प्रतिभाओं का पालना

विज्ञान की पढ़ाई के लिए हिंदू कॉलेज ही सबसे पसंदीदा संस्थान है, और इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि इसने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के साथ टाइ-अप कर रखा है

हिंदू कॉलेजः पसंदीदा संस्थानों में से एक में छात्राएं
हिंदू कॉलेजः पसंदीदा संस्थानों में से एक में छात्राएं

भारत के बेस्ट कॉलेज 2023 : साइंस

नं. 1 हिंदू कॉलेज, नई दिल्ली

शैली आनंद

अपनी कड़ी मेहनत, अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ प्रयोग और लीक से हटकर सोचने की इच्छाशक्ति की बदौलत ही कोई शिक्षण संस्थान शीर्ष स्थान पर जगह बना पाता है. यह सब तब और भी मायने रखता है जब देश का उच्च शिक्षा क्षेत्र साल दर साल और अधिक प्रतिस्पर्धी होता जा रहा है. ऐसा लगता है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज के लिए उत्कृष्टता मामले में शीर्ष पर रहना और छात्रों के बीच वैज्ञानिक सोच को विकसित करना किसी अपवाद के बजाए एक मानक बन चुका है. 

महामारी के बाद जबसे कॉलेज खुला है तो कैंपस और कक्षाओं में एक अलग ही तरह का उत्साह नजर आता है और फैकल्टी तथा छात्र दोनों साथ मिलकर काम कर रहे हैं. छात्रों की उत्कृष्टता के लिए फैकल्टी अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देती है, और यह कोलैबरेशन, रिसर्च इनीशिएटिव और टाइ-अप की संख्या से स्पष्ट तौर पर जाहिर भी है. यह कॉलेज दिल्ली यूनिवर्सिटी के तहत आने वाले सबसे पसंदीदा संस्थानों में से एक है, और यहां बीएससी (ऑनर्स) फिजिक्स और बीएससी (ऑनर्स) केमिस्ट्री प्रोग्राम के लिए आवेदन करने वालों की संख्या सबसे ज्यादा होती है. दुनियाभर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के अलावा उद्योगों के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करार होना भी इस संस्थान के प्रति छात्रों के आकर्षण की एक बड़ी वजह है. हाल ही में, ब्रिटिश काउंसिल की तरफ से कॉलेज को बेहद प्रतिष्ठित 'गोइंग ग्लोबल एक्सप्लोरेटरी पार्टनरशिप' ग्रांट प्रदान की गई है. यॉर्क यूनिवर्सिटी, यूके, लद्दाख यूनिवर्सिटी और दिल्ली यूनिवर्सिटी के साथ कोलैबरेशन के तहत यह अनुदान 'ग्रीन केमिस्ट्री एजुकेशन टुडे फॉर अ बेटर टुमॉरो' प्रोजेक्ट के लिए दिया गया है. इसने अनुदान शर्तों (पाठ्यक्रम डिजाइनिंग आदि) में शामिल अनिवार्य गतिविधियों के पहले दौर को पूरा करके अधिक धन के लिए आवेदन की अर्हता हासिल कर ली है, जो छात्रों के एक-दूसरे के देशों में जाकर पढ़ने में सहायक होगा.

हिंदू कॉलेज में अभी जिन विषयों की सबसे ज्यादा मांग है, उनमें ग्रीन केमिस्ट्री, सस्टेनेबिलिटी और क्लाइमेट चेंज सबसे प्रमुख हैं. एक व्यापक धारणा है कि ग्रीन केमिस्ट्री पर्यावरणीय संतुलन के लिए सबसे महत्वपूर्ण साधन है, खासकर यह देखते हुए कि संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न सदस्यों की तरफ से निर्धारित साल 2030 के लक्ष्य के तहत 17 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने के लिए अब महज कुछ साल ही बचे हैं. इसी दिशा में एक अहम कदम बढ़ाते हुए हिंदू कॉलेज के ग्रीन केमिस्ट्री नेटवर्क सेंटर ने 'सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने का कौशल विकसित करने' पर एक सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया था. वहीं, संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से 'नेचर-बेस्ड सॉल्यूशन्स ऐंड क्लाइमेट चेंज मिटिगेशन' विषय पर एक वर्कशॉप भी आयोजित की गई.

कॉलेज ने परफ्यूम कंपनी अल्ट्रा इंटरनेशनल लिमिटेड—जिसके तहत 'फ्रेग्रेंस ऐंड परफ्यूमरी लैब' स्थापित की गई—के अलावा उपभोक्ता वस्तुओं की दिग्गज कंपनी रेकिट बेंकिजर लिमिटेड के साथ भी मजबूत कोलैबरेशन कर रखा है. यही नहीं, यह रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री, यूके के सहयोग से वर्कशॉप और ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चला रहा है. हिंदू कॉलेज की प्रिंसिपल अंजू श्रीवास्तव कहती हैं, ''पीएमआरएफ (प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप) के तहत आइआइटी दिल्ली के सहयोग से कई उन्नत पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं जिनमें सैद्धांतिक अध्ययन के साथ-साथ रिसर्च भी शामिल है. वे सभी बेहद सफल साबित हो रहे हैं.'' इसमें फैकल्टी और छात्रों के लिए विभिन्न सलाहकारों और पीएमआरएफ स्कॉलर्स के साथ संवाद सत्रों का आयोजन भी शामिल है.

कॉलेज की तरफ से छात्र-केंद्रित कई पहल की जा रही हैं जैसे एक्सटेंशन ऐक्टिविटीज (सामुदायिक कार्यों पर जोर के साथ), सर्दियों और गर्मियों में चलने वाले ट्रेनिंग प्रोग्राम तथा इंटर्नशिप, और रिसर्च के लिए छात्रों को फील्ड और दौरों पर भेजना. कॉलेज अपशिष्ट जल शोधन और पर्यावरण से जुड़ी अन्य चिंताओं के मद्देनजर विभिन्न रिसर्च प्रोजेक्ट भी चलाता है, जिसके लिए फंड डीएसटी (विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग), डीबीटी (जैव प्रौद्योगिकी विभाग), डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन), आइसीएसएसआर (भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद) और इग्नाइट आइएनसी., यूएस आदि की तरफ से दिया जाता है.

श्रीवास्तव कहती हैं, ''सीखने-समझने में कहां किस तरह की मुश्किल आ रही है, यह पता लगाने के लिए रीमेडियल क्लासेज भी आयोजित की जाती हैं. ये मुश्किलें सामान्य कक्षा में कराई जाने वाली पढ़ाई में छात्र की प्रगति में बाधक बन सकती हैं.'' छात्रों को कॉलेज काउंसलर निजी तौर पर परामर्श प्रदान करते हैं, साथ ही उनके शिक्षक भी लगातार मार्गदर्शन करते रहते हैं.

हिंदू कॉलेज ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की राष्ट्रीय नवाचार और स्टार्ट-अप नीति के तहत आइओएनयूवीए इनोवेशन स्टार्ट-अप लॉन्च किया है. और साथ ही, उसने नेचुरल साइंस और इंजीनियरिंग में रिसर्च तथा एक्सपेरिमेंट पर फोकस करने वाले स्टार्ट-अप टीआरआइ के साथ अनुसंधान सहयोग के लिए करार भी किया है.

कॉलेज में अत्याधुनिक उपकरणों से लैस एक पूर्ण रिसर्च सेंटर स्थापित किया गया है, जो कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में अपनी तरह का पहला केंद्र है. पिछले साल भी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में फैकल्टी सदस्यों के प्रभावशाली और बहुत जगहों पर उद्धृत पेपर (उच्चतम इम्पैक्ट फैक्टर 60.2 के साथ) प्रकाशित हुए हैं.

गुरु वाणी

''हमारे छात्र-छात्राओं को अनुभवजन्य पढ़ाई के काफी अवसर मिलते हैं. उन्हें एक्सपोजर देने के लिए सेमिनार, वर्कशॉप और कॉन्फ्रेंस के जरिए विशेषज्ञों से संवाद हमारी रणनीति में शामिल हैं'' 
अंजू श्रीवास्तव, प्रिंसिपल, हिंदू कॉलेज

पूर्व छात्रा की राय

''हिदू कॉलेज ऐसी जीवंत जगह है, जहां हमेशा कुछ न कुछ एक्टिविटी होती रहती हैं. नुक्कड़ नाटक और फेस्ट यहां की दिलचस्प गतिविधियों में शुमार हैं. यहां कैंपस प्लेसमेंट में मेरा न केवल सेलेक्शन हुआ, बल्कि मेरे कम्युनिकेशन स्किल को काफी सराहना मिली. कॉलेज में बिताए साल मेरे जीवन का सबसे अच्छा वक्त था, जब मैंने बहुत कुछ सीखा और खुद को विकसित किया'' 
अनु कुमारी, आइएएस, यूपीएससी टॉपर 2017 बीएससी (ऑनर्स), फिजिक्स
बैच 2003-06

छात्रा की राय

''अगर आप हिंदू कॉलेज जैसे संस्थान में पढ़ रहे हैं, तो सीधा मतलब है कि आप पढ़ते, बढ़ते हैं, खुद को विकसित करते हैं और अपने-आप को बेहतर रूप में ढाल लेते हैं. असल में यहां पढऩा कहीं अधिक रोमांचक अनुभव होता है. कॉलेज में क्लब और सोसाइटीज के अलावा भी कई सारी एक्स्ट्राकरिकुलर एक्टिविटीज होती हैं'' 
समीक्षा, बीएससी (केमिस्ट्री), 2023 पासआउट बैच

ट्रेंड में क्या है
ग्रीन केमिस्ट्री
खतरनाक पदार्थों का उत्पादन घटाने या खत्म करने वाले रासायनिक उत्पादों और प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करना, क्योंकि यह पर्यावरणीय संतुलन साधने के लिहाज से बहुत मायने रखता है, तथा खासकर ऐसे समय और भी ज्यादा जरूरी हो गया है जब पूरी दुनिया एक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण की दिशा में काम कर रही है

सस्टेनेबिलिटी
कॉलेज में 'एबिलिटी एनहांसमेंट इन एनवायरनमेंटल साइंस' एक अनिवार्य पाठ्यक्रम है जो कि संतुलित विकास यानी सस्टेनेबिलिटी एनहांसमेंट प्रोग्राम का हिस्सा है

जलवायु परिवर्तन
हमने पिछले कुछ साल में जो कुछ भी हासिल किया है, उस पर ग्लोबल वार्मिंग के कारण मंडराते खतरे के मद्देनजर कॉलेज ने हाल में संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से 'नेचर-बेस्ड सॉल्यूशन्स ऐंड क्लाइमेट चेंज मिटिगेशन' विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन भी किया
 

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