विशेषांकः समृद्धि के राजमार्ग 

महामारी के बाद की अर्थव्यवस्था में इन्फ्रास्ट्रक्चर की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होगी

नया रास्ता  अरुणाचल प्रदेश में 2016 में निर्मित नया राजमार्ग
नया रास्ता  अरुणाचल प्रदेश में 2016 में निर्मित नया राजमार्ग

71 वर्ष गणतंत्र के / इन्फ्रास्ट्रक्चर / सड़क

भारत 2030 तक 100 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की इच्छा रखता है, और उस महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए बुनियादी ढांचा एक अहम कारक होगा. भारत में 1951 में 4,00,000 किमी सड़कें थीं जो अब 2017 तक 58,97,671 किमी हो गई हैं. हमारे पास अमेरिका के बाद आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क है.

चाहे 1990 के दशक में शुरू स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना हो या फिर आर्थिक गलियारों, इंटर कॉरिडोर, फीडर मार्गों और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विकास की परिकल्पना के साथ 2017 में शुरू भारतमाला योजना, देश के विभिन्न भूभागों को एक सूत्र में पिरोने का कार्य निरंतर जारी है.

केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अगले पांच साल में 60,000 किमी सड़कों के विकास का लक्ष्य रखा है. राजमार्ग निर्माण की दर 32 किमी से बढ़ाकर 40 किमी रोज तक करने का लक्ष्य है.

समृद्धि के राजमार्ग

सरकार ने नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन के तहत वित्त वर्ष 2019-25 के लिए 111 लाख करोड़ रु. का आवंटन किया है और इस तरह पूंजीगत व्यय का 18 फीसद सड़क क्षेत्र को समर्पित है. बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल को कुछ परियोजनाओं के लिए पुनर्जीवित किया जाएगा, पर लक्ष्यों को देखते हुए सरकार को नए मॉडल के बारे में सोचना होगा.

सड़कों और नौ-परिवहन में कॉर्पोरेट निवेश के बढऩे की उम्मीद है. डिपार्टमेंट ऑफ प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री ऐंड इंटर्नल ट्रेड के आंकड़ों के अनुसार, निर्माण विकास क्षेत्र ने अप्रैल 2000 और मार्च 2020 के बीच 25,000 करोड़ रु. के प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी निवेश को आकर्षित किया. 

75 वें वर्ष का एजेंडा
नई सड़कों को कैसे फाइनेंस किया जाएगा, सरकार को इस पर नए सिरे से विचार की जरूरत है. फर्में पैसे की भारी किल्लत से जूझ रही हैं. सरकार को सड़क ठेकेदारों और वेंडरों के लंबित बिल फौरन भुगतान करने चाहिए

पीपीपी मॉडल को मजबूत करने के लिए केलकर समिति की सिफारिशें जल्द लागू की जाएं.

भूमि-अधिग्रहण में देरी से निबटना होगा.

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