स्टाइल शिरोमणि

फैशन की नित बदलती दुनिया में लगातार विकसित होना और आगे बढ़ते रहना जरूरी है. निफ्ट (एनआइएफटी) नई दिल्ली ने दिखाया कि ऐसा कैसे करें.

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्लीनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्लीनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली

भारत के बेस्ट कॉलेज 2023
फैशन डिजाइन

नं. 1 नेशनल इंस्टीट्यूट
ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली

शैली आनंद

नई दिल्ली स्थित भारतीय फैशन संस्थान (एनआइएफटी या निफ्ट) ने 37 साल के अपने वजूद में भारत में फैशन उद्योग की बदलती जरूरतों को पूरा करने की लगातार कोशिश की. उसने ज्ञान के साथ पारंपरिक कलाओं, समकालीन विचार और डिजाइन व टेक्नोलॉजी के नवाचारों का संगम करके ऐसा किया. 1986 में स्थापित यह संस्थान किसी भी अन्य चीज पर अकादमिक उत्कृष्टता को अहमियत देने वाले अपने मूल सिद्धांतों का जीता-जागता प्रमाण है.

संस्था अंडरग्रेजुएशन, पोस्टग्रेजुएशन और डॉक्टरल अध्ययनों में डिग्रियां और सीखने-सिखाने का विश्वस्तरीय माहौल देती है. बीते सालों में इसने कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ हाथ मिलाकर अपने अकादमिक ढांचे को मजबूत किया. वैचारिक नेतृत्व, अनुसंधान को बढ़ावा, उद्योग के प्रति एकाग्रता, रचनात्मक उद्यम, और संगी-साथियों के साथ सीखने में नई जान फूंककर संस्था ने अपनी नींव को और मजबूत बनाया. 

निफ्ट नई दिल्ली सात क्षेत्रों में चार वर्ष के बैचलर प्रोग्राम की पेशकश करता है. ये सात क्षेत्र हैं: एक्सेसरीज डिजाइन, फैशन कम्यूनिकेशन, फैशन डिजाइन, फैशन टेक्नोलॉजी, निटवियर डिजाइन, लेदर डिजाइन, और टेक्सटाइल डिजाइन. यह डिजाइन, फैशन मैनेजमेंट और फैशन टेक्नोलॉजी में दो साल के मास्टर प्रोग्राम के साथ छोटी अवधि के 'कंटिन्यूइंग एजुकेशन’ कोर्स की पेशकश भी करता है.

मौजूदा बैच में करीब 1,288 छात्र भिन्न-भिन्न प्रोग्राम में पढ़ाई कर रहे हैं. निफ्ट नई दिल्ली की कैंपस डायरेक्टर मनीषा किन्नू कहती हैं, ''इन सालों में डिजाइन, मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी की भूमिका और संभावनाएं कई गुना बढ़ी हैं. निफ्ट नई दिल्ली में हमारी निरंतर कोशिश उद्योग से आगे रहने और भारत में फैशन परिदृश्य को रास्ता दिखाने के लिए अगुआ के रूप में कार्य करने की है. मौजूदा और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए पाठ्यक्रम की लगातार समीक्षा की जाती है.’’

उद्योग की बदलती गतिशक्ति के साथ कदमताल करते हुए संस्था ने हाल में मेजर, स्पेशलाइजेशन, माइनर और जनरल इलेक्टिव शुरू किए. अंतरविषयी माइनर में छात्र कई सारे क्षेत्रों के हुनर हासिल कर सकते हैं, जो उनके मेजर के अनुपूरक हो सकते हैं या उन्हें असंबंधित क्षेत्रों में कुछ नया सीखने के लिए प्रेरित कर सकते हैं.

वहीं जनरल इलेक्टिव व्यक्तित्व को संवारने और संचार कौशल, आलोचनात्मक सोच-विचार या पेशेवर नीतिशास्त्र सरीखे विशिष्ट क्षेत्रों में रुचियां विकसित करने में छात्रों की मदद करते हैं. फैशन से जुड़े लेखन, शोध और प्रकाशन में बढ़ते अवसरों को ध्यान में रखते हुए फैशन कम्यूनिकेशन का कोर्स भी शुरू किया गया है. इसके अलावा क्राफ्ट क्लस्टर पहल, जो छात्रों को भारत में शिल्पकारी के क्षेत्र के कामकाज के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयत्न करती है, मुख्य पाठ्यक्रम के साथ जोड़ दी गई है.

प्रस्तुत सारे प्रोग्राम में जोर इस पर दिया जाता है कि क्लासरूम प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप के जरिए छात्रों का उद्योग के साथ मेलजोल बढ़े. हफ्ते में 25 संपर्क घंटों के साथ स्टूडियो में प्रैक्टिस और स्व-अध्ययन करने के लिए काफी वक्त होता है. संस्थान ग्रेजुएशन कर रहे छात्रों के लिए हर साल प्लेसमेंट सप्ताह का आयोजन करता है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय फर्म सहित कई संगठन कैंपस का दौरा करते हैं.

निफ्ट नई दिल्ली उद्योग से जुड़े और सरकारी प्रोजेक्ट्सर में लगातार योगदान देता है. हाल के ऐसे प्रोजेक्ट्सव में भारतीय सेना की कॉम्बैट यूनिफॉर्म का कायाकल्प, भारतीय समर्पित मालढुलाई गलियारा निगम लिमिटेड (डीएफसीसीआइएल) के कर्मचारियों की यूनिफॉर्म डिजाइन करना, बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लेने वाले भारतीय एथलीटों के लिए मानक यूनिफॉर्म नए सिरे से बनाने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण के साथ काम करना, और 50वीं वर्षगांठ के समारोहों के डिजाइन विकसित करने के लिए यूके के मॉनसून ब्रांड के साथ मिलकर काम करना शामिल है. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय का प्रोजेक्ट खादी उत्कृष्टता केंद्र भी इसी संस्थान के कैंपस में है.

इस संस्थान के कई छात्रों और शिक्षकों ने हमलावर को कम वोल्टेज का बिजली का झटका देने वाली महिलाओं की 'स्मार्ट डीफेंस’ जैकेट सरीखे स्मार्ट पहनावों से लेकर सिलाई मशीन में सुई बदलने की प्रणाली या सिंगल पीस फ्लैट स्प्रिंग प्रेशर फुट प्रणाली सरीखे मशीनी नवाचारों तक कई आविष्कारों की अगुआई की. संस्था नई और उभरती टेक्नोलॉजी के मामले में भी हमेशा वक्त से आगे रहा. इसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) व मेकैट्रॉनिक्स, ऑग्मेंटेड रियलिटी (एआर), वर्चुअल एक्सपीरिएंस डिजाइन, स्मार्ट टेक्सटाइल/वियरेबल के साथ ही बिग डेटा और बिजनेस एनैलिटिक्स को अपने अकादमिक ढांचे के हिस्से के रूप में तुरत-फुरत अपना लिया.

फैशन के बदलते रूपों की तरह ही बदलते वक्त और उसके साथ आने वाली चुनौतियों को गले लगाना निफ्ट के स्वभाव में है. इसीलिए हैरानी नहीं कि कोविड-19 की महामारी के दौरान संकाय के कई सदस्यों ने विभिन्न वैश्विक प्रदाताओं की तरफ से पेश किए जा रहे नए हुनर सीखने के लिए संबंधित मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स (एमओओसी) का सहारा लिया. छात्रों को भारत की दस्तकारी की धरोहर से परिचित करवाने के लिए अजरख ब्लॉक प्रिंटिंग, बाघ हैंडबुक प्रिंटिंग, पटोला बुनाई, धातु कशीदाकारी, गोटा पट्टी कशीदाकारी और दरी बुनाई से जुड़े प्रतिष्ठित दस्तकारों के वर्चुअल शिल्पकला प्रदर्शन आयोजित किए गए.

फैशन के हलकों में अब सततता या टिकाऊपन की अवधारणा जोर पकड़ रही है और इसलिए शून्य कचरा डिजाइनिंग व मैन्युफैक्चरिंग, और अपसाइक्लिंग यानी कचरे से उच्च मूल्य और गुणवत्ता के उत्पाद बनाने की कला अब संस्था के अकादमिक विजन का हिस्सा है. पिछले साल संस्था ने हरित कैंपस विकसित करने के लिए बिजली के संरक्षण, जल संरक्षण और वर्षाजल के संचय सरीखे उपाय शुरू किए. ऊर्जा की बचत और परिसरों को ठंडा रखने के लिए कैंपस की नई इमारत का अगला हिस्सा कांच से बना है और इसमें विस्तृत कचरा और जल प्रबंधन प्रणालियां भी हैं.

‘‘निकट का लक्ष्य है अपनी श्रेष्ठता बरकरार रखना और इस लक्ष्य से हम कतई समझौता नहीं करते. बीते बरसों में डिजाइन, मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी का दायरा बढ़ने के साथ इसकी संभावनाएं भी कई गुना बढ़ गई हैं. हमारा लक्ष्य है फैशन की दुनिया का ऐसे ही नेतृत्व करते रहना’’
मनीषा किन्नू, कैंपस डायरेक्टर, निफ्ट दिल्ली

नए ट्रेंड
निफ्ट दिल्ली ने एआइ, वीआर, मेकैट्रॉनिक्स, स्मार्ट टेक्सटाइल जैसी नई और आधुनिक टेक्नोलॉजी को खुली बाहों से अपनाते हुए अपनी अकादमिक रूपरेखा में शामिल किया है
कोविड 19 महामारी के दौरान कई फैकल्टी मेंबरों ने मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज के जरिए वैश्विक संस्थानों से कई नई स्किल सीखीं

पूर्व छात्रा की राय
‘‘मैंने साल 2000 में निफ्ट दिल्ली से ग्रेजुएशन पूरा किया और 2018-19 में बोर्ड का हिस्सा रही. इस कॉलेज ने फैशन के प्रति मेरे नजरिए को कई तरीकों से प्रभावित किया. यहां की सबसे अच्छी बात यह है कि यहां अकादमिक ज्ञान और व्यावहारिकता पर बराबर जोर दिया जाता है’’
अनविला मिश्रा, फैशन डिजाइनर

छात्रा की राय
‘‘निफ्ट दिल्ली में रहना आपको यह समझने में मदद करता है कि आप क्या बनना चाहते हैं. हमें अभिव्यक्ति की आजादी मिली है. यहां हर परिवेश से आने वाले स्टूडेंट को स्वीकारा गया है’’
सौम्या शर्मा 8वां सेमेस्टर, बैचलर ऑफ, फैशन डिजाइन

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