दवा क्षेत्र की दिग्गज

बायोकान बायोलॉजिक्स के वित्त वर्ष 2022-23 में एक अरब डॉलर राजस्व का आंकड़ा पार करने के साथ अब बायोसिमिलर उनके कारोबार को नई ऊंचाई पर पहुंचाएगा.

किरण मजूमदार शॉ
किरण मजूमदार शॉ

ऊंचे और असरदार : रसूखदार

31 किरण मजूमदार शॉ, 70 वर्ष
किरण मजूमदार शॉ, बायोकॉन

क्योंकि बायोकॉन की कमान संभाल रहीं पहली पीढ़ी की उद्यमी और भारत की पहली सेल्फ-मेड महिला अरबपति किरण मजूमदार शॉ जैव प्रौद्योगिकी में लगातार अग्रणी योगदान दे रही हैं और डायबिटीज, कैंसर और ऑटोइम्यून बीमारियों की सस्ती दवाओं तक लोगों की पहुंच को भी उन्होंने आसान बनाया है

क्योंकि शासन-प्रशासन और नीतिगत मुद्दों के साथ-साथ नागरिक सक्रियता में भी वे काफी मुखर रही हैं. सितंबर 2022 में बेंगलूरू की बाढ़ के बाद उनका सुझाव था कि अवैध निर्माण में बेतहाशा वृद्धि के लिए महानगर के लचर नागरिक निकायों को दंडित किया जाना चाहिए और इससे मिले पैसे का इस्तेमाल पानी की निकासी के लिए नहरें बनाने में किया
जाना चाहिए 

अग्रिम पंक्ति में: कैंसर का नवीनतम इलाज भारत में मुहैया कराने के लिए उन्होंने लेखक-ऑंकोलॉजिस्ट सिद्धार्थ मुखर्जी के साथ मिलकर एक क्लि‌निकल स्टेज स्टार्ट अप इम्युनील थेरेप्यूटिक्स की स्थापना की

क्योंकि आर्थिक स्थिति की बात करें तो बायोकॉन की सेहत काफी अच्छी है. वित्त वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही (अक्तूबर-दिसंबर) में शुद्ध राजस्व वित्त वर्ष 2021-22 के 2,223 करोड़ रुपए की तुलना में 36 फीसद बढ़कर 3,020 करोड़ रुपए हो गया

क्योंकि बायोकान बायोलॉजिक्स के वित्त वर्ष 2022-23 में एक अरब डॉलर राजस्व का आंकड़ा पार करने के साथ अब बायोसिमिलर उनके कारोबार को नई ऊंचाई पर पहुंचाएगा. नवंबर 2022 में तीन अरब डॉलर में पार्टनर वियाट्रिस के ग्लोबल बायोसिमिलर बिजनेस का अधिग्रहण इसे हासिल करने में उनके लिए मददगार साबित होगा.

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