खूबसूरत धब्बे

अगर आप राजस्थान में तेंदुआ या गुलदार को देखना चाहते हैं तो जवाई जाएं, जहां आपको ये खूबसूरत जानवर काफी दिखेंगे

रोटेला झील का इलाका तेंदुआ देखने का सबसे बढ़िया स्थान है
रोटेला झील का इलाका तेंदुआ देखने का सबसे बढ़िया स्थान है

- मिताली सरन

मंजर वाकई बहुत गजब का है- पहाड़ियां, कांटे, बालू, हरियाली और इन सबकी खूबसूरती में चार चांद लगाता हुआ मॉनसून का सूर्यास्त- लेकिन इन सबको खास बनाती है यहां की चट्टान. रेगिस्तानी झाड़ियां ग्रेनाइट के बड़े-बड़े टुकड़ों से अटी पड़ी हैं. ये विशाल टुकड़े ज्वालामुखी से निकले हैं और हवा ने इन्हें तराशकर इसका आकार गढ़ा है. सीप की मानिंद, नाग के फन की तरह हवा में लटके, दांतेदार चट्टानों के बीच में दरार और गुफाएं हैं. इस तरह का माहौल किसी तेंदुए के छिपने और आराम करने के लिए बिल्कुल माकूल है.  

मेरे होटल के गेट पर ऐसी ही एक 15 लाख साल पुरानी 12 टन की चट्टान खड़ी है; उस चट्टान पर 'चीतागढ़ रिजॉर्ट ऐंड स्पा, बेरा—ए वेलकम हेरिटेज रिजॉर्ट' उकेरने में एक महीना लग गया. बेरा जवाई नदी पर बने बांध के इर्द-गिर्द बसे कई गांवों में से एक है. जवाई का इलाका तेंदुओं का पर्याय बन गया है—बेरा के ही इलाके में करीब 50-60 तेंदुए हैं. उनमें से किसी के दिखने की 95-100 फीसद संभावना है. इस सबसे शर्मीले बड़े बिल्ले के दिखने की इतनी संभावना है? यकीन नहीं होता. जंगल सफारी में धैर्य और ‌किस्मत बहुत काम आते हैं.  

चीतागढ़ में मेरा लेक व्यू कमरा 20 खूबसूरत और अच्छी तरह से सुसज्जित कमरों में से एक है. मैं सुबह 4:30 बजे अपनी बाल्कनी में बस यूं ही निकल जाती हूं. आकाश में शुक्र ग्रह की तरह झील पर लैंप जल रहे हैं जिससे उसके पानी में कुछ झिलमिल हो रही है. इसे छोड़कर बाकी दुनिया गहरे मखमली अंधेरे में लिपटी दिखती है. रोटेला झील के बगुले और किंग‌फिशर सो रहे हैं, दोनों मगरमच्छ खामोश पड़े हैं. गनीमत है कि मुझे पैदल नहीं चलना है—वैसे, यहां सैकड़ों वर्षों से किसी तेंदुए ने इंसान पर हमला नहीं किया है, फिर भी मुझे अपवाद नहीं बनना है. इसके अलावा, यह जगह करैत, रसेल वाइपर, सॉ-स्केल्ड वाइपर और नागों से भरी हुई है. होटल की तरफ से सैलानियों को हिदायत दी जाती है कि दिन के उजाले में उनकी बग्गी का इस्तेमाल करें.

सुबह 5:30 बजे, मेरी मुलाकात प्रकृतिवादी वर्गीस जैन और असाधारण ट्रैकर-ड्राइवर भवानी ‌सिंह और जवाई की सबसे अच्छी बड़ी बिल्लियों से होती है. पौ फटते ही हम तिल के नाजुक डंठलों और ज्वार के खेतों को पार करते हुए एक वीरान खदान की ओर बढ़ते हैं. भवानी ‌सिंह अपने पसंदीदा तेंदुए नीलम को उसकी पसंदीदा जगहों पर ढूंढते हैं. इस बीच मोर और बंदर खतरा भांपकर शोर नहीं मचा रहे हैं. लेकिन नीलम सुबह में खदान में नहीं है. हम सख्त धौक पेड़ों (एनोजीसस पेंडुला) और पलाश (जंगल की लौ) से भरे एक दूसरे इलाके में उसे ढूंढने निकलते हैं. इसके लिए हमें पेड़ों की शाखाओं और टहनियों के गट्ठर वाले बाड़ों को पार करना होता है. इसकी वजह से मवेशी अंदर-बाहर नहीं जा पाते. इस इलाके की सारी जमीन निजी है और संरक्षण भी निजी तौर पर ही चलाया जाता है. इन खेतों के बीच होटल और कैंप उग आए हैं. 

एक टिटहरी फुर्र से आगे उड़ जाती है, एक चील पेड़ पर बैठी है, एक छोटा सिल्वरबिल विशाल कैक्टस (यूफोरबिया कैडुसीफोलिया) में से एक के पास चारों ओर निहार रही है. भवानी पलक झपकाए बिना एक विशाल चट्टान पर गाड़ी को चढ़ा देते हैं और फिर हमें 360 डिग्री का आलीशान नजारा देखने को मिलता है, लेकिन कोई तेंदुआ फिर भी नजर नहीं आता.

शाही खानपान: अतिथियों के लिए शाम ढले बारबेक्यू

फिर तीसरी जगह पर जाते ही वे नजर दौड़ाते हैं और इशारा करते हैं: ''वह रही नीलम.'' मैं नजर गड़ाकर देखती हूं लेकिन मुझे केवल चट्टानें, पेड़ और बिजली के तार नजर आते हैं. वे इंजन चालू करते हैं और हमें और करीब ले जाते हैं. लेकिन मुझे अब भी चट्टानें, पेड़ और बिजली की लाइनें ही दिखाई देती हैं—मुझे लगता है कि जानवर इसी माहौल में छिपते हैं. आखिरकार, वाह. वह दिख गई. 

बड़ी बिल्लियों में तेंदुए यकीनन सबसे खूबसूरत होते हैं, और नीलम तो खास तौर पर खूबसूरत है. वह ढाक की छाया में एक चट्टान पर सतर्क लेकिन आराम से पसरी हुई है. उसके कंधे का हिस्सा सुंदर दिख रहा है. भवानी उसके सबसे बड़े फैन हैं. बाद में मुझे एक कहानी सुनाई गई कि एक बार कैसे उन्होंने अपनी गाड़ी कहीं और पार्क कर दी. जल्दी ही नीलम सभी जीपों से दूर चली गई, सीधे भवानी के पास आई और उनके मेहमानों को दर्शन दिए. वे इस तेंदुए को जानते हैं. वे उससे प्यार करते हैं. उनके फोन के वॉलपेपर में उसी की तस्वीर है. 

वे बताते हैं कि उसका सात महीने का शावक है. कई मादा तेंदुआ अपनी संतानों समेत कई नर तेंदुओं के साथ संभोग करती है लेकिन कुछ नियंत्रण रखती है कि कौन सा नर उसे गर्भवती करेगा. इसे फाल्स मेटिंग या ‌दिखावटी संभोग कहते हैं. इससे प्रत्येक नर को यह लगता है कि शावक उसके हो सकते हैं, और इसकी वजह से वे उन्हें नहीं मारते. पिछली रात खबर थी कि उसे मामूली चोट लगी होगी, लेकिन मेरा मानना है कि वह ‌बिल्कुल ठीक लग रही है. नम आंखों वाले भवानी कहते हैं, ''वह एकदम सही है.'' 

मैं डीप टिश्यू मसाज के लिए इस रिजॉर्ट के स्वस्ति स्पा में जाती हूं. फिर मिलनसार जनरल मैनेजर करण बख्शी के साथ लंच में शानदार गज्पाचो और और सलाद के लिए रेस्तरां जाती हूं. बातचीत के दौरान बख्शी ऐसी शख्सियत लगते हैं जिसने कभी ऐसी मुश्किल का सामना नहीं किया जिसका वे हल नहीं निकाल पाए हों. वे बताते हैं कि इस इलाके के रिजॉर्ट मालिकान खुद ही ऐसे नियम बनाने की कोशिश कर रहे हैं जिससे इस क्षेत्र में एक वक्त में बहुत सारी जीपें न हों, और इसका खास आकर्षण शांति के साथ पनप सके. इस रेस्तरां में कई तरह के चुनिंदा क्यूजीन हैं, लेकिन वे मुझे बताते हैं कि डिनर के ‌लिए मुझे किसी खास जगह पर ले जाने वाले हैं.

चीतागढ़ रिजॉर्ट की लॉबी और पूल का मोहक नजारा

इस रेस्तरां में मेहमानों के लिए हाई टी उपलब्ध है (कोई रूम सर्विस नहीं है, इसलिए मत पूछिए) लेकिन मुझे झील के ऊपर बादलों को मंडराते हुए देखना ही अच्छा लग रहा है.

भवानी शाम को एक बड़ी चट्टान पर रिवर्स में ही गाड़ी चढ़ा देते हैं. वहां मुझे अरावली की पहाड़ियों, लाल चट्टान और स्वर्णपत्री (सेना ऑरिकुलाटा) के चमकीले पीले फूलों वाली झाड़ियों का विहंगम दृश्य नजर आता है. वे बताते हैं कि स्वर्णपत्री की पत्तियों का उपयोग मेहंदी के लिए और छाल का उपयोग जूते की पॉलिश में किया जाता है.  

कोठार गांव के पास, हम टिटहरी की एक और प्रजाति देखते हैं, एक कूकते फाख्ते को सुनते हैं, और ब्राह्मणी मैना की झलक देखते हैं. हम सड़क पर एक नरम खोल वाले कछुए की मदद करने के लिए रुकते हैं, और बगुलों को गायों के खुरों से दबी मिट्टी में कीड़ों को चुगते देखते हैं. किस्मत ने हमें नीलम के शावक को देखने का मौका नहीं दिया, ‌लिहाजा हम तीन शावकों वाली नौ साल की मादा जिया के इलाके लीलोरा गांव की ओर जा रहे हैं. हम एक विशाल पहाड़ी की तलहटी में इंतजार कर रहे हैं, और चंद फुट की दूरी पर बकरियों और भेड़ों के झुंडों को लाल पगड़ी वाले रबारी चरवाहे घर की ओर हांके ले जा रहे हैं.  

जवाई में बहुत जंगली शिकार नहीं हैं— कोई हिरण नहीं, बस कुछ नीलगाय, बंदर, मोर और अन्य पक्षी, जंगली सूअर, सेही, छोटी जंगली बिल्लियां हैं. लेकिन यह मवेशियों, भेड़ों, बकरियों और कुत्तों का एक मेन्यू है. जवाई के तेंदुए अपनी मर्जी से इनका शिकार करते हैं और झाड़ियों में फेंके गए मृत मवेशियों को खाते हैं. कुछ जगहों पर तेंदुओं को मार दिया जाता है—बकरियों और भेड़ों की कीमत लगभग 5,000 रुपए है, मवेशियों की कीमत इससे दोगुनी है—लेकिन यहां के ग्रामीण अपने कुछ मवेशियों को एक देवता जैसे प्राणी की खुराक के रूप में छोड़कर खुश होते हैं. 

आज शाम को जिया नहीं दिखी, लेकिन दिव्य डिनर किया है. भवानी मुझे एक अंधेरी विशाल चट्टान के चपटे शिखर पर पहुंचा देते हैं. यहां सितारों के नीचे, हवा, मोमबत्ती की रोशनी वाली मेज और पूरी बार सर्विस के अलावा कुछ भी नहीं है. इसे यह रिजॉर्ट सिग्नेचर डाइनिंग कहता है—वीरान जंगल में लग्जरी डाइनिंग. मैं मिस्टर बख्शी के साथ बातचीत करते हुए गोदावण सिंगल माल्ट (जिसका नाम राजस्थान के लुप्तप्राय राज्य पक्षी ग्रेट इंडियन बस्टर्ड पर रखा गया है) की चुस्की ले रही हूं और इस बीच एक प्राइवेट शेफ और बटलर एक के बाद एक सिकी हुई चीजें खाने की मेज पर पर परोस रहे हैं. मेज पर आठ प्लेटों में सबसे खास मुंह में पिघल जाने वाले मटन का ढेर है. मेज शानदार है, हवा ठंडी है, तारे टिमटिमा रहे हैं. डाइनिंग हो तो ऐसी. 

जहां तक सितारों की बात है तो इस रिजॉर्ट के टेलीस्कोप से साफ रेगिस्तानी आसमान को देखना न भूलें. मुझे यकीन नहीं होता कि मैं वाकई 1.3 अरब किलोमीटर दूर शनि को देख रही हूं—उन छल्लों को, और उसके चंद्रमा टाइटन को!—और 64.3 करोड़ किमी दूर बृहस्पति को—उन पट्टियों को! वेगा तारा 25 प्रकाश वर्ष दूर है, और प्रोसीओन 11.4 प्रकाश वर्ष दूर है. मेरे तो रोंगटे खड़े हो गए हैं.  

इससे पहले कि सुबह में रबारी अपने जानवरों के झुंड को ले जाएं, हम भोर में ही एक रबारी परिवार से मिलने जाते हैं. कोटार बगल गांव के आसपास का परिदृश्य स्वर्णपत्री फूलों से सजा हुआ है. ढाक की सीधी शाखाओं से बनी और सूखे पलाश के पत्तों और तिरपाल से ढकी एक झोपड़ी में, एक महिला लंच के लिए रोटियां बना रही है, और हमारे लिए भी मीठी चाय बनाती है. हमारा परिचय ऊंट किशोर और कुत्ते शेरू से कराया जाता है. मैं एक व्यक्ति से उसके टैटू के बारे में पूछती हूं तो उसके झुर्रीदार चेहरे पर खुशी छा जाती है. वे कहते हैं, ''मैं बहुत सुंदर हुआ करता था. यह बुरी नजर से बचने के लिए था.''

शाम को अचानक बारिश के बीच हम जगताला की ओर ड्राइव करते हैं. यह चट्टानी पहाड़ी नीलम का पसंदीदा ठिकाना है. भवानी ने हमारी गाड़ी को जीपों की भीड़ से दूर पहाड़ी की ओर एक ढलान पर पार्क किया. नब्बे मिनट बीतने के बाद एक शानदार तेंदुआ नमूदार होता है. वह चट्टान की तुलना में थोड़ा अधिक सुनहरा, उभरती हुई मांसपेशियों का समूह है. वह नीलम का शावक और इस इलाके का प्रमुख नर है. वह खड़ा होकर चारों ओर देखता है, जम्हाई लेता है, चट्टान की ओर धीरे-धीरे चलता है और शिखर के ऊपर से गायब हो जाता है. इतने शानदार दृश्य के लिए इतना इंतजार तो बनता ही है. हम रिजॉर्ट में लौटने से पहले सुर्ख लाल सूर्यास्त के वक्त सुंदर जवाई बांध का दौरा करते हैं.

ठहरने के लिए लेक व्यू रूम्स की भी है सुविधा

मैं अपने सफर को सुबह के नेचर वॉक से पूरा करती हूं. वर्गीज जैन सही बता सकते हैं कि मुझे कुछ दूरी पर धब्बा जैसा क्या दिख रहा है. मुझे रोटेला झील में सनबर्ड्स, किंगफिशर, बगुलों, पतेनों या बी-ईटर, सफेद-भुरी टिटहरी, बुलबुल, काले सिर वाली आइबिस, ऐश-क्राउंड स्पैरो लार्क, खूबसूर ग्रे यूरेशियन गर्दन वाले फाख्ते, और ईजेबेल और टाइगर तितलियों को देखने के लिए वर्गीज के मोनोस्कोप की जरूरत है. यहां तक कि एक मगरमच्छ भी थोड़ी देर के ‌लिए अपनी झलक दिखला जाता है. आप जान गए होंगे कि यहां सिर्फ तेंदुए नहीं हैं.   

मैं जवाई और चीतागढ़ वापस आने की इच्छा के साथ लौट रही हूं. वहां आरामदायक कमरे, लजीज खाना, आकर्षक चट्टानें, खूबसूरत कैट्स और उन्हें देखने की भरपूर संभावनाएं हैं. मैं मानती हूं, 95 फीसद संभावना. जरूर जाइए. आपको मलाल नहीं होगा.

ऐसे पहुंचें: जोधपुर एयरपोर्ट से तीन घंटे की ड्राइव, उदयपुर एयरपोर्ट से 2 घंटे 45 मिनट और जवाई बांध रेलवे स्टेशन से 20 मिनट की ड्राइव.

रिजॉर्ट के कमरे: लेक व्यू रूम्स, प्राइवेट गार्डन के साथ शैलो, गर्म पानी के प्राइवेट पूल के साथ शैले और खेमा टेंट. ब्रेकफास्ट, हाई-टी, डिनर और प्रति दिन एक सफारी सबसे लोकप्रिय पैकेज है (ठंड में इनकी कीमत 28,000 रु. से 75,000 रु. और टैक्स हर रात का चार्ज है जो कि रूम की कैटेगरी पर निर्भर है.) 

स्पेशल डाइनिंग: जंगल के माहौल में शेफ और बटलर के साथ सिग्नेचर डाइनिंग (5,000 रुपए और टैक्स से शुरू होकर 10,000 रुपए और टैक्स प्रति व्यक्ति तक). जवाई अंडर द स्काई सिर्फ रात में ही खुलता है जहां आपको लकड़ी की आंच वाला पिज्जा, बारबेक्यू और कुछ खास पास्ता मिलेगा (3,000 रुपए और टैक्स इसका चार्ज है, भोजन और शराब के बदले भुनाना मुमकिन.)

संपर्क: +91-9711119344
cheetahgarh.com

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