कंप्यूटर को बनाया सेवा का उपक्रम

उनकी धर्मार्थ संस्था शिव नाडर फाउंडेशन तमिलनाडु के तूतुकुडी जिले में 128 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास को फंड मुहैया करा रही है.

शिव नाडर और रोशनी नाडर मल्होत्रा
शिव नाडर और रोशनी नाडर मल्होत्रा

ऊंचे और असरदार : रसूखदार

13. शिव नाडर, 77 वर्ष 
शिव नाडर, एचसीएल ग्रुप

रोशनी नाडर मल्होत्रा, 41 वर्ष

चेयरपर्सन, एचसीएल टेक

क्योंकि शिव नाडर और उनकी बेटी रोशनी नाडर मल्होत्रा ने एचसीएल की कमाई वित्त वर्ष ’23 में 1 लाख  करोड़ रु. दर्ज कराई. करीब 3 लाख करोड़ रु. के एम-कैप के साथ यह बहुराष्ट्रीय आइटी सर्विसेज कंपनी देश में 10 आला आइटी कंपनियों में शुमार है

क्योंकि नाडर परिवार ने शिक्षा, दान और कला के क्षेत्र में अच्छा खासा निवेश किया है. शिव नाडर यूनिवर्सिटी को सरकार के इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस का दर्जा हासिल है. उनकी धर्मार्थ संस्था शिव नाडर फाउंडेशन तमिलनाडु के तूतुकुडी जिले में 128 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास को फंड मुहैया करा रही है.

फाउंडेशन वहां सरकारी एजेंसियों की मदद से स्वास्थ्य सेवा और पीने के पानी की सुविधाएं भी तैयार कर रहा है. रोशनी का प्रिय प्रोजेक्ट विद्याज्ञान उत्तर प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर तथा मेधावी छात्रों के लिए लीडरशिप एकेडमी है.

उनके किरण नाडर म्युजियम ऑफ आर्ट ने दिल्ली में 10,000 वर्ग मीटर में बनने वाली भव्य इमारत का मॉडल पेश किया है, जिसमें उनके बढ़ते संग्रह की तकरीबन 10,000 कलाकृतियों को रखा जाएगा

क्योंकि शिव और रोशनी आखिरी कोने तक डिजिटल पहुंच और सार्वजनिक सेवाओं के डिजिटाइजेशन की सभी सरकारी कोशिशों की देखरेख कर रहे हैं

जादूगर शिव नाडर को उनके दोस्त और समकालीन लोग 'मैगस’ (जादूगर) नाम से पुकारते हैं.

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