भ्रष्टाचार के सभी आरोपों से इनकार किया.
खास बातें
आइआरआइएस देना को डुबो देने पर श्रीलंका को अमेरिका से सफाई मांगनी चाहिए और ईरानी नाविकों की वतन वापसी के खिलाफ अमेरिका के किसी भी फरमान का विरोध करना चाहिए.
कोलंबो को तमिलनाडु से रचनात्मक बातचीत शुरू करनी चाहिए और संबंधों को लेकर नई रणनीति तय करनी चाहिए क्योंकि (एलटीटीई के साथ) युद्ध तो बहुत पहले खत्म हो चुका है.
अपना इलाका सुरक्षित करने के लिए क्षेत्र के सभी देशों का एकजुट होना जरूरी है. मेरा मानना है कि एक महाशक्ति के रूप में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है.
उनके (अमेरिका के) पास ताकत हो सकती है...पैसे की ताकत. उन्हें समझना होगा कि उनके फैसलों का असर हमारे जैसे द्वीपों पर पड़ सकता है. उन्हें पक्का करना होगा कि विश्व व्यवस्था कायम रहे.