पावर प्ले का खिलाड़ी
शहर की बिजली वितरण कंपनी सीईएससी की बेरहम लोड-शेडिंग जो शुरू हो गई थी. गोयनका ने कसम खाई कि वे इसका समाधान खोजकर रहेंगे.

ऊंचे और असरदार : रसूखदार
23. संजीव गोयनका, 62 वर्ष
चेयरपर्सन, आरपी संजीव गोयनका ग्रुप
क्योंकि उनके समूह के हित कार्बन ब्लैक, बिजली, आइटी, खुदरा उत्पाद, मीडिया और मनोरंजन से लेकर खेल, शिक्षा और बुनियादी ढांचे तक बहुत सारे क्षेत्रों में फैले हैं. रिपोर्टें कहती हैं कि वित्त वर्ष 2022-23 में समूह का कुल राजस्व 32,000 करोड़ रुपए से ज्यादा था
क्योंकि गौतम अदाणी से ज्यादा बोली लगाकर 7,090 करोड़ रुपए की प्रतिबद्धता के साथ लखनऊ आइपीएल फ्रेंचाइजी लेने के बाद अब वे एक और स्पोर्ट्स टीम के मालिक हैं. फुटबॉल टीम—आइएसएल चैंपियन और नए नाम से सुशोभित मोहन बागान सुपर जायंट्स—उनके पास पहले से है
आ गई बिजली 1980 के दशक में गोयनका पार्क स्ट्रीट में दोस्तों के साथ अड्डेबाजी कर रहे थे कि तभी बिजली चली गई, शहर की बिजली वितरण कंपनी सीईएससी की बेरहम लोड-शेडिंग जो शुरू हो गई थी. गोयनका ने कसम खाई कि वे इसका समाधान खोजकर रहेंगे.
सीईएससी 1990 तक समूह की कंपनी बन गई और 2000 का पहला दशक आते-आते कोलकाता को लोड-शेडिंग से निजात मिल गई
क्योंकि अनूठी शख्सियत वाले गोयनका कोलकाता की सांस्कृतिक धरोहर और उसके संरक्षण के चैंपियन रहे हैं.
समूह के मुख्यालय सीईएससी हाउस का जीर्णोद्धार इसकी मिसाल है. 1933 में आर्ट डेको शैली में बनी इस इमारत को पहले विक्टोरिया हाउस के नाम से जाना जाता था और गोयनका के कला संग्रह का बड़ा हिस्सा इसी में रखा है. वे कला के बड़े कद्रदान हैं और देश में मिनिएचर मुगल पेंटिंग के एक सबसे बड़े संग्रह के मालिक भी.