विशेषांकः मेरी खुशी रिश्तों से जुड़ी है
मैं ध्यान की मनोदशा में प्रेक्षकों या श्रोताओं में मुस्कराहटें देखती हूं या उनकी 'वाह-वाह' सुनती हूं, तो मुझे खुशी मिलती है

मेरी खुशी रिश्तों से जुड़ी है. गायक होने के नाते सबसे पहले मैं जब गाती हूं तो अपने प्रेक्षकों के साथ संगीत का आनंद साझा करती हूं. जब मैं ध्यान की मनोदशा में प्रेक्षकों या श्रोताओं में मुस्कराहटें देखती हूं या उनकी 'वाह-वाह' सुनती हूं, तो मुझे खुशी मिलती है. दूसरे, अच्छे रिश्ते और हरेक को क्षमा खुशी का चट्टानी आधार है''
अरुणा साईराम, कर्नाटकी गायक और संगीतकार
''महामारी ने हमें अपने परिवार और दोस्तों से जुड़े रहने और उनका ख्याल रखने की अहमियत सिखाई. मैं मानता हूं कि खुशी ऐसी चीज है जिसे वर्तमान में जीना और अनुभव करना होता है. जब से घर मानव जीवन का प्रधान हिस्सा बन गए, हमने जगहों और घरों को डिजाइन करना शुरू किया है.
कपड़ों के साथ हम होम फर्निशिंग, साजो-सामान और टेक्सटाइल भी डिजाइन कर रहे हैं. हम घर की जगहों को कुछ ज्यादा सुखद, आरामदायक और खुशी से ओतप्रोत बनाने की कोशिश कर रहे हैं''
नवनील दास, फैशन डिजाइनर
''खुशी आत्म-बोध की दिशा में एक सतत यात्रा है. यह अपना जीवन जीने का सच्चा अर्थ और मूल्य पाने की तलाश है. इस यात्रा में कोई समझौता नहीं है, क्योंकि खुद अपनी शर्तों पर जीवन जीना खुशी का सच्चा सार है. यह उन चीजों को करने से मिलती है जिन्हें आप उचित समझते हैं.
यह नैतिक उद्यम नहीं बल्कि अपनी जिंदगी को दूसरों के लिए सार्थक बनाने की अनवरत प्रक्रिया है. मैं यह उद्देश्य प्राप्त कर सकता हूं या नहीं, यह सबसे अहम नहीं है. मुझे खुशी इस बात से मिलती है कि मैं खालिस ईमानदारी से इस यात्रा में हूं. अगर यह ईमानदार यात्रा है तो मेरे काम और जीवन के संपर्क में आने वाले हर किसी को इससे आनंद मिलेगा''
रंजन गोगोई, भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश