कांग्रेस की रणनीति का क ख ग
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने भगवा पार्टी पर आरोप लगाया कि वह हर संस्था का अपने राजनैतिक विरोधियों के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है, और यह भी कि चुनाव आयोग भी उनके साथ मिला हुआ है.

के.सी. वेणुगोपाल: लोकसभा सांसद और कांग्रेस महासचिव (संगठन)
केरल में अलप्पुझा से लोकसभा में कांग्रेस के सांसद के.सी. वेणुगोपाल पिछले एक दशक से पार्टी के नेता राहुल गांधी के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक रहे हैं. इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 में बोलते हुए कांग्रेस के इस महासचिव (संगठन) ने इन दावों को झुठलाने के साथ शुरुआत की कि वे पार्टी के भीतर सत्ता के केंद्र हैं. उन्होंने कहा कि उनका काम 'फैसले लेने में कारगर मदद करना’ है.
उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि कांग्रेस ढलान पर है, और कहा कि ''हर पार्टी के अपने उतार-चढ़ाव होते हैं. भाजपा के कभी महज दो सांसद थे, और वह हर चुनाव हार रही थी.’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने भगवा पार्टी पर आरोप लगाया कि वह हर संस्था का अपने राजनैतिक विरोधियों के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है, और यह भी कि चुनाव आयोग भी उनके साथ मिला हुआ है.
वेणुगोपाल ने विपक्षी दलों की तरफ से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव लाने की वजहें बताईं और कहा कि ''मौजूदा चुनाव आयोग के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाने की कोई व्यवस्था नहीं है.’’
उन्होंने कहा कि पार्टी ने चुनावी पराजयों की बारीकी से जांच-पड़ताल की और पाया कि भाजपा की जीत में चुनाव आयोग की बड़ी भूमिका थी. कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों समेत कई विसंगतियां चुनाव आयोग के संज्ञान में लाई गईं पर 'उसकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला.’
कांग्रेस सांसद ने नरेंद्र मोदी सरकार पर व्यापार समझौते की बातचीत में अमेरिका के आगे घुटने टेक देने का आरोप भी लगाया, और देश भर में उभरते एलपीजी संकट के लिए एनडीए की विदेश नीति को दोषी ठहराया. बातचीत के आखिर में वेणुगोपाल से पूछा गया कि (अगर अप्रैल में पार्टी विधानसभा का चुनाव जीत जाती है तो) क्या उनके मन में केरल का मुख्यमंत्री बनने की इच्छा है?
तपे-तपाए सियासतदां की तरह वेणुगोपाल ने इस सवाल को चतुराई से टाल दिया, और कहा कि उन्हें ऐसा केरलवासी होने पर गर्व है जिसके दिल में राज्य के बेहतर से बेहतर हित बसते हैं, लेकिन फिलहाल ऐसे किसी पद की आकांक्षा उनके मन में नहीं.