सबके मददगार

वे सरकारी 'ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स’ से भी जुड़े हुए थे, जिसका मकसद भारतीय खुदरा विक्रेताओं को अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स की बड़ी कंपनियों से बचाना है.

नंदन नीलेकणि
नंदन नीलेकणि

ऊंचे और असरदार : रसूखदार

12 नंदन नीलेकणि, 67 वर्ष 
सह-संस्थापक और गैर-कार्यकारी अध्यक्ष, इन्फोसिस

क्योंकि वे यूपीआइ, आधार, ई-केवाइसी और फास्टैग जैसे देश के डिजिटल प्लेटफॉर्म की अवधारणा और अमल की प्रक्रिया के अगुआ हैं. उन्होंने जीएसटी और आयुष्मान भारत योजना के लिए आइटी इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में भी सरकार की मदद की. वे किसी भी पार्टी की सरकार के लिए टेक्नोलॉजी के मोर्चे पर संकटमोचन हैं

क्योंकि उन्होंने बेकन प्रोटोकॉल लॉन्च करने में भी अहम भूमिका निभाई, जो अब ई-कॉमर्स, मोबिलिटी और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लागू है. वे सरकारी 'ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स’ से भी जुड़े हुए थे, जिसका मकसद भारतीय खुदरा विक्रेताओं को अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स की बड़ी कंपनियों से बचाना है.

वे आइआइटी मद्रास को ओपन सोर्स वाली आर्टिफिशियल (एआइ) पहल ए14भारत को 22 भारतीय भाषाओं में तैयार करने में भी मदद कर रहे हैं

व्हाट्सऐप! बला है टेक क्षेत्र में अग्रणी होने के बावजूद नीलेकणि व्हाट्सऐप का इस्तेमाल नहीं करते

क्योंकि अदाणी समूह के खिलाफ हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से बनाई गई कमेटी से लेकर जी-20 टास्क फोर्स  के सदस्य होने के मायने हैं कि उनकी राय खासी अहमियत रखती है और लगातार मांगी जाती है.

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