विशेषांकः एंबुलेंस का शानदार बेड़ा
मुंबई में निजी एंबुलेंस के सबसे बड़े बेड़े के साथ हेल्पनाउ का लक्ष्य हर वर्ग के लोगों की मदद करना है

तीन साल पहले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी), बॉम्बे के छात्र आदित्य मक्कड़ को अपने पिता के लिए एक एंबुलेंस खोजने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जिन्हें दिल का दौरा पड़ा था. जब तक उन्हें एंबुलेंस मिली मक्कड़ और उनका परिवार मानसिक पीड़ा में थे.
इस घटना ने मक्कड़ को एक किफायती एंबुलेंस सेवा शुरू करने के लिए प्रेरित किया. इसलिए 2019 में अपने सहपाठी शिखर अग्रवाल और एक सीनियर वेंकटेश अमृतवार के साथ मक्कड़ ने एंबुलेंस एग्रीगेटर हेल्पनाउ को लॉन्च किया. यह अब मुंबई के निजी एंबुलेंस का सबसे बड़ा नेटवर्क बन गया है.
हेल्पनाउ ने अपनी शुरुआत के बाद से करीब 30,000 लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की है. अग्रवाल कहते हैं, ''हमने अपने देश में एंबुलेंस परिदृश्य पर शोध किया था और यह जानकर हैरान रह गए कि एक एंबुलेंस को एक मरीज तक पहुंचने में औसतन 50 मिनट लगते हैं.'' मुंबई में अपने बेड़े में 350 एंबुलेंस वाहनों के साथ हेल्पनाउ शहर का सबसे बड़ा निजी एंबुलेंस प्रदाता है. चार महीने पहले इसने अपनी सेवाओं का विस्तार पुणे, दिल्ली और बेंगलूरू में भी किया है.
हेल्पनाउ के कॉल सेंटर में आमतौर पर रोज लगभग 500 फोन आते हैं, लेकिन भारत में कोविड की दूसरी लहर के बीच कॉल सेंटर अप्रैल से हर दिन लगभग 2,000 कॉल आ रही हैं. हेल्पनाउ के अग्रवाल का मानना है कि दान की शुरुआत घर से होती है. हालांकि खर्च वहन करने में सक्षम लोगों के लिए शुल्क 500-4,000 रुपऐ (अन्य सेवाओं की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत कम) के बीच है लेकिन वे गरीबों को मुफ्त में भी एंबुलेंस सेवा प्रदान करते हैं.