ब्यार्के बुंगार्ड इंगल्स: 'माइंडफुल' शहर बनाने वाला वास्तुकार
डैनिश वास्तुकार ब्यार्के इंगल्स ने भूटान में 'माइंडफुलनेस सिटी' का निर्माण किया है. यह एक ऐसी बसाहट है जहां शहर प्रकृति को उजाड़ता नहीं, बल्कि बढ़ाता है

टॉप आर्किटेक्ट ब्यार्के इंगल्स के लिए 'बड़ा' सोचना स्वाभाविक प्रवृत्ति जैसा है. डैनिश वास्तुकार अपने नाम वाले ब्यार्के इंगल्स ग्रुप या बीआईजी या बिग के संस्थापक और क्रिएटिव पाटर्नर हैं. टिकाऊ वास्तुकला और डिजाइन के क्षेत्र में उनकी प्रसिद्धि चोटी के वास्तुकारों में है.
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में इंगल्स ने लोगों को अपनी वास्तुशिल्प यात्रा से रू-ब-रू कराया, और भूटान में 'माइंडफुलनेस सिटी' बनाने के अपने काम पर रोशनी डाली. अपने डिजाइन की शैली को समझाने के लिए, जिसे वे 'टिकाऊ खुशहाली' कहते हैं, इंगल्स ने दो दशक पहले कोपेनहेगन हार्बर बाथ का जिक्र किया.
कोपेनहेगन हार्बर बाथ वाटरफ्रंट के किनारे मनोरंजक स्नान सुविधाओं की प्रणाली है, जिसके जरिए "शहर के चारों ओर जलाशय का विस्तार किया गया." उन्होंने कहा, बतौर वास्तुकार वह दुर्लभ मौका होता है कि आपको 'पूरे शहर में एक ही बार में' सभी टिकाऊ सिद्धांत लागू करने को मिले.
भूटान के राजा ने उन्हें गेलेफू के संदर्भ में बुलाया तो बिल्कुल ऐसा ही हुआ. वे कहते हैं, "हमें राजा के साथ एक पूरी तरह नए प्रशासनिक क्षेत्र के निर्माण पर सोचने को कहा गया, जो युवा पीढ़ियों के लिए आकर्षक हो, लेकिन भूटान के सिद्धांतों पर आधारित हो." यानी दुनिया का पहला कार्बन-उत्सर्जन मुक्त देश.
इसलिए, उन्होंने भूटान के सकल राष्ट्रीय खुशी सूचकांक के नौ पैमानों को 1,000 वर्ग किमी. में फैले 'माइंडफुल’' शहर में तब्दील किया. नजारा देखें: शहर के आसपास और पड़ोस अमूमन धान के खेतों की तरह हैं जो हिमालय की पहाड़ियों से उतरते हैं, पुल सार्वजनिक भवनों में बदल गए हैं, हवाई अड्डा भी तीन नदियों और एक बांध पर बने पुल जैसा है. बांध की डिजाइन भारत की बावड़ियों की तरह है, ताकि शहर को अक्षय ऊर्जा से बिजली मिले.
खास बातें
- हिमालय की पहाड़ियों से तराई में उतरते विशाल सीढ़ीदार खेत गेलेफू यानी भूटान की "माइंडफुलनेस सिटी" में जीवंत पड़ोस बन जाएंगे.
- इसमें ऐसे इकोलॉजिकल गलियारे होंगे, जिससे हाथियों और बाघों की बेरोकटोक आवाजाही बनी रहेगी.
- शहर में स्थानीय वास्तुशिल्प ज्ञान का उपयोग करके पूरी तरह से लकड़ी से बनी इमारतें होंगी, जो भूटान का सबसे बड़ा प्राकृतिक संसाधन है.